
अप्रैल 2026 का यह गर्मी का मौसम असहनीय हो चला है। उत्तर भारत में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस को पार कर चुका है, जिससे न केवल इंसानों को परेशानी हो रही है बल्कि आपकी प्यारी कार भी इस चिलचिलाती धूप की चपेट में आ रही है। अगर सही देखभाल न की गई तो इंजन ओवरहीट हो सकता है, बैटरी फेल हो सकती है, टायर फट सकते हैं और इंटीरियर खराब हो सकता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, गर्मी में कार के पार्ट्स पर 30-40 प्रतिशत ज्यादा दबाव पड़ता है, जिससे मरम्मत का खर्च हजारों में पहुंच जाता है। लेकिन चिंता न करें, कुछ आसान टिप्स अपनाकर आप अपनी कार को कूल और सुरक्षित रख सकते हैं। आइए जानते हैं विस्तार से इन जरूरी उपायों के बारेिए।
गर्मी का घातक असर इंजन पर
गर्मी का सबसे घातक असर कार के इंजन पर पड़ता है। तेज धूप और ट्रैफिक जाम में इंजन की गर्मी बढ़ जाती है, खासकर अगर कूलेंट की मात्रा कम हो। कूलेंट इंजन को ठंडा रखने वाला तरल पदार्थ है जो रेडिएटर के जरिए गर्मी को बाहर फेंकता है। अगर यह लीक हो जाए या पुराना हो जाए तो इंजन ‘सीज’ हो सकता है, यानी पूरी तरह बंद। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि हर हफ्ते कूलेंट लेवल चेक करें।
लंबी ड्राइव से पहले 50:50 पानी और कूलेंट मिश्रण भरें। साथ ही रेडिएटर के फैन और पाइप्स में गंदगी न जमा होने दें, क्योंकि यह एयरफ्लो रोकती है। इंजन ऑयल भी चेक करें, क्योंकि गर्मी में यह पतला होकर चिपचिपाहट खो देता है, जिससे घर्षण बढ़ता है।
बैटरी: गर्मी की दूसरी शिकार
बैटरी गर्मी की दूसरी सबसे बड़ी शिकार है। उच्च तापमान में बैटरी का इलेक्ट्रोलाइट तरल तेजी से वाष्पित हो जाता है, जिससे चार्जिंग क्षमता घटती है। लेड-एसिड बैटरी वाले वाहनों में टर्मिनल्स पर सफेद पाउडर जमा हो जाता है, जो कनेक्शन कमजोर करता है। समाधान सरल है – बैटरी टर्मिनल्स को बेकिंग सोडा और पानी से साफ करें, वेंट्स साफ रखें और अगर बैटरी 2-3 साल पुरानी है तो बदल लें। लिथियम-आयन बैटरी वाली इलेक्ट्रिक कारों में भी तापमान कंट्रोल सेंसर चेक करवाएं।
टायरों पर गर्म सड़कों का कहर
टायरों का क्या कहना! गर्म सड़कें (जो 60-70 डिग्री तक गर्म हो जाती हैं) टायर के अंदर हवा को फैला देती हैं, प्रेशर बढ़ जाता है और ब्लास्ट का खतरा हो जाता है। पुराने टायरों में ट्रेड्स कम होने पर ग्रिप घटती है, ब्रेकिंग खराब होती है। हफ्ते में एक बार ठंडे टायरों का प्रेशर चेक करें – सामान्यत: 30-35 PSI। नाइट्रोजन गैस भरवाएं क्योंकि यह स्थिर रहती है। टायरों को नियमित घुमाते रहें और साइडवॉल पर क्रैक न होने दें।
एसी और इंटीरियर की सुरक्षा
एसी और इंटीरियर की देखभाल भी उतनी ही जरूरी। गर्मी में एसी का ज्यादा इस्तेमाल इंजन पर लोड डालता है, माइलेज 10-15 प्रतिशत गिर जाता है। स्टार्ट करने से पहले 2-3 मिनट खिड़कियां खोलकर ब्लोअर फुल स्पीड पर चलाएं ताकि गर्म हवा बाहर निकले। एसी फिल्टर साफ करवाएं और गैस लेवल चेक करें। धूप में पार्किंग सबसे बड़ा टिप – पेड़ की छाया या कवर चुनें। विंडशील्ड पर सनशेड लगाएं, कॉटन सीट कवर यूज करें वरना लेदर सीट्स फट सकती हैं। डैशबोर्ड पर दरारें पड़ने से बचाने के लिए UV प्रोटेक्टेंट स्प्रे लगाएं। वाइपर ब्लेड्स और रबर सील्स चेक करें क्योंकि गर्मी में ये सख्त हो जाते हैं।
कार को दें स्पेशल ट्रीटमेंट
इन टिप्स को अपनाने से न केवल कार की उम्र बढ़ेगी बल्कि आपकी सुरक्षा भी सुनिश्चित होगी। विशेषज्ञ कहते हैं कि नियमित सर्विसिंग से 20-30 प्रतिशत मरम्मत खर्च बच सकता है। इस गर्मी में अपनी कार को स्पेशल ट्रीटमेंट दें, ताकि लंबी ड्राइव मजेदार रहे। सुरक्षित ड्राइविंग!









