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Travel Alert: दिल्ली से देहरादून जाना होगा महंगा! इकोनॉमिक कॉरिडोर पर अब जेब पर बढ़ेगा बोझ, जानें कितना लगेगा टोल

रुड़की से देहरादून के बीच दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर चालू होने से यात्रा तेज हुई, लेकिन भगवानपुर (55 रुपये टोल) और आगामी गणेशपुर टोल प्लाजा से दैनिक कम्यूटर्स का खर्च दोगुना हो जाएगा। पीएम मोदी के उद्घाटन के बाद स्थानीय असंतोष बढ़ा, एनएचएआई जल्द दरें तय करेगा।

By Pinki Negi

Travel Alert: दिल्ली से देहरादून जाना होगा महंगा! इकोनॉमिक कॉरिडोर पर अब जेब पर बढ़ेगा बोझ, जानें कितना लगेगा टोल

दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर के चालू होने से जहां यात्रा का समय आधा हो गया है, वहीं रुड़की से देहरादून के बीच अब दो टोल प्लाजा यात्रियों की जेब पर भारी पड़ने वाले हैं। भगवानपुर टोल प्लाजा पहले से सक्रिय है, जहां कारों से एक तरफ करीब 55 रुपये वसूले जा रहे हैं, जबकि गणेशपुर टोल प्लाजा भी जल्द शुरू होने की कगार पर है। इस बदलाव से स्थानीय यात्रियों, खासकर दैनिक कम्यूटर्स के लिए रोजाना का खर्च दोगुना होने की आशंका है।

प्रधानमंत्री मोदी का लोकापर्ण

बीते सप्ताह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देहरादून से इस 210 किलोमीटर लंबे 6-लेन एक्सप्रेसवे का लोकार्पण किया था, जिसकी कुल लागत 12,000 करोड़ रुपये से अधिक बताई जा रही है। पुराने रूट पर 5-6 घंटे लगने वाली दिल्ली-देहरादून यात्रा अब महज 2.5 घंटे में पूरी हो रही है, जिसमें राजाजी नेशनल पार्क के ऊपर एशिया का सबसे बड़ा 12 किमी लंबा वाइल्डलाइफ एलिवेटेड कॉरिडोर भी शामिल है।

लेकिन सुविधा के साथ टोल का बोझ भी जुड़ गया। पूरे दिल्ली-देहरादून रूट पर कार के लिए एक तरफ 675 रुपये टोल लगता है, जिसमें रुड़की-देहरादून खंड के दोनों प्लाजा महत्वपूर्ण हैं। 24 घंटे में रिटर्न ट्रिप पर 1010 रुपये (यानी 335 रुपये अतिरिक्त) चुकाने पड़ते हैं, जो पुराने हाईवे के 445 रुपये एक तरफ से 50 प्रतिशत अधिक है।

रुड़की-देहरादून टोल प्लाजा

रुड़की-देहरादून सेक्शन में भगवानपुर टोल पहले से कार्यरत है, जहां हल्के वाहनों पर 55 रुपये का शुल्क लिया जा रहा है। एनएचएआई की पीआईयू रुड़की के परियोजना निदेशक विशाल गोयल ने पुष्टि की है कि यहां निर्धारित दरों के अनुसार वसूली हो रही है। वहीं गणेशपुर टोल प्लाजा सहारनपुर जिले के बिहारीगढ़ में स्थित है, जो एक्सप्रेसवे के अंतिम चरणों में आता है।

यह अभी पूरी तरह चालू नहीं हुआ, लेकिन प्रक्रिया तेजी से चल रही है। दरें तय न होने के बावजूद अनुमान है कि यह भगवानपुर जैसी ही रहेगी, यानी लगभग 50-60 रुपये प्रति तरफ। दोनों प्लाजा सक्रिय होने पर रुड़की से देहरादून जाने वाले चालकों को कम से कम 110 रुपये अतिरिक्त खर्च करना पड़ेगा।

कॉरिडोर की विशेषताएं और टोल व्यवस्था

यह कॉरिडोर चार चरणों में विकसित हुआ, जिसमें अक्षरधाम से लोनी बॉर्डर तक 18 किमी हिस्सा टोल-मुक्त है। कुल पांच टोल प्लाजा हैं- टेक्नोसिटी (बागपत), बुटराडा (शामली), जैनपुर (बड़गांव), चमारीखेड़ा (छुटमलपुर) और गणेशपुर। शुरुआती एक हफ्ता टोल-मुक्त रहा, लेकिन अब वसूली शुरू हो चुकी है। फास्टैग अनिवार्य है, और सालाना पास (3075 रुपये, 1 वर्ष या 200 यात्राओं तक) रोजाना यात्रियों के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है, जिसमें 30-40% बचत संभव है। लोकल पास भी 330 रुपये में उपलब्ध है।

स्थानीय लोगों की चिंताएं

स्थानीय लोगों में असंतोष व्याप्त है। रुड़की के दैनिक यात्री रवि शर्मा कहते हैं, “सुबह-शाम देहरादून जाना आम है, लेकिन दो टोल से महीने का 3000 रुपये अतिरिक्त बोझ पड़ेगा।” कामकाजी लोग, छात्र और व्यापारी इस रूट पर निर्भर हैं। संगठनों ने स्थानीय वाहनों के लिए छूट और दरों में संतुलन की मांग उठाई है। एनएचएआई का कहना है कि नियमों को जल्द अंतिम रूप दिया जाएगा ताकि पारदर्शिता बनी रहे।

निष्कर्ष और भविष्य की उम्मीदें

कुल मिलाकर, समय की बचत के साथ आर्थिक चुनौती जुड़ी है। ईंधन खर्च 30% कम होगा, लेकिन टोल वृद्धि उसे काट लेगी। दिल्ली-देहरादून कॉरिडोर न केवल यातायात सुगम करेगा, बल्कि उत्तर प्रदेश-उत्तराखंड के आर्थिक गलियारे को मजबूत बनाएगा। लेकिन गणेशपुर टोल की दरें तय होने तक यात्रियों की चिंता बरकरार है। अब सभी की निगाहें एनएचएआई के अगले कदम पर हैं। 

Author
Pinki Negi
GyanOK में पिंकी नेगी बतौर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं। पत्रकारिता में उन्हें 7 वर्षों से भी ज़्यादा का अनुभव है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत साल 2018 में NVSHQ से की थी, जहाँ उन्होंने शुरुआत में एजुकेशन डेस्क संभाला। इस दौरान पत्रकारिता के क्षेत्र में नए-नए अनुभव लेने के बाद अमर उजाला में अपनी सेवाएं दी। बाद में, वे नेशनल ब्यूरो से जुड़ गईं और संसद से लेकर राजनीति और डिफेंस जैसे कई महत्वपूर्ण विषयों पर रिपोर्टिंग की। पिंकी नेगी ने साल 2024 में GyanOK जॉइन किया और तब से GyanOK टीम का हिस्सा हैं।

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