
दिल्ली-एनसीआर में पिछले कई दिनों से पड़ रही भीषण गर्मी ने आम जीवन को मुश्किल बना दिया है। दोपहर के समय तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंच रहा है, जबकि मौसम विभाग ने हीटवेव की ऑरेंज अलर्ट जारी कर दिया है। तेज धूप और लू की गर्म हवाओं के बीच स्कूल जाने वाले बच्चों का स्वास्थ्य सबसे ज्यादा खतरे में है।
अभिभावक चिंतित हैं और शिक्षा विभाग से गर्मियों की छुट्टियों को जल्द शुरू करने की मांग तेज हो गई है। दिल्ली के स्कूल शिक्षा निदेशालय (DoE) ने अभी तक 2026-27 सत्र के लिए आधिकारिक तारीख घोषित नहीं की है, लेकिन पिछले पैटर्न के आधार पर 11 मई से छुट्टियों की उम्मीद है।
गर्मी का असर और अभिभावकों की चिंता
इस साल गर्मी असामान्य रूप से तीव्र है। मेरठ सहित उत्तर प्रदेश के आसपास के इलाकों में तापमान 39 डिग्री से ऊपर है, जो दिल्ली के लिए भी चेतावनी का संकेत है। मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, मई के पहले सप्ताह तक हीटवेव का दौर जारी रह सकता है। इसी कारण अभिभावक सोशल मीडिया पर #EarlySchoolHolidaysDelhi जैसे हैशटैग ट्रेंड करा रहे हैं। एक मां ने बताया, “मेरा 8 साल का बेटा रोज स्कूल से लौटते ही थकान और सिरदर्द की शिकायत करता है। छोटे बच्चों के लिए यह गर्मी असहनीय है।” इसी तरह, कई पिता ऑनलाइन कक्षाओं का सुझाव दे रहे हैं ताकि बच्चे घर पर सुरक्षित रहें।
छुट्टियों की संभावित तारीखें
दिल्ली के सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूलों में गर्मियों की छुट्टियां पारंपरिक रूप से मई के दूसरे या तीसरे सप्ताह से शुरू होती हैं। 2025-26 सत्र में यह 11 मई से 30 जून तक चली थीं, जिसमें छात्रों को करीब 50 दिनों की राहत मिली। शिक्षकों को 28 जून से रिपोर्टिंग करनी पड़ती है। शिक्षा विभाग की वेबसाइट edudel.nic.in पर जारी वार्षिक कैलेंडर के अनुसार, 2026 के लिए भी यही शेड्यूल संभावित है। हालांकि, अगर तापमान 45 डिग्री से अधिक बना रहता है, तो प्रशासन छुट्टियों को एक सप्ताह पहले शुरू कर सकता है, जैसा कि ओडिशा में 27 अप्रैल से हो चुका है।
स्कूल टाइमिंग में बदलाव
गर्मी से निपटने के लिए शिक्षा विभाग ने पहले ही स्कूल टाइमिंग में बदलाव के निर्देश जारी कर दिए हैं। दिल्ली के कई जिलों जैसे नई दिल्ली, सेंट्रल, ईस्ट और एनसीआर के नोएडा-गुरुग्राम में स्कूल सुबह 7:30 बजे खुल रहे हैं और दोपहर 12:30 बजे तक ही छुट्टी हो रही है। निजी स्कूलों ने भी अपने स्तर पर समय घटाया है- कुछ में क्लास सिर्फ सुबह 8 से 11:30 तक चल रही हैं। इससे बच्चों को दोपहर की लू से बचाने की कोशिश की जा रही है। एक स्कूल प्रिंसिपल ने कहा, “हमने खेल की कक्षाओं को इनडोर कर दिया है और पानी की बोतलें अनिवार्य कर दी हैं।”
शिक्षा विभाग के दिशा-निर्देश
शिक्षा विभाग ने स्कूलों को विस्तृत दिशा-निर्देश भी भेजे हैं। इनमें स्कूल परिसर में कोल्ड ड्रिंकिंग वॉटर कूलर लगाना, प्राथमिक उपचार किट में ORS और इलेक्ट्रॉल रखना, तथा दोपहर 12 से 4 बजे तक बाहरी गतिविधियां पूरी तरह बंद रखना शामिल है। बच्चों को हल्के रंग के कपड़े, टोपी और सनस्क्रीन लगाने की सलाह दी गई है। विभाग ने साफ कहा है कि गर्मी से प्रभावित किसी भी बच्चे की स्थिति बिगड़ने पर तुरंत मेडिकल मदद उपलब्ध कराएं। ये उपाय 2025 में भी प्रभावी साबित हुए थे, जब हीट स्ट्रोक के कई मामले सामने आए थे।
माता-पिता की बढ़ती चिंता
माता-पिता की चिंता जायज है। छोटे बच्चों के लिए बसों में सफर और पैदल चलना जोखिम भरा हो गया है। कई अभिभावक कारपूलिंग कर रहे हैं, लेकिन ट्रैफिक जाम में भी गर्मी का सामना करना पड़ रहा है। सोशल मीडिया पर सर्वे दिखाते हैं कि 70 फीसदी से ज्यादा पैरेंट्स 1 मई से छुट्टियां चाहते हैं। कुछ ने सुझाव दिया कि हाइब्रिड मोड-कुछ दिन ऑनलाइन क्लास-चलाया जाए। विशेषज्ञों का मानना है कि लंबे समय तक गर्मी से डिहाइड्रेशन, सनबर्न और हीट एग्जॉर्शन का खतरा बढ़ता है, खासकर 5-12 साल के बच्चों में।
मौसम विभाग की चेतावनी
मौसम विभाग की चेतावनी और भी गंभीर है। अगले कुछ दिनों में दिल्ली का तापमान 43-46 डिग्री तक पहुंच सकता है। दोपहर 12 से शाम 4 बजे तक बाहर न निकलने, 3-4 लीटर पानी पीने, फल-सब्जियां खाने और हवादार जगहों पर रहने की सलाह है। एनसीआर के स्कूलों में भी यही पैटर्न है, लेकिन गुरुग्राम-फरीदाबाद में कुछ निजी संस्थानों ने स्वत: छुट्टियां बढ़ा दी हैं।
क्या होगी अगली कार्रवाई?
अंतत: शिक्षा विभाग पर दबाव बढ़ रहा है। अभिभावक संगठनों ने डायरेक्टर को पत्र लिखा है, जिसमें जल्द नोटिफिकेशन की मांग है। अगर गर्मी का सिलसिला जारी रहा, तो 2026 की छुट्टियां पिछले साल की तरह लचीली हो सकती हैं। फिलहाल, पैरेंट्स को edudel.nic.in और स्कूल ऐप चेक करते रहना चाहिए। गर्मी से बचाव ही एकमात्र उपाय है- बच्चों को घर पर हल्का व्यायाम, पढ़ाई और फलाहार करवाएं। यह गर्मी का मौसम न केवल स्कूलों के लिए, बल्कि पूरे शहर के लिए चुनौती बन गया है। राहत कब मिलेगी, यह समय बताएगा।









