
अक्सर छात्र 10वीं पास करने के बाद इंजीनियरिंग या सरकारी नौकरी जैसे पारंपरिक विकल्पों की दौड़ में शामिल हो जाते हैं, क्योंकि उन्हें मर्चेंट नेवी जैसे बेहतरीन करियर की जानकारी नहीं होती। मर्चेंट नेवी उन युवाओं के लिए एक शानदार अंतरराष्ट्रीय करियर है जो एक रोमांचक जीवन जीना चाहते हैं।
यह केवल एक दफ्तर वाली नौकरी नहीं है, बल्कि एक ऐसा पेशा है जहाँ आपको समुद्री जहाज के जरिए पूरी दुनिया की सैर करने का मौका मिलता है। सबसे अच्छी बात यह है कि इसमें आप बहुत कम उम्र में ही शानदार सैलरी और एक अलग पहचान हासिल कर सकते हैं।
क्या है मर्चेंट नेवी?
मर्चेंट नेवी असल में वह क्षेत्र है जो समुद्र के जरिए अंतरराष्ट्रीय व्यापार को मुमकिन बनाता है। इसमें काम करने वाले लोग कार्गो शिप, ऑयल टैंकर और पैसेंजर जहाजों के माध्यम से सामान और यात्रियों को एक देश से दूसरे देश तक पहुँचाते हैं।
यहाँ काम केवल यात्रा करना नहीं, बल्कि जहाज को सही दिशा में चलाना (नेविगेशन), इंजन और मशीनरी की देखभाल करना, जहाज की मरम्मत करना और सुरक्षा जैसी बड़ी जिम्मेदारियां निभाना है। आसान शब्दों में कहें तो, एक देश की अर्थव्यवस्था को चलाने के लिए जो सामान समुद्र के रास्ते आता है, उसे सुरक्षित मंजिल तक पहुँचाने का पूरा जिम्मा मर्चेंट नेवी के जांबाज पेशेवरों पर होता है।
10वीं के बाद मर्चेंट नेवी
अगर आपने मैथ्स और साइंस के साथ 10वीं पास की है, तो आप GP Rating कोर्स करके सीधे मर्चेंट नेवी जॉइन कर सकते हैं। यह कोर्स आपको जहाज के डेक और इंजन विभाग की बुनियादी ट्रेनिंग देता है, जिससे आप कम उम्र में ही जहाज पर एंट्री-लेवल की नौकरी पा सकते हैं। यह उन छात्रों के लिए सबसे छोटा और आसान रास्ता है जो समुद्र में रोमांचक करियर और अच्छी सैलरी चाहते हैं।
ऊँची रैंक और शानदार सैलरी का रास्ता
मर्चेंट नेवी में ऑफिसर बनने के लिए 12वीं में Physics, Chemistry और Maths (PCM) विषयों का होना अनिवार्य है। इसके बाद छात्र मरीन इंजीनियरिंग या नेविगेशन में डिग्री या डिप्लोमा कोर्स कर सकते हैं। हालांकि यह रास्ता थोड़ा लंबा है और इसमें कड़ी मेहनत लगती है, लेकिन एक बार कोर्स पूरा होने पर आप सीधे ऊंची रैंक पर तैनात होते हैं। इसमें न केवल सम्मान मिलता है, बल्कि शुरुआती सैलरी भी बेहद आकर्षक होती है, जो इसे एक बेहतरीन करियर विकल्प बनाती है।
मर्चेंट नेवी के लिए जरूरी योग्यता
मर्चेंट नेवी में जाने के लिए छात्र का गणित और विज्ञान विषयों के साथ 10वीं या 12वीं पास होना जरूरी है। इसके लिए सामान्य तौर पर उम्र 17 से 25 वर्ष के बीच होनी चाहिए। चूंकि यह काम समुद्र के बीच होता है, इसलिए फिजिकल फिटनेस सबसे ज्यादा मायने रखती है। उम्मीदवार की आंखों की रोशनी 6/6 होनी चाहिए और उसे कलर ब्लाइंडनेस (रंगों की पहचान में दिक्कत) नहीं होनी चाहिए। जॉइनिंग से पहले सरकारी मान्यता प्राप्त डॉक्टर से मेडिकल फिटनेस टेस्ट पास करना अनिवार्य होता है।
महीनों का काम और फिर महीनों की लंबी छुट्टी
मर्चेंट नेवी में काम करने का तरीका ऑफिस जॉब से बिल्कुल अलग है। यहाँ कर्मचारी 4 से 9 महीने के कॉन्ट्रैक्ट पर जहाज पर रहते हैं, जहाँ काम शिफ्ट सिस्टम में चलता है। इस पेशे की सबसे बड़ी खासियत यह है कि एक बार कॉन्ट्रैक्ट पूरा होने के बाद आपको कई महीनों की लंबी छुट्टी मिलती है। यानी साल के कुछ महीने समुद्र की लहरों के बीच कड़ी मेहनत और फिर बाकी समय परिवार के साथ पूरा आराम। यह बैलेंस इस करियर को बेहद रोमांचक और आरामदायक बनाता है।
मर्चेंट नेवी में सैलरी
मर्चेंट नेवी में बेहतरीन सैलरी पैकेज युवाओं को सबसे ज्यादा आकर्षित करता है। ट्रेनिंग पूरी करने के बाद शुरुआती स्तर पर ही ₹25,000 से ₹60,000 प्रति माह तक का वेतन मिल सकता है। जैसे-जैसे आपका अनुभव और रैंक बढ़ती है, सैलरी में भी जबरदस्त उछाल आता है। महज कुछ सालों के अनुभव के बाद एक प्रोफेशनल ₹1.5 लाख से ₹3 लाख प्रति माह तक आसानी से कमा सकता है। सबसे अच्छी बात यह है कि जहाज पर रहने और खाने का खर्च भी कंपनी उठाती है, जिससे आपकी पूरी बचत होती है।
सीनियर पदों पर लाखों में सैलरी और ‘टैक्स-फ्री’ आय का बड़ा फायदा
मर्चेंट नेवी में जैसे-जैसे आपकी रैंक बढ़ती है, आपकी सुख-सुविधाएं और सैलरी भी आसमान छूने लगती हैं। जब एक ऑफिसर चीफ ऑफिसर, चीफ इंजीनियर या कैप्टन जैसे ऊंचे पदों पर पहुँचता है, तो उसकी मासिक सैलरी 6 लाख से लेकर 10 लाख रुपये या उससे भी अधिक हो सकती है।
इस करियर का सबसे बड़ा आकर्षण इसकी टैक्स-फ्री इनकम है। यदि कोई नाविक साल में 182 दिन या उससे ज्यादा समय भारत से बाहर (समुद्र में) बिताता है, तो उसे NRI (नॉन-रेजिडेंट इंडियन) का दर्जा मिलता है। इस स्थिति में, विदेशी शिप पर काम करके कमाई गई सैलरी पर भारत में कोई इनकम टैक्स नहीं देना पड़ता। यही कारण है कि यह क्षेत्र आर्थिक रूप से दुनिया के सबसे आकर्षक पेशों में से एक माना जाता है।









