
भारत में पेट्रोल और डीजल की दाम आज भी स्थिर बनी हुई हैं, जबकि पड़ोसी देशों में ईंधन की कीमतें आसमान छू रही हैं। वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में उतारचढ़ाव और मध्य पूर्व के राजनीतिक तनाव के बावजूद भारतीय तेल कंपनियों ने हालांकि फिलहाल किसी भी तरह की रेट वृद्धि या कटौती नहीं की है। इसके विपरीत, पाकिस्तान, श्रीलंका और बांग्लादेश जैसे पड़ोसी देशों में अब पेट्रोल की कीमत स्थानीय मुद्रा में लगभग ₹300 से ₹450 प्रति लीटर के स्तर से भी ऊपर पहुँच चुकी है, जिसने आम उपभोक्ताओं को भारी झटका दिया है।
भारत में शहर‑वार पेट्रोल‑डीजल का भाव
भारत में आज पेट्रोल की कीमतें राज्यवार टैक्स ढांचा, वैट और लोकल ट्रांसपोर्ट शुल्क के कारण अलग‑अलग हैं। नई दिल्ली में पेट्रोल 20 अप्रैल को लगभग ₹94.77 प्रति लीटर पर स्थित है, जबकि डीजल ₹87.67 प्रति लीटर के आस‑पास बिक रहा है। मुंबई में पेट्रोल का भाव ₹103.50 और डीजल ₹90.03 पर टिका हुआ है, वहीं बेंगलुरु में पेट्रोल ₹102.92 और डीजल ₹90.99 प्रति लीटर है।
चेन्नई में पेट्रोल ₹100.90 और डीजल ₹92.48, जबकि कोलकाता में पेट्रोल ₹105.45 और डीजल ₹92.02 प्रति लीटर पर दर्ज हुआ है। हैदराबाद में पेट्रोल की कीमत सबसे ऊँचे स्तर पर रहकर ₹107.46 प्रति लीटर तक पहुँच गई है, जबकि डीजल ₹95.70 पर बिक रहा है।
भारत में सबसे सस्ता पेट्रोल कहाँ
भारत में सबसे सस्ता पेट्रोल पोर्ट ब्लेयर में मिल रहा है, जहाँ यह लगभग ₹82.46 प्रति लीटर पर उपलब्ध है। यह विशेष रूप से अंडमान व निकोबार द्वीपसमूह में ईंधन पर लगने वाले टैक्स और सब्सिडी ढांचे के कारण संभव है। विशेषज्ञों के अनुसार, भारत में राज्य‑केंद्र सहयोग के जरिए टैक्स‑कट और तेल कंपनियों द्वारा रेट‑नियंत्रण की वजह से कीमतों में अत्यधिक उछाल रोका जा सका है, जबकि कई पड़ोसी देशों में सरकारी सब्सिडी या टैक्स‑कट की गुंजाइश कम होने की वजह से ईंधन भारी दाम पर बिकने लगा है।
पड़ोसी देशों में ईंधन की आसमान छू रही कीमतें
पड़ोसी देशों में हालात काफी कड़वे हैं। पाकिस्तान में पेट्रोल की कीमत हाल में पाकिस्तानी रुपये में ₹450 के आस‑पास तक पहुँच गई थी, जिसे बाद में विरोध‑प्रदर्शनों के बाद कुछ हद तक कम कर 366.58 प्रति लीटर पर लाया गया है। श्रीलंका में 92 ऑक्टेन पेट्रोल अब लगभग LKR 398 प्रति लीटर पर बिक रहा है, जो भारतीय करेंसी के हिसाब से ₹300 से ऊपर आता है। बांग्लादेश में ईंधन की कीमतों में 10–15 प्रतिशत की वृद्धि हुई है और अब पेट्रोल लगभग 135 टका प्रति लीटर पर बिक रहा है, जिससे आम गाड़ी चलाने वालों पर महंगाई का अतिरिक्त बोझ आ गया है।
वैश्विक तेल भाव और भारत पर पड़ रहा असर
भारत में पेट्रोल‑डीजल के दाम हर सुबह 6 बजे अपडेट होते हैं, जिसमें अंतरराष्ट्रीय ब्रेंट क्रूड के भाव, डॉलर‑रुपया रेट और केंद्र‑राज्य के टैक्स ढांचे पर निर्भरता दिखाई देती है। वर्तमान में ब्रेंट क्रूड लगभग 103 डॉलर प्रति बैरल के आस‑पास कारोबार कर रहा है, जिसका असर भविष्य में भारतीय ईंधन की कीमतों पर भी पड़ सकता है। फिलहाल भारतीय तेल कंपनियाँ रेट‑स्थिरता बनाए रखने की कोशिश कर रही हैं, लेकिन यदि ग्लोबल तेल भाव में और उछाल आता है या मध्य पूर्व के तनाव बने रहते हैं, तो भारत में भी रेट‑बदलाव की संभावना बनी हुई है।
पेट्रोल डलवाने से पहले रेट कैसे चेक करें
तेल डलवाने से पहले उपभोक्ता अपने शहर का रेट जांचने के तरीके भी सुधार चुके हैं। आम तौर पर लोग कार् डेखो, बिज़नेस टुडे और अन्य ऑनलाइन फ्यूल‑प्राइस ट्रैकर्स पर जाकर अपने शहर का नाम सर्च कर पेट्रोल‑डीजल की कीमतें जल्दी देख सकते हैं। इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOCL) की तरफ से एक SMS सर्विस भी उपलब्ध है, जिसमें आपको अपने पेट्रोल पंप डीलर कोड के साथ “RSP पेट्रोल पंप कोड” लिखकर 92249 92249 नंबर पर भेजना होता है, जिससे तुरंत आपके इलाके का अपडेटेड रेट आ जाता है।
भारत की चुनौती और आम उपभोक्ता की रणनीति
माना जा रहा है कि भारत अभी भी पड़ोसी देशों की तुलना में अपेक्षाकृत “सस्ती” ईंधन व्यवस्था बनाए हुए है, लेकिन साथ ही वैश्विक तेल बाज़ार की अस्थिरता के कारण उपभोक्ताओं को हर हफ्ते रेट अपडेट की निगरानी जारी रखनी पड़ेगी। विशेषज्ञों का कहना है कि ईंधन‑बचत वाली टेक्नोलॉजी, बेहतर ड्राइविंग हैबिट और जन वाहनों की ओर झुकाव बढ़ाने से भाव‑उछाल के दबाव को काफी हद तक रोका जा सकता है, जबकि सरकार को टैक्स‑संरचना और ईंधन‑सब्सिडी की नीतियों पर नियमित समीक्षा की ज़रूरत है।









