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CBSE 10th 2nd Board: सीबीएसई 10वीं की दूसरी बोर्ड परीक्षा में किसे मिलेगा बैठने का मौका? जान लीजिए ये जरूरी गाइडलाइंस

सीबीएसई ने 15 अप्रैल को कक्षा 10वीं के नतीजे जारी कर दिए हैं। 2026 के लिए पहली बार दो बोर्ड परीक्षाओं की व्यवस्था लागू है, जिसके तहत पहली बोर्ड में शामिल कम‑से‑कम तीन विषयों के छात्र मई की दूसरी बोर्ड परीक्षा में अधिकतम तीन विषयों में सुधार कर सकते हैं।

By Pinki Negi

CBSE 10th 2nd Board: सीबीएसई 10वीं की दूसरी बोर्ड परीक्षा में किसे मिलेगा बैठने का मौका? जान लीजिए ये जरूरी गाइडलाइंस

सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (CBSE) ने 15 अप्रैल 2026 को cbse.nic.in, cbse.gov.in और results.cbse.nic.in पर कक्षा 10वीं के नतीजे जारी कर दिए हैं। इस साल पहली बार बोर्ड ने दो बोर्ड परीक्षा वाली नई व्यवस्था लागू की है, जिसके तहत जो छात्र 2026 में 10वीं की मुख्य बोर्ड परीक्षा में शामिल हुए हैं, उन्हें मई 2026 में होने वाली “दूसरी बोर्ड परीक्षा” में भी बैठने का विकल्प मिल रहा है। यह पूरी व्यवस्था राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 (NEP 2020) की सिफारिशों के आधार पर लागू की गई है, जिसमें छात्रों को अपने परफॉर्मेंस को सुधारने के लिए दो अवसर देने का लक्ष्य रखा गया है।

दूसरी बोर्ड परीक्षा क्यों लाई गई?

CBSE ने ‘दो‑बोर्ड परीक्षा नीति’ (Two‑Board Examination Policy) के तहत पहली बार कक्षा 10वीं के लिए दो बोर्ड परीक्षाएं रखी हैं। पहली परीक्षा फरवरी–मार्च 2026 के बीच आयोजित हुई थी, जबकि दूसरी यानी सुधार/कंपार्मेंट परीक्षा मई–जून 2026 में होनी है। फॉर्मूला साफ है: जो छात्र पहली बोर्ड में शामिल हुए हैं, वे मई की दूसरी बोर्ड में अधिकतम तीन विषयों में अपने अंकों को बेहतर बनाने का मौका ले सकते हैं। इन विषयों में साइंस, मैथ्स, सोशल साइंस और भाषाएं शामिल हैं।

दूसरी बोर्ड में कौन बैठ सकता है?

CBSE के नए नियमों के मुताबिक दूसरी बोर्ड परीक्षा में ये तीन मुख्य तबके शामिल हो सकते हैं:

  • पास छात्र जो इंप्रूवमेंट करना चाहते हैं: जो छात्र पहली बोर्ड में क्लियर हो गए हैं, लेकिन किसी विषय में अंक कम लगते हैं, वे उन्हीं विषयों में सुधार के लिए दूसरी परीक्षा में बैठ सकते हैं। इंप्रूवमेंट के तहत वे अधिकतम तीन विषय चुन सकते हैं।
  • कंपार्मेंट कैटेगरी के छात्र: जिन छात्रों को पहली बोर्ड में किसी एक विषय में फेल या कंपार्टमेंट दे दिया गया है, उन्हें दूसरी बोर्ड में उस विषय को दोबारा देने का मौका मिलता है। NEP 2020 के तहत ऐसे छात्रों को “कंपार्मेंट” श्रेणी के तहत दूसरी परीक्षा में पात्र माना गया है।
  • कंपार्मेंट के तीसरे मौके वाले छात्र (2024–25 सत्र): CBSE ने 2024–25 के कंपार्मेंट छात्रों के लिए भी राह खोली है। जिन छात्रों को तब कंपार्मेंट (तीसरा मौका) में रखा गया था और या तो वे बोर्ड की मुख्य परीक्षा 2026 में शामिल नहीं हुए, या योग्य होने के बावजूद नहीं बैठ पाए, उन्हें मई 2026 की 10वीं बोर्ड परीक्षा में बैठने की अनुमति दी गई है।

अनिवार्य शर्तें: पहली बोर्ड अनिवार्य, तीन पेपर जरूरी

CBSE ने स्पष्ट किया है कि दूसरी बोर्ड परीक्षा के लिए पहली शर्त यह है कि छात्र ने पहली मुख्य बोर्ड परीक्षा में कम‑से‑कम 3 विषयों की परीक्षा दी हो। अगर कोई छात्र पहली बोर्ड में 3 या उससे अधिक विषयों में अनुपस्थित रहता है, तो उसे दूसरी बोर्ड में बैठने का कोई रास्ता नहीं मिलता। ऐसे छात्रों को अगले वर्ष की मुख्य परीक्षा में फिर से देना होगा। इसके अलावा, जो छात्र बिल्कुल भी पहली बोर्ड में शामिल नहीं थे, वे दूसरी बोर्ड परीक्षा के लिए पात्र नहीं होते, भले ही उन्हें नए सिलेबस या आरक्षण के आधार पर कोई छूट मिलती हो।

फीस, LOC और समय‑सीमा पर महत्वपूर्ण निर्देश

दूसरी बोर्ड परीक्षा के लिए स्कूलों के माध्यम से LOC (List of Candidates) जमा करनी होती है। 2026 के अनुसार LOC और शुल्क का भुगतान बिना लेट फी के 16 से 20 अप्रैल के बीच किया जा सकता है, जबकि 21 से 22 अप्रैल के बीच लेट फी के साथ भुगतान की सुविधा दी गई है। अगर कोई छात्र फीस जमा कर देता है लेकिन फिर दूसरी बोर्ड परीक्षा में शामिल नहीं होता, तो भी उसकी पहली बोर्ड 2026 के रिजल्ट को ही अंतिम माना जाएगा; कोई तीसरा चांस या रिफंड नहीं होगा। दूसरी बोर्ड परीक्षा के लिए सिलेबस वही होगा जो पहली बोर्ड परीक्षा में लागू था, कोई नया करिकुलम या सब्जेक्ट शिफ्ट नहीं मान्य होगी।

खेल छात्र और CWSN विद्यार्थियों को भी मौका

CBSE ने खेल‑छात्रों (sports quota) को भी दूसरी बोर्ड परीक्षा के लिए छूट दी है, बशर्ते उनकी स्पोर्ट्स कैटेगरी पहले से अप्रूव्ड हो और बोर्ड ने उनकी विशेष परिस्थितियों के आधार पर उन्हें आवेदन करने की अनुमति दी हो। विशेष आवश्यकता वाले छात्रों (CWSN) के लिए भी वही प्रावधान लागू हैं, जो पहले से रजिस्टर्ड हैं; नए CWSN रजिस्ट्रेशन की अनुमति दूसरी बोर्ड परीक्षा में नहीं है।

इस तरह CBSE की दो‑बोर्ड परीक्षा नीति ने 10वीं के छात्रों के लिए एक नया, अधिक लचीला और छूट देने वाला विकल्प बनाया है, लेकिन इसके साथ ही “पहली बोर्ड अनिवार्य” और “3 विषयों की शर्त” जैसे सख्त छापे भी लागू किए हैं। अब छात्रों और अभिभावकों के लिए यह जरूरी है कि वे अपने रिजल्ट के बाद जल्दी से स्कूल से LOC जमा करने की प्रक्रिया और दूसरी बोर्ड में शामिल होने के लिए अपनी पात्रता की जांच करें, ताकि मई की परीक्षा का यह इतिहास बनाने वाला “दूसरा चांस” बेकार न जाए।

Author
Pinki Negi
GyanOK में पिंकी नेगी बतौर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं। पत्रकारिता में उन्हें 7 वर्षों से भी ज़्यादा का अनुभव है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत साल 2018 में NVSHQ से की थी, जहाँ उन्होंने शुरुआत में एजुकेशन डेस्क संभाला। इस दौरान पत्रकारिता के क्षेत्र में नए-नए अनुभव लेने के बाद अमर उजाला में अपनी सेवाएं दी। बाद में, वे नेशनल ब्यूरो से जुड़ गईं और संसद से लेकर राजनीति और डिफेंस जैसे कई महत्वपूर्ण विषयों पर रिपोर्टिंग की। पिंकी नेगी ने साल 2024 में GyanOK जॉइन किया और तब से GyanOK टीम का हिस्सा हैं।