
टेक दुनिया में एक नया दौर शुरू होने वाला है, और इस दौर में नॉर्मल दिखने वाले चश्मे भी स्मार्टफोन‑लेवल फंक्शनिंग लेकर आ रहे हैं। ऐसे में स्मार्टफोन और ईयरबड्स ब्रांड के तौर पर जानी जाने वाली कंपनी Nothing अब और बड़ा कदम उठा रही है। ब्लूमबर्ग और अन्य तकनीकी रिपोर्ट्स के मुताबिक कंपनी अपने पहले AI‑स्मार्ट ग्लासेस को 2027 की शुरुआत तक लॉन्च कर सकती है, जिससे यह Meta Ray‑Ban Smart Glasses को सीधे टक्कर देने की तैयारी में है।
2027 में लॉन्च की तैयारी
कंपनी के अब तक के इतिहास पर नज़र डालें तो Nothing हमेशा स्मार्टफोन और वायरलेस ईयरबड्स पर ही फोकस करती रही है, लेकिन अब यह बाज़ार में एक नए सेगमेंट- AI‑वियरेबल ग्लासेज़– में एंट्री की तैयारी कर रही है। रिपोर्ट्स के अनुसार ये नए AI स्मार्ट ग्लासेस 2027 की शुरुआत में या पहली छमाही (जनवरी–जून/सितंबर) में लॉन्च हो सकते हैं, जो Nothing के प्रोडक्ट पोर्टफोलियो को और विस्तृत करेंगे।
इसी साल अपने पारंपरिक ईयरबड्स‑लाइनअप में AI‑फीचर्स वाले नए ईयरबड्स लॉन्च करने की योजना भी कंपनी के लिए ज़्यादा स्ट्रैटेजिक बन रही है, जिससे यह दिखाई देता है कि अब नोथिंग बस फोन ब्रांड नहीं, बल्कि एक पूरे AI‑इकोसिस्टम वाला टेक प्लेयर बनने पर तुली है।
Carl Pei का बदला हुआ फैसला
दिलचस्प बात यह है कि कंपनी के CEO Carl Pei शुरुआत में स्मार्ट ग्लासेस बनाने के पक्ष में नहीं थे और उन्होंने इस डिवाइस कैटेगरी पर भरोसा नहीं किया था। लेकिन अब उन्होंने अपना माइंड‑सेट बदल लिया है और AI‑आधारित वियरेबल्स को नए फ्यूचर के तौर पर देख रहे हैं।
इस बदलाव से यह साफ है कि Nothing अब मल्टी‑प्रोडक्ट स्ट्रैटेजी अपना रही है; यानी आने वाले सालों में यह सिर्फ फोन बनाने वाली कंपनी नहीं रहेगी, बल्कि स्मार्टफोन, ईयरबड्स और अब ग्लासेज़ जैसे कई तरह के टेक प्रोडक्ट्स पेश करेगी।
डिज़ाइन और फीचर्स
Nothing के डिवाइसेस को उनका ट्रांसपेरेंट डिज़ाइन और Glyph Lights ने खास बनाया है, और उम्मीद है कि नए स्मार्ट ग्लासेस भी इसी लाइन पर चलेंगे। यानी ये ग्लासेज़ बाहर से नॉर्मल लुकिंग चश्मे की तरह दिखेंगे, लेकिन इन्हें इंटरनल तौर पर AI और कनेक्टिविटी से जोड़ा जाएगा।
फीचर्स की दृष्टि से इन ग्लासेज़ में
- कैमरा,
- माइक्रोफोन और
- इन‑बिल्ट स्पीकर्स
जैसे एलिमेंट्स होने की संभावना है, जो आपको बिना फोन निकाले बात करने, फोटो‑वीडियो शूट करने और नोटिफिकेशन्स सुनने की सुविधा देंगे, ठीक वैसे ही जैसे Meta Ray‑Ban Smart Glasses में मिलता है। हालांकि रिपोर्ट्स के अनुसार इनमें अभी इन‑लेंस डिस्प्ले या AR‑स्क्रीन जैसी फीचर्स की गुंजाइश कम बताई जा रही है, यानी यूज़र्स को सीधे आंख के सामने डिस्प्ले नहीं दिखेगा, बल्कि ज़्यादातर जानकारी ऑडियो और AI रिस्पॉन्स के ज़रिए दी जाएगी।
AI‑ड्रिवन यूज़र अनुभव
Nothing के नए स्मार्ट ग्लासेस AI‑बेस्ड एक्सपीरियंस पर बनाए जाने की बात कही जा रही है, जिसका मतलब यह है कि ये ग्लासेज़ सिर्फ देखने के लिए नहीं, बल्कि आपकी दिनचर्या को ऑटोमेट करने और पर्सनलाइज़ करने के लिए बन रहे हैं। AI‑प्रोसेसिंग और क्लाउड‑आधारित सर्विसेज इन ग्लासेज़ को लगातार यूजर बिहेवियर समझने और उसी के हिसाब से टास्क ऑटोमेट करने में मदद करेंगी।
इन ग्लासेज़ को यूज़ करने के लिए स्मार्टफोन‑कनेक्टिविटी ज़रूरी होगी, क्योंकि ज़्यादातर AI कैलकुलेशन और डेटा‑प्रोसेसिंग आपके फोन और क्लाउड सर्वर पर ही होगी, न कि ग्लासेज़ के अंदर। Nothing अब तक अपने डिवाइसों में “vibe coding” जैसे AI‑फीचर्स इंट्रोड्यूस कर चुकी है, जिसमें यूज़र्स AI की मदद से खुद के लिए ऐप्स या विजेट्स बना सकते हैं, इसलिए उम्मीद यह भी है कि ग्लासेज़ भी ऐसे ही गेम‑चेंजिंग फीचर्स के साथ बाज़ार में आएंगे।
स्मार्ट ग्लास रेस में बढ़ती प्रतिस्पर्धा
Nothing इस सेगमेंट में अकेली नहीं उतर रही है। Meta, Apple, Google और Samsung जैसी बड़ी कंपनियां भी अपने स्मार्ट ग्लासेस या अगली जनरेशन हेडसेट‑आधारित डिवाइस पर काम कर रही हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक Meta अपने Ray‑Ban Smart Glasses के 7 मिलियन से ज़्यादा यूनिट बेच चुकी है, जिससे यह साफ हो गया है कि यह मार्केट छोटा नहीं, बल्कि भविष्य के लिए बड़ा बेट बन चुका है।
इसी वजह से अब बाकी बड़ी कंपनियां और स्टार्टअप्स भी इस रेस में अपनी जगह बनाने की कोशिश में हैं, और Nothing भी अब इस ट्रेंड में शामिल हो रही है। अगर कंपनी 2027 तक अपने AI‑स्मार्ट ग्लासेस को सही टाइमिंग और सही प्राइसिंग के साथ मार्केट में ला पाती है, तो यह न सिर्फ यूज़र्स के लिए एक नया फैशन‑प्लस‑टेक गैजेट बन पाएगी, बल्कि Nothing को भी टेक इंडस्ट्री में एक नई इमेज देने में मदद करेगी।









