
जीते-जी लोग मेहनत से कमाई की कमाई को सुरक्षित रखने के लिए बैंक खाते, बीमा पॉलिसी, म्यूचुअल फंड, फिक्स्ड डिपॉजिट और प्रॉपर्टी में निवेश करते हैं। लेकिन मृत्यु के बाद यह सब परिवार को ट्रांसफर करना हो, तो एक छोटा-सा कागज सब कुछ अटका देता है- डेथ सर्टिफिकेट। बिना इसके बैंक पैसे नहीं छोड़ते, बीमा क्लेम रिजेक्ट हो जाता है, संपत्ति का बंटवारा रुक जाता है। लाखों परिवार हर साल इसी चक्कर में फंसते हैं, जबकि समाधान आपके मोबाइल की स्क्रीन पर उपलब्ध है।
मौत साबित करने का आधिकारिक प्रमाण
किसी भी आधिकारिक काम के लिए प्रमाण चाहिए। जन्म साबित करने को बर्थ सर्टिफिकेट, शादी के लिए मैरिज सर्टिफिकेट, तो मौत का सबूत डेथ सर्टिफिकेट ही है। यह मृतक का नाम, उम्र, मौत की तारीख-स्थान-कारण दर्ज करता है। आमतौर पर 5-7 दिन में बन जाता है, लेकिन देरी पर जुर्माना लग सकता है। मेरठ जैसे उत्तर प्रदेश के शहरों में लोग अक्सर इसे नजरअंदाज कर देते हैं, फिर बीमा या PF क्लेम के समय दौड़-भाग शुरू हो जाती है।
कहां-कहां लगता है डेथ सर्टिफिकेट?
इसकी उपयोगिता व्यापक है। सरकारी योजनाओं का लाभ ले रहे व्यक्ति की मौत पर परिवार को पेंशन या सब्सिडी जारी रखनी हो, डेथ सर्टिफिकेट जरूरी। सरकारी कर्मचारी के जीवनसाथी को फैमिली पेंशन चाहिए, तो यह पहला दस्तावेज। इंश्योरेंस कंपनियां क्लेम सेटल करने से पहले इसे मांगती हैं। म्यूचुअल फंड या FD से पैसे निकालने, शेयर ट्रांसफर, प्रॉपर्टी म्यूटेशन सबमें यह अनिवार्य। बिना नॉमिनी के बैंक अकाउंट सेटल करने में RBI के नए नियमों के तहत भी लीगल हेयर प्रूफ के साथ डेथ सर्टिफिकेट चाहिए। EPFO क्लेम में तो यह बुनियादी शर्त है।
देरी की पुरानी समस्या
लोग देरी क्यों करते हैं? पुरानी मानसिकता- नगर निगम या अस्पताल के चक्कर। लेकिन अब केंद्र सरकार का CRS पोर्टल (crsorgi.gov.in) सब बदल चुका है। घर बैठे मोबाइल से अप्लाई करें, फीस माफ। उत्तर प्रदेश में e-District या CRS ही इस्तेमाल होता है।
ऑनलाइन प्रक्रिया: स्टेप-बाय-स्टेप गाइड
सबसे पहले crsorgi.gov.in या dc.crsorgi.gov.in पर जाएं। ‘Sign Up’ पर क्लिक कर नाम, मोबाइल, ईमेल, पता दर्ज करें। OTP से वेरीफाई हो जाएगा। लॉगिन करें, ‘General Public‘ चुनें। ‘Death Registration‘ या ‘Apply for Death Certificate‘ पर जाएं। मृतक की डिटेल्स भरें- नाम, जन्मतिथि, मौत की तारीख (21 दिनों के अंदर अप्लाई करें), जगह (घर/अस्पताल), कारण (डॉक्टर सर्टिफिकेट अगर उपलब्ध)।
आवश्यक दस्तावेज अपलोड करें
जरूरी दस्तावेज अपलोड करें: मृतक का आधार, राशन कार्ड, वोटर आईडी, PAN, पासपोर्ट साइज फोटो, आवेदक का ID प्रूफ, एफिडेविट (मौत की घोषणा), अस्पताल का मेडिकल सर्टिफिकेट अगर लागू। घरेलू मौत पर परिवार का घोषणापत्र। फॉर्म चेक कर सबमिट। एप्लीकेशन नंबर नोट करें- इससे स्टेटस ट्रैक करें। सत्यापन के बाद (7-21 दिन) डाउनलोड लिंक ईमेल/SMS पर आता है। डिजीलॉकर से भी एक्सेस करें। QR कोड से वेरीफाई।
दस्तावेजों का विस्तार
मृतक का आधार (पहचान), राशन कार्ड (परिवार प्रमाण), PAN (फाइनेंशियल), वोटर आईडी (नागरिकता), फोटो (रिकॉर्ड), एप्लीकेशन फॉर्म (मानक प्रारूप CRS से डाउनलोड), एफिडेविट (नोटरी से, देरी बताएं अगर 21 दिन बाद)। अस्पताल मौत पर मेडिकल रिपोर्ट। समस्या? लोकल रजिस्ट्रार (निगम/पंचायत) से संपर्क। देरी पर फॉर्म 2 भरें। UP में मेरठ के लिए e-NagarSeva ऐप यूज करें।
डिजिटल इंडिया का तोहफा
यह सुविधा डिजिटल इंडिया का हिस्सा है, जो परिवारों को झंझट से बचाती है। बिना डेथ सर्टिफिकेट के करोड़ों रुपये अटके पड़े हैं- अभी अप्लाई करें, परिवार का भविष्य सुरक्षित रखें।









