
भारतीय रेलवे में रोजाना लाखों यात्री सफर करते हैं, लेकिन दानापुर रेल मंडल से एक बड़ी खबर यात्रियों के लिए मुसीबत बन गई है। नेऊरा-जटडुमरी रेल लाइन पर नॉन-इंटरलॉकिंग (NI) कार्य के चलते 18 अप्रैल से 26 अप्रैल 2026 तक ट्रेन परिचालन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। इस कनेक्टिविटी सुधार अभियान का मकसद रेल नेटवर्क को मजबूत बनाना है, लेकिन इससे पटना, आरा, सासाराम, डीडीयू और बक्सर जैसे व्यस्त रूट्स पर सफर करने वालों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है।
खासकर बिहार आने-जाने वाले यात्रियों के लिए यह अलर्ट बेहद जरूरी है, क्योंकि दैनिक पैसेंजर ट्रेनें रद्द होने से छोटे व्यापारी, छात्र और मजदूर वर्ग सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं।
दानापुर मंडल में NI कार्य का असर
यह कार्य 18 अप्रैल से शुरू हो चुका है और 26 अप्रैल तक चलेगा, जिसमें ट्रैक पर बड़े पैमाने पर मरम्मत और सिग्नलिंग सुधार शामिल हैं। सबसे ज्यादा असर 25 और 26 अप्रैल को दिखेगा, जब सात प्रमुख पैसेंजर और मेमू ट्रेनें पूरी तरह रद्द रहेंगी। पटना-सासाराम पैसेंजर (53211) 25 अप्रैल को रद्द रहेगी, जबकि सासाराम-पटना पैसेंजर (53212), पटना-डीडीयू पैसेंजर (63225), पटना-आरा पैसेंजर (63213), डीडीयू-बक्सर पैसेंजर (63240), पटना-डीडीयू मेमू एक्सप्रेस (13209) और डीडीयू-पटना मेमू एक्सप्रेस (13210) 26 अप्रैल को नहीं चलेंगी।
इन ट्रेनों पर निर्भर रोज सफर करने वाले हजारों यात्री परेशान हैं, क्योंकि ये लोकल रूट्स पर चलती हैं और वैकल्पिक परिवहन सीमित है। रेलवे ने पहले ही स्टेशनों पर नोटिस चस्पा कर दिए हैं, लेकिन कई यात्री बिना जानकारी के स्टेशन पहुंच रहे हैं।
रूट डायवर्शन से प्रभावित एक्सप्रेस ट्रेनें
रद्दी के अलावा रूट डायवर्शन से लंबी दूरी की एक्सप्रेस ट्रेनें भी प्रभावित हैं। 25 अप्रैल को न्यू दिल्ली-राजेंद्रनगर स्पेशल (03294), इंदौर-पटना एक्सप्रेस (19321), अजमेर-भागलपुर एक्सप्रेस (13424), ओखा-गुवाहाटी एक्सप्रेस (15635), लोकमान्य तिलक-डिब्रूगढ़ एक्सप्रेस (15945) और सूरत-भागलपुर एक्सप्रेस (22947) अपनी तय रूट के बजाय DDU-गया-जहानाबाद-पटना मार्ग अपनाएंगी। उसी दिन कामाख्या-दिल्ली एक्सप्रेस (15658) पटना-जहानाबाद-गया-DDU रूट से चलेगी, जबकि दिल्ली-कामाख्या एक्सप्रेस (15657) और आनंद विहार-मालदा टाउन एक्सप्रेस (13430) DDU-गया-तिलैया-किउल मार्ग लेंगी।
26 अप्रैल को पटना-CSMT मुंबई एक्सप्रेस (22359) भी पटना-जहानाबाद-गया-DDU रूट से गुजरेगी। इन बदलावों से स्टेशन स्टॉपेज प्रभावित हो रहे हैं, जिससे यात्रियों को मध्य स्टेशनों पर रुकावट का सामना करना पड़ रहा है।
ट्रेनों के समय में व्यापक बदलाव
समय में बदलाव वाली ट्रेनें भी यात्री सुविधा पर भारी पड़ रही हैं। दानापुर-बक्सर पैसेंजर (63219) में 50 से 110 मिनट की देरी, बक्सर-पटना पैसेंजर (63232) में 45 से 75 मिनट की देरी हो रही है। पाटलिपुत्र-लोकमान्य तिलक एक्सप्रेस (12142) 23 और 25 अप्रैल को 30 मिनट लेट चलेगी, बनारस-पटना एक्सप्रेस (15125) 23-24 अप्रैल को 120 मिनट देरी से रवाना होगी।
वास्को द गामा-पटना एक्सप्रेस (12741) 22 अप्रैल को 180 मिनट लेट होगी, जबकि न्यू दिल्ली-राजेंद्रनगर अमृत भारत एक्सप्रेस (22362) 22-23 अप्रैल को 140 मिनट की देरी झेलेगी। दानापुर-आनंद विहार एक्सप्रेस (13257) और पटना-सासाराम पैसेंजर (53211) में भी 70 से 300 मिनट तक की देरी संभव है।
यात्रियों के लिए विशेषज्ञ सलाह
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि यह कार्य लंबे समय में यात्रा को सुरक्षित और तेज बनाएगा, लेकिन अल्पकालिक असर से यात्रियों में नाराजगी है। मेरठ जैसे उत्तर प्रदेश शहरों से बिहार जाने वाले यात्रियों को भी सतर्क रहना चाहिए, क्योंकि बॉर्डर रूट्स प्रभावित हैं। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि IRCTC ऐप, NTES या 139 पर PNR चेक करें, वैकल्पिक बसें या स्पेशल ट्रेनें आजमाएं। यह ब्लॉक बिहार की रेल अर्थव्यवस्था पर असर डाल सकता है, लेकिन सुधार कार्य से भविष्य में भीड़भाड़ कम होगी। यात्रियों से अपील है, सफर से पहले अपडेट लें।









