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Weather Alert: देश के 25 राज्यों में मचेगा तहलका! 27 अप्रैल से 2 मई तक भारी बारिश और तूफान का अलर्ट, मौसम विभाग की चेतावनी

भीषण गर्मी से जूझते भारत के 25 राज्यों में 27 अप्रैल से 2 मई तक IMD ने भारी बारिश, आंधी (50-70 किमी/घंटा), ओलावृष्टि का रेड अलर्ट जारी किया। पश्चिमी विक्षोभ से तापमान 3-5°C गिरेगा। उत्तर-पश्चिम (UP, राजस्थान, दिल्ली), पूर्वोत्तर (असम, मेघालय), मध्य (MP, छत्तीसगढ़) प्रभावित। सतर्क रहें, यात्रा टालें।

By Pinki Negi

Weather Alert: देश के 25 राज्यों में मचेगा तहलका! 27 अप्रैल से 2 मई तक भारी बारिश और तूफान का अलर्ट, मौसम विभाग की चेतावनी

भीषण गर्मी की तपिश से जूझ रहे करोड़ों भारतीयों के लिए भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने बड़ी राहत भरी खबर दी है। देश के 25 राज्यों में 27 अप्रैल से 2 मई तक भारी बारिश, आंधी-तूफान, ओलावृष्टि और बिजली कड़कने का ‘रेड अलर्ट’ जारी किया गया है। एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ और चक्रवाती परिसंचरण के प्रभाव से उत्तर-पश्चिम से लेकर पूर्वोत्तर, मध्य और दक्षिण भारत तक मौसम ने करवट ले ली है। IMD के अनुसार, अगले 24 से 48 घंटों में ही मैदानी इलाकों में धूल भरी आंधियां और गरज-चमक के साथ बारिश शुरू हो जाएगी, जबकि पहाड़ी क्षेत्रों में बर्फबारी का भी खतरा मंडरा रहा है।

यह मौसम परिवर्तन पश्चिमी विक्षोभ के पूर्व की ओर बढ़ने से हो रहा है, जो उत्तर-पश्चिम भारत के ऊपर निम्न दाब का क्षेत्र बना रहा है। गर्मी से बेहाल दिल्ली-NCR, उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा और राजस्थान जैसे राज्यों में 29 अप्रैल से तापमान में 3-5 डिग्री सेल्सियस की भारी गिरावट दर्ज की जाएगी। पूर्वी भारत और महाराष्ट्र में भी 27 अप्रैल से 1 मई तक 2-3 डिग्री की कमी आएगी। हालांकि, राहत से पहले 27 अप्रैल तक लू और गर्म रातों का कहर जारी रहेगा। विशेषज्ञों का कहना है कि यह बदलाव किसानों के लिए दोहरी मार ला सकता है- एक तरफ फसलों को नुकसान, दूसरी तरफ गर्मी से निजात।

उत्तर-पश्चिम भारत: पहाड़ों से मैदानों तक आफत

IMD की चेतावनी के केंद्र में उत्तर-पश्चिम भारत है। जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में 28 अप्रैल से 2 मई तक भारी बारिश और बर्फबारी का अलर्ट है। 28-29 अप्रैल को इन राज्यों में ओलावृष्टि भी हो सकती है, जिससे भूस्खलन और सड़कें बंद होने का खतरा बढ़ गया है। लद्दाख के ऊंचे इलाकों में भी बर्फबारी संभव है। मैदानी क्षेत्रों में पंजाब, हरियाणा, दिल्ली-NCR और उत्तर प्रदेश में आज रात से ही धूल भरी आंधी (50-70 किमी/घंटा) के साथ गरज-चमक और बारिश शुरू हो जाएगी।

राजस्थान में 26 से 29 अप्रैल तक मौसम खराब रहेगा, जहां रेत भरी हवाओं के साथ तूफान की संभावना है। मेरठ जैसे उत्तर प्रदेश के शहरों में भी शाम से ही बादल छंटने लगेंगे, और तेज हवाओं के साथ बारिश लोगों को घरों में कैद कर सकती है।

पूर्वोत्तर और पूर्व: थंडरस्क्वाल की मार

पूर्वोत्तर भारत में स्थिति सबसे चिंताजनक है। असम, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश में 27 से 30 अप्रैल तक ‘बहुत भारी बारिश’ का अलर्ट है, जो बाढ़ और नदी स्तर बढ़ाने वाली साबित हो सकती है। नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी गरज-चमक के साथ मध्यम बारिश होगी। पश्चिम बंगाल, सिक्किम और बिहार में 26 से 28 अप्रैल तक 50-70 किमी/घंटा की रफ्तार से थंडरस्क्वाल (तेज अंधड़) चलने का अनुमान है। झारखंड और ओडिशा में 2 मई तक बारिश का सिलसिला जारी रहेगा, जिससे ग्रामीण इलाकों में जलभराव और फसल नुकसान की आशंका है। इन क्षेत्रों में पिछले दिनों की गर्मी के बाद अचानक ठंडक से सर्दी-जुकाम के मामले बढ़ सकते हैं।

मध्य और दक्षिण: हल्की-भारी बारिश का दौर

मध्य भारत में मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ 27 से 30 अप्रैल तक हल्की से मध्यम बारिश और बिजली चमकने का सामना करेंगे। दक्षिण में केरल 29 अप्रैल से 1 मई तक भारी बारिश की चपेट में रहेगा, जबकि तेलंगाना में तूफानी हवाओं के साथ छींटे पड़ने की संभावना है। कुल 25 प्रभावित राज्य इस प्रकार हैं: उत्तर प्रदेश, राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली (NCR), उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, पश्चिम बंगाल, सिक्किम, बिहार, झारखंड, ओडिशा, असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, केरल और तेलंगाना।

खतरे और सावधानियां: IMD की सलाह

IMD ने येलो-ऑरेंज अलर्ट जारी करते हुए चेताया है कि तेज हवाएं (60-75 किमी/घंटा), ओलावृष्टि, जलभराव, भूस्खलन और बिजली गिरने से जान-माल का खतरा है। किसानों को फसलें ढकने, ग्रामीणों को निचले इलाकों से ऊपर चढ़ने और यात्रियों को रास्ते बदलने की सलाह दी गई है। विशेष रूप से, तूफान के दौरान पेड़ों, बिजली के खंभों या खुले स्थानों पर शरण न लें। शहरी क्षेत्रों में ट्रैफिक जाम और बिजली गुल की स्थिति बन सकती है। मौसम विभाग ने राज्य सरकारों को अलर्ट मोड पर रहने को कहा है।

यह मौसम बदलाव जलवायु परिवर्तन का संकेत भी माना जा रहा है, जहां अप्रैल में ही मानसून जैसी स्थितियां बन रही हैं। गर्मी से थक चुके लोगों को राहत मिलेगी, लेकिन सतर्कता जरूरी है। IMD का बुलेटिन लगातार अपडेट हो रहा है- नागरिक ऐप और वेबसाइट पर नजर रखें।

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Pinki Negi
GyanOK में पिंकी नेगी बतौर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं। पत्रकारिता में उन्हें 7 वर्षों से भी ज़्यादा का अनुभव है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत साल 2018 में NVSHQ से की थी, जहाँ उन्होंने शुरुआत में एजुकेशन डेस्क संभाला। इस दौरान पत्रकारिता के क्षेत्र में नए-नए अनुभव लेने के बाद अमर उजाला में अपनी सेवाएं दी। बाद में, वे नेशनल ब्यूरो से जुड़ गईं और संसद से लेकर राजनीति और डिफेंस जैसे कई महत्वपूर्ण विषयों पर रिपोर्टिंग की। पिंकी नेगी ने साल 2024 में GyanOK जॉइन किया और तब से GyanOK टीम का हिस्सा हैं।