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Company Secretary: 12वीं के बाद बनना चाहते हैं ‘कंपनी सेक्रेटरी’ (CS)? जानें एंट्रेंस एग्जाम से लेकर लाखों की सैलरी वाली जॉब का पूरा रोडमैप

12वीं के बाद लाखों की सैलरी और रूतबे वाली जॉब चाहिए? तो CS आपके लिए बेस्ट है। एंट्रेंस एग्जाम से लेकर आर्टिकलशिप और हाई-पेइंग करियर तक का पूरा रोडमैप यहाँ समझें और आज ही अपने भविष्य की शुरुआत करें।

By Pinki Negi

Company Secretary: 12वीं के बाद बनना चाहते हैं 'कंपनी सेक्रेटरी' (CS)? जानें एंट्रेंस एग्जाम से लेकर लाखों की सैलरी वाली जॉब का पूरा रोडमैप
Company Secretary

कक्षा 12वीं कॉमर्स के बाद छात्र अक्सर सीए (CA) और सीएस (CS) के बीच उलझ जाते हैं। कई लोग गलतफहमी में रहते हैं कि सीएस सिर्फ उन छात्रों के लिए है जो सीए नहीं बन पाए, जबकि सच यह है कि ये दोनों ही पूरी तरह अलग और प्रतिष्ठित करियर हैं।

सीए का मुख्य काम बिजनेस फाइनेंस और अकाउंटिंग से जुड़ा है, वहीं सीएस पूरी तरह से कॉरपोरेट कानून और प्रशासनिक नियमों के विशेषज्ञ होते हैं। अगर आपकी रुचि फाइनेंस और आंकड़ों में है तो सीए चुनें, लेकिन यदि आपको कानूनों को समझने और मैनेजमेंट में दिलचस्पी है, तो सीएस आपके लिए एक शानदार विकल्प है। यह आर्टिकल आपको सही फैसला लेने में मदद करेगा।

कॉरपोरेट जगत की रीढ़ हैं ‘कंपनी सेक्रेटरी’

जैसे-जैसे बिजनेस सेक्टर का विस्तार हो रहा है, कंपनियों को कानूनी नियमों और प्रशासन को संभालने के लिए कुशल कंपनी सेक्रेटरी (CS) की जरूरत बढ़ती जा रही है। आज के समय में यह केवल एक साधारण जॉब नहीं, बल्कि एक बेहद स्थिर और सम्मानजनक करियर बन चुका है। एक सीएस के रूप में आप न केवल अच्छी सैलरी पाते हैं, बल्कि कंपनी के बड़े फैसलों और कानूनी प्रक्रियाओं का हिस्सा भी बनते हैं। अगर आप भी कॉरपोरेट कानून में रुचि रखते हैं, तो इस क्षेत्र में अवसरों की कोई कमी नहीं है। यह लेख आपको सीएस बनने के सफर और इसमें मिलने वाले बेहतरीन करियर विकल्पों की पूरी जानकारी देगा।

10 करोड़ के टर्नओवर वाली कंपनियों के लिए क्यों अनिवार्य है यह पद

एक कंपनी सेक्रेटरी का मुख्य काम यह सुनिश्चित करना है कि कंपनी अपनी मर्जी से नहीं, बल्कि सरकार के बनाए नियमों के दायरे में रहकर काम करे। भारत सरकार ने इसके लिए कंपनी सेक्रेटरी एक्ट, 1980 बनाया था, जिसके तहत इस प्रोफेशन को मान्यता मिली। कानून के मुताबिक, जिस भी कंपनी की पेड-अप शेयर कैपिटल 10 करोड़ रुपये या उससे अधिक होती है, उसके लिए एक कुशल सीएस की नियुक्ति करना अनिवार्य है। इसका मतलब है कि जितनी ज्यादा बड़ी कंपनियां बनेंगी, उतने ही ज्यादा सीएस पेशेवरों की जरूरत होगी, जो उनके कानूनी और प्रशासनिक कार्यों को संभाल सकें।

एक CS कैसे बनता है कंपनी का मार्गदर्शक?

एक कुशल कंपनी सेक्रेटरी केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित नहीं होता, बल्कि वह एक क्वालीफाइड प्रोफेशनल के रूप में कंपनी का ‘कानूनी सलाहकार’ और ‘अनुपालन अधिकारी’ (Compliance Officer) होता है। उसकी मुख्य जिम्मेदारी यह सुनिश्चित करना है कि कंपनी भारत के कड़े कानूनों और SEBI जैसे नियामकों के दायरे में रहकर काम करे। इसके अलावा, वह कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स को महत्वपूर्ण वित्तीय मुद्दों और रणनीतिक फैसलों पर विशेषज्ञ राय भी देता है। कानूनी, प्रशासनिक और वित्तीय कार्यों के बीच एक सेतु (Bridge) के रूप में कार्य करते हुए, CS कंपनी को विवादों से बचाता है और उसे सफलता की ओर ले जाने में अहम भूमिका निभाता है।

बिना CSEET दिए शुरू करें कंपनी सेक्रेटरी का सफर

अगर आप अपनी ग्रेजुएशन पूरी कर चुके हैं, तो आपके लिए सीएस (CS) बनने का रास्ता छोटा और सरल हो जाता है। ऐसे छात्रों को शुरुआती परीक्षा यानी CSEET (CS Executive Entrance Test) देने की जरूरत नहीं होती। आप सीधे एग्जीक्यूटिव प्रोग्राम (दूसरा स्तर) के लिए रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं। यह नियम उन छात्रों के लिए बहुत फायदेमंद है जो अपनी डिग्री के बाद कॉरपोरेट जगत में एक पेशेवर पहचान बनाना चाहते हैं, क्योंकि इससे उनका समय बचता है और वे सीधे मुख्य पाठ्यक्रम की पढ़ाई शुरू कर पाते हैं।

ग्रेजुएशन के बाद CS

अगर आपने ग्रेजुएशन कर ली है, तो आपको CSEET (एंट्रेंस टेस्ट) देने की कोई ज़रूरत नहीं है। आप सीधे CS एग्जीक्यूटिव प्रोग्राम में एडमिशन ले सकते हैं। इससे आपका समय बचेगा और आप सीधे प्रोफेशनल लेवल की पढ़ाई शुरू कर पाएंगे।

CS एग्जाम स्ट्रक्चर

ICSI के मुताबिक, CSEET में 4 पेपर होते हैं, जिसे पास करके आप एग्जीक्यूटिव में पहुँचते हैं। इसके बाद एग्जीक्यूटिव और प्रोफेशनल दोनों लेवल पर 7-7 पेपर देने होते हैं। खास बात यह है कि CSEET साल में तीन बार—फरवरी, जून और अक्टूबर में आयोजित होता है, जिससे आपको तैयारी के कई मौके मिलते हैं।

CS ट्रेनिंग और आर्टिकलशिप: डिग्री के लिए ये हैं जरूरी स्टेप्स

एग्जाम पास करने के बाद एक महीने का EDP (एग्जीक्यूटिव डेवलपमेंट प्रोग्राम) करना अनिवार्य है। इसके अलावा, 21 महीने की आर्टिकलशिप भी पूरी करनी होगी। याद रहे, बिना आर्टिकलशिप के आप क्वालीफाइड सीएस (CS) नहीं कहलाएंगे।

Author
Pinki Negi
GyanOK में पिंकी नेगी बतौर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं। पत्रकारिता में उन्हें 7 वर्षों से भी ज़्यादा का अनुभव है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत साल 2018 में NVSHQ से की थी, जहाँ उन्होंने शुरुआत में एजुकेशन डेस्क संभाला। इस दौरान पत्रकारिता के क्षेत्र में नए-नए अनुभव लेने के बाद अमर उजाला में अपनी सेवाएं दी। बाद में, वे नेशनल ब्यूरो से जुड़ गईं और संसद से लेकर राजनीति और डिफेंस जैसे कई महत्वपूर्ण विषयों पर रिपोर्टिंग की। पिंकी नेगी ने साल 2024 में GyanOK जॉइन किया और तब से GyanOK टीम का हिस्सा हैं।

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