
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर इन दिनों एक अफवाह का तूफान मचा हुआ है। कई वायरल पोस्ट्स और वॉट्सऐप मैसेज में दावा किया जा रहा है कि भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने नई गाइडलाइंस जारी कर दी हैं, जिसके तहत 2016 की नोटबंदी में बंद हो चुके पुराने ₹500 और ₹1000 के नोटों को आम लोग दोबारा बदलवा सकते हैं।
ये मैसेज स्क्रीनशॉट्स के साथ सर्कुलेट हो रहे हैं, जिनमें RBI के कथित सर्कुलर दिखाए जा रहे हैं। लेकिन सच्चाई कुछ और ही है। प्रेस इन्फॉर्मेशन ब्यूरो (PIB) की फैक्ट चेक टीम ने स्पष्ट शब्दों में इन दावों को झूठा करार दिया है। RBI की ओर से ऐसा कोई नया नियम या घोषणा जारी ही नहीं हुई है।
सोशल मीडिया अफवाहों का उफान
ये अफवाहें अचानक क्यों उभरीं? पिछले कुछ दिनों से X (पूर्व ट्विटर) और फेसबुक पर ये पोस्ट्स तेजी से शेयर हो रही हैं। कुछ यूजर्स तो दावा कर रहे हैं कि RBI ने ‘एक्सचेंज विंडो’ फिर से खोल दी है, जहां लोग बिना किसी सवाल के पुराने नोट जमा कर नए नोट ले सकते हैं। लेकिन PIB ने अपने आधिकारिक X हैंडल @PIBFactCheck पर 28 अक्टूबर 2025 को एक पोस्ट कर इन दावों का खंडन किया था।
हाल ही में 17 अप्रैल 2026 को ABP Live जैसी वेबसाइट्स ने भी इसे फेक न्यूज बताया। विशेषज्ञों का कहना है कि ये अफवाहें नोटबंदी के पुराने असर को भुनाने की कोशिश हैं, जब लाखों लोगों के पास अभी भी ये नोट पड़े हैं। लेकिन RBI की आधिकारिक वेबसाइट rbi.org.in पर करेंसी सेक्शन चेक करने पर कोई ऐसी अपडेट नहीं मिलती।
RBI का स्पष्ट रुख
RBI ने पुराने नोटों को लेकर क्या कहा है? केंद्रीय बैंक ने साफ लफ्जों में कहा है कि 2016 नोटबंदी के बाद ₹500 (महात्मा गांधी पुरानी सीरीज) और ₹1000 के नोट हमेशा के लिए अमान्य हो चुके हैं। इन्हें लीगल टेंडर का दर्जा नहीं है। पहले कुछ बैंकों में सीमित समय के लिए जमा या एक्सचेंज की सुविधा थी, जो लंबे समय पहले बंद हो चुकी। सुप्रीम कोर्ट ने भी 21 मार्च 2023 को इन नोटों को दोबारा चलन में लाने की याचिकाओं को खारिज कर दिया था।
वर्तमान में RBI द्वारा चलन में मौजूद नोट ₹10, ₹20, ₹50, ₹100, ₹200, नए ₹500 और ₹2000 के हैं। ₹2000 नोटों के जमा की समयसीमा को बढ़ाया गया था, लेकिन 500-1000 पर कोई छूट नहीं। नए ₹500 नोट में आधुनिक सुरक्षा फीचर्स हैं, जैसे निचले बाएं कोने पर 45 डिग्री कोण से दिखने वाला लेटेंट इमेज ‘500’, देवनागरी में ‘पांच सौ रुपये’, इंटीग्रेटेड विंडो्ड सिक्योरिटी थ्रेड और रंग बदलने वाला इंक।
नोटबंदी का ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
नोटबंदी का ऐलान कैसे हुआ था? 8 नवंबर 2016 को तत्कालीन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्र को संबोधित करते हुए हाई-वैल्यू नोटों पर अंकुश लगाने का ऐलान किया। नकली नोटों की Economy में घुसपैठ, काले धन और आतंकवाद फंडिंग रोकने का मकसद था। पुराने ₹500 और ₹1000 नोटों का लीगल टेंडर स्टेटस तुरंत समाप्त हो गया। इसके बाद नए डिजाइन वाले ₹500 और ऊपरी मूल्य के ₹2000 नोट बाजार में आए। नोटबंदी के बाद RBI ने कई बार स्पष्ट किया कि ये नोट जमा करने की कोई नई खिड़की नहीं खुलेगी।
फर्जी खबरों से कैसे बचें
फर्जी खबरों से सावधान! सोशल मीडिया पर ऐसे दावों के पीछे अक्सर स्कैमर्स होते हैं, जो लोगों को फर्जी वेबसाइट्स या ऐप्स पर लूटने की कोशिश करते हैं। PIB सलाह देता है कि हमेशा आधिकारिक स्रोतों- RBI की वेबसाइट, PIB.gov.in या बैंक ब्रांच से सत्यापन करें। अगर आपको कोई संदिग्ध मैसेज मिले, तो रिपोर्ट करें: वॉट्सऐप पर +91 8799711259 या ईमेल factcheck@pib.gov.in पर।
वित्तीय जागरूकता के इस दौर में फेक न्यूज से बचना जरूरी है। RBI जैसी संस्थाओं की आधिकारिक घोषणाएं ही भरोसेमंद होती हैं। सोशल मीडिया की चकाचौंध में फंसने से पहले दो बार सोचें।









