
उत्तर भारत के बड़े हिस्से में मौसम का मिजाज तल्ख होता जा रहा है। मई की शुरुआत से पहले ही उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में गर्मी तेजी से बढ़ रही है और लू की चपेट में आने वाले इलाकों की संख्या भी बढ़ती जा रही है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने दिल्ली‑NCR, उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा और राजस्थान सहित कई राज्यों में अगले कुछ दिनों के लिए गर्मी और लू का अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के आसपास या उससे ऊपर जा सकता है और लोगों को हीटवेव और हीट‑स्ट्रैस जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।
पहाड़ों से शुष्क हवाएं और मैदान में गर्मी बढ़ना
पहाड़ी राज्यों में जहां बर्फबारी और बारिश के दौर बार‑बार बीच में ही थम चुके हैं, वहीं जम्मू‑कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के आसमान में साफ मौसम इस गर्मी का सबसे बड़ा संकेत बनकर उभर रहा है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार पहाड़ों पर मौसम का साफ होना वहां की बारिश या बर्फबारी को कम करने के साथ‑साथ मैदानी इलाकों में गर्म हवाओं को तेजी से आगे बढ़ने का रास्ता भी खोल देता है। इसी कड़ी में उत्तर प्रदेश, दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में लगभग पूरी तरह शुष्क और तेज धूप वाला मौसम बना हुआ है, जिससे दिन के तापमान में लगातार बढ़ोतरी देखने को मिल रही है।
दिल्ली‑NCR और यूपी में लू का खतरा
दिल्ली और एनसीआर के कई शहरों में अप्रैल के इस हिस्से में ही तापमान 40 डिग्री के पार पहुंच चुका है। IMD के अनुसार अगले 24-48 घंटों में पश्चिमी इलाकों से गर्म और शुष्क हवाएं चलने की संभावना है, जिससे दोपहर 11 बजे से शाम 4-5 बजे के बीच लू की स्थिति बन सकती है। इस दौरान त्वचा पर महसूस होने वाला तापमान वास्तविक तापमान से 5-8 डिग्री अधिक हो सकता है, जिससे तेज थकान, चक्कर, बेहोशी या गर्मी से जुड़ी अन्य चिकित्सकीय समस्याएं बढ़ सकती हैं।
उत्तर प्रदेश में भी हालात लगभग ऐसे ही हैं। यहां लखनऊ, मेरठ, आगरा, गाजियाबाद, प्रयागराज, वाराणसी और कानपुर जैसे बड़े शहरों में तापमान 38-41 डिग्री के बीच रहने की संभावना बताई जा रही है, जबकि आने वाले दिनों में कुछ इलाकों में यह 43 डिग्री तक पहुंच सकता है। इस वजह से राज्य के कई जिलों में “हीटवेव” और लू की चेतावनी जारी की गई है।
पंजाब‑हरियाणा‑राजस्थान में तेज धूप और लू
पंजाब और हरियाणा के शहरों में भी मौसम शुष्क और तेज धूप वाला बना हुआ है। इन राज्यों के बड़े हिस्सों में अगले कुछ दिन तक तापमान 37-40 डिग्री के बीच रहने और दोपहर के समय लू चलने की आशंका व्यक्त की गई है। राजस्थान में तो अगले 24 घंटों में कई जिलों में तापमान 40 डिग्री और उससे ऊपर तक जा सकता है, जिससे लू और हीटवेव की स्थिति और गंभीर हो सकती है। मौसम विभाग ने इन राज्यों के लोगों से दिन के उस दोपहरी समय में बाहर जाने से बचने, बार‑बार छाया या ठंडे वातावरण में विश्राम करने और पर्याप्त मात्रा में पानी पीने की सलाह दी है।
देश के अन्य हिस्सों में मौसम की स्थिति
देश के अन्य हिस्सों में गुजरात और मध्य प्रदेश में भी गर्मी तेज हो रही है, हालांकि इन राज्यों के रीवा से लेकर मुंबई तक एक डायगोनल वेदर पैटर्न बनता दिख रहा है, जिससे इस लाइन के दक्षिण में बादल बन रहे हैं और छिटपुट बारिश या गरज‑चमक की संभावना बनी हुई है। आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और केरल के तटीय इलाकों में प्री‑मानसून बारिश के दौर चालू होने की संभावना बताई जा रही है, जिससे यहां गर्मी से थोड़ी राहत मिल सकती है।
पश्चिम बंगाल और झारखंड के कुछ इलाकों में भी हल्की बारिश या गरज‑चमक की आशंका है, लेकिन बिहार में फिलहाल मौसम गर्म और शुष्क बना हुआ है। असम, अरुणाचल प्रदेश और नगालैंड में हल्की से भारी बारिश का अनुमान है, जिससे इन राज्यों में तापमान तेजी से बढ़ने की संभावना कम रहती है, लेकिन भारी बारिश से बाढ़ या पहाड़ी धसकने जैसी आपदा की संभावना बढ़ सकती है।
लोगों के लिए सावधानियां और स्वास्थ्य सलाह
मौसम विभाग और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की तरफ से बुजुर्ग, बच्चे, गर्भवती महिलाएं और दिल, ब्लड प्रेशर या डायबिटीज जैसी बीमारियों से जूझ रहे लोगों के लिए दिन में ज्यादा समय तक बाहर रहने, लंबी दूरी की सड़क यात्रा या खेलकूद जैसी गतिविधियों से बचने की सलाह लगातार जोर देकर दी जा रही है। डिहाइड्रेशन और लू‑स्ट्रोक जैसी स्थिति से बचने के लिए नियमित रूप से पानी, नमक‑मिश्रित नारियल पानी या ORS जैसे इलेक्ट्रोलाइट ड्रिंक लेने की सलाह दी जा रही है।
इसके साथ ही हल्के रंग के ढीले कपड़े, टोपी या कैप और सनग्लास का उपयोग करने की बात जोर देकर कही जा रही है। शहरी इलाकों में ऊपरी मंजिलों या छत के कमरों में लंबे समय तक रहने से बचने, घर के अंदर भी फैन या कूलर की व्यवस्था रखने और बिजली कटाव के लिए उबला‑ठंडा पानी और इमरजेंसी चिकित्सा सुविधा की योजना बनाने की सलाह दी जा रही है।









