
बेरोजगारी की मार झेल रहे राजस्थान के युवाओं के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना 2026 के तहत 8वीं पास युवाओं को बिना किसी ब्याज के 10 लाख रुपये तक का लोन देने का ऐलान किया है। यह योजना न केवल नौकरी की तलाश खत्म करेगी, बल्कि युवाओं को उद्यमी बनने का सुनहरा मौका देगी। वित्त वर्ष 2026-27 में ही 30 हजार युवाओं को जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है, जबकि तीन सालों में कुल एक लाख युवा उद्यमी तैयार होंगे। उद्योग एवं वाणिज्य विभाग द्वारा संचालित यह योजना जनवरी 2026 से शुरू हो चुकी है और 3 मार्च 2029 तक चलेगी।
योजना का उद्देश्य
योजना का मकसद साफ है- ग्रामीण और शहरी इलाकों में माइक्रो एंटरप्राइजेज को बढ़ावा देना। केंद्र और राज्य सरकारें समय-समय पर युवा सशक्तिकरण के लिए कई कदम उठाती रही हैं, लेकिन यह योजना अपनी अनूठी शैली से अलग है। इसमें लोन पर 100 प्रतिशत ब्याज सरकार की सब्सिडी से माफ कर दिया जाता है, यानी लाभार्थी को सिर्फ मूल राशि चुकानी होगी।
ऊपर से बैंक गारंटी और बीमा कवर की सुविधा भी मिलेगी, जो जोखिम को कम करती है। अप्रैल 2026 तक हजारों आवेदन आ चुके हैं, और बैंक बिना इंटरव्यू के प्रोजेक्ट स्वीकृति दे रहे हैं। इससे छोटे व्यापार, स्टार्टअप या मैन्युफैक्चरिंग यूनिट लगाना आसान हो गया है।
पात्रता मानदंड
पात्रता के मानदंड सरल रखे गए हैं, ताकि ज्यादा से ज्यादा युवा लाभ उठा सकें। सबसे पहला शर्त है राजस्थान का स्थायी निवासी होना। उम्र 18 से 45 वर्ष के बीच होनी चाहिए। न्यूनतम शैक्षिक योग्यता महज 8वीं पास है, जो उन युवाओं के लिए वरदान है जो उच्च शिक्षा न ले पाए। बैंक का कोई डिफॉल्ट न हो, यही एकमात्र वित्तीय बाधा है। व्यक्तिगत या संस्थागत स्तर पर आवेदन किया जा सकता है, जिससे ग्रुप बिजनेस भी संभव हैं। ग्रेजुएट या डिप्लोमा धारकों को ज्यादा राशि मिलने का प्रावधान है, लेकिन 8वीं-12वीं पास युवाओं के लिए भी आकर्षक पैकेज है।
लोन राशि और उपयोग
लोन की राशि बिजनेस के प्रकार पर निर्भर करती है। सर्विस या ट्रेड सेक्टर में 8वीं-12वीं पास को 3.5 लाख तक, जबकि मैन्युफैक्चरिंग में 7.5 लाख तक मिल सकता है। ग्रेजुएट्स को सर्विस में 5 लाख और मैन्युफैक्चरिंग में पूरे 10 लाख का लोन उपलब्ध है। मार्जिन मनी के रूप में भी सहायता दी जाती है- 8वीं पास को 35 हजार और ग्रेजुएट को 50 हजार रुपये अतिरिक्त।
यह लोन दुकान खोलने से लेकर छोटे उद्योग जैसे खाद्य प्रसंस्करण, ऑटो सर्विस सेंटर, टेलरिंग यूनिट या ई-कॉमर्स स्टार्टअप तक किसी भी वैध बिजनेस के लिए इस्तेमाल हो सकता है। जिला स्तरीय समिति बड़े प्रोजेक्ट्स की जांच करेगी, लेकिन छोटे लोन सीधे बैंक स्वीकृत करते हैं।
आवेदन प्रक्रिया
आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल है। राजस्थान के SSO पोर्टल (sso.rajasthan.gov.in) पर लॉगिन करें, योजना चुनें, फॉर्म भरें और दस्तावेज अपलोड कर सबमिट कर दें। जरूरी कागजातों में आधार कार्ड, जन आधार, बैंक पासबुक, निवास प्रमाण पत्र, शिक्षा प्रमाणपत्र और प्रोजेक्ट रिपोर्ट शामिल हैं। प्रोजेक्ट रिपोर्ट में बिजनेस प्लान, अनुमानित खर्च और आय का विवरण देना होगा। आवेदन स्वीकृति के बाद बैंक सीधे खाते में राशि भेजेंगे। सरकार ने SSO के जरिए ट्रैकिंग सुविधा भी जोड़ी है, जिससे स्टेटस चेक करना आसान है।
अन्य राज्यों से तुलना
उत्तर प्रदेश की योगी सरकार की MYUVA योजना में 8वीं पास को 5 लाख तक का लोन मिलता है, लेकिन राजस्थान की यह स्कीम राशि और ब्याज मुक्ति में आगे है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी और बेरोजगारी दर घटीगी। हालांकि, सफलता प्रोजेक्ट की गुणवत्ता पर निर्भर करेगी। युवा अब मौका हाथ से न जाने दें- खुद के मालिक बनने का समय आ गया है!









