
अमेरिका-ईरान युद्ध की आग में तपते मिडिल ईस्ट के बावजूद सोना सातवें आसमान से धड़ाम से नीचे गिर पड़ा। जनवरी 2026 में 10 ग्राम सोने का भाव 1.80 लाख रुपये के ऑल-टाइम हाई को छू चुका था, लेकिन अप्रैल तक 12% से ज्यादा की गिरावट ने निवेशकों में हड़कंप मचा दिया।
सोने को आसमान पर पहुंचाने वाली ‘मजबूत दीवार’ ढह गई
जहां पहले सेंट्रल बैंक सोने के सबसे मजबूत सहारा बने थे, वहीं अब वही बैंक अपनी तिजोरियां खाली कर रहे हैं। रूस ने दो महीने में 14 टन, तुर्की ने 60 टन और फ्रांस ने न्यूयॉर्क गोल्ड वॉल्ट का सारा सोना बेच डाला। पोलैंड जैसे टॉप खरीदार भी डॉलर जुटाने को मजबूर हो गए। भारत का आरबीआई 2025 में सिर्फ 4 टन ही खरीद पाया, जबकि ग्लोबल सेंट्रल बैंकों ने 2025 में 328 टन (2024 के 345 टन के मुकाबले कम) सोना लिया था।
सेंट्रल बैंक अचानक सोना क्यों बेच रहे हैं?
यह उलटफेर क्यों? सोने को ‘सेफ हेवन’ माना जाता है, जो युद्ध-मंदी में चमकता है। लेकिन ईरान-अमेरिका युद्ध शुरू होते ही तेल के दाम 60-65 डॉलर प्रति बैरल से उछलकर 120 डॉलर पहुंच गए। इसने उभरते देशों की करेंसी पर भारी दबाव डाला। तुर्की को लीरा बचाने के लिए 60 टन सोना कुर्बान करना पड़ा। रूस, 25 साल बाद पहली बार गोल्ड रिजर्व बेचकर युद्ध नुकसान की भरपाई कर रहा है। पोलैंड ने भी लिक्विडिटी क्राइसिस से जूझते हुए सोना गिरवी रखा।
बिकवाली ने मार्केट में मचा हाहाकार
कुल मिलाकर, सेंट्रल बैंक मुनाफा नहीं, मजबूरी में बेच रहे हैं- करेंसी स्थिरता और इमरजेंसी कैश के लिए। इस बिकवाली ने गोल्ड मार्केट की ‘मजबूत दीवार’ ढहा दी। 2024-25 में सेंट्रल बैंकों की भारी खरीदारी ने कीमतों को आसमान पर पहुंचाया था। लेकिन अब नेट सेलर्स बनते ही प्रॉफिट बुकिंग का सैलाब आ गया।
मजबूत डॉलर, ऊंची ब्याज दरें और बॉन्ड यील्ड ने सोने को और दबाया। युद्ध के बावजूद निवेशक कैश जमा कर रहे हैं, क्योंकि अनिश्चितता में लिक्विड एसेट ही भरोसेमंद लगता है। भारत में भी MCX पर एक दिन 5000 रुपये की गिरावट दर्ज हुई।
आगे क्या होगा सोने के दामों का?
बाजार जानकार चेताते हैं: अगर सेंट्रल बैंक इसी रफ्तार से बेचते रहे, तो भाव और लुढ़क सकते हैं। लेकिन अगर युद्ध थमे, तेल सस्ता हो या डॉलर कमजोर पड़े, तो सोना वापसी कर सकता है। लॉन्ग-टर्म निवेशक इसे खरीदारी का मौका मानें, लेकिन शॉर्ट-टर्म ट्रेडर्स सावधान। सेंट्रल बैंकों का यह मोहभंग सोने की कहानी को नया मोड़ दे रहा है- क्या यह करेक्शन है या नई शुरुआत?









