
आज के डिजिटल दौर में मोबाइल नंबर सिर्फ कॉलिंग का माध्यम नहीं रहा, बल्कि बैंकिंग, UPI, OTP, आधार, सोशल मीडिया और सरकारी योजनाओं से जुड़ा महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है। अगर लंबे समय तक रिचार्ज न कराया जाए, तो पहले आउटगोइंग सेवाएं बंद होती हैं, फिर इनकमिंग भी रुक जाती हैं। आखिरकार नंबर किसी दूसरे यूजर को अलॉट हो सकता है, जिससे आपकी पहचान और वित्तीय सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हो सकती हैं।
महंगे रिचार्ज प्लान्स के दौर में हर यूजर के मन में यह सवाल उठता है- बिना रिचार्ज के SIM कितने दिन चालू रहेगी? भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (TRAI) और टेलीकॉम कंपनियों के स्पष्ट नियमों के आधार पर हम आपको पूरी प्रक्रिया विस्तार से बता रहे हैं, ताकि आप अपना बहुमूल्य नंबर समय रहते सुरक्षित रख सकें।
TRAI के नियम बेहद सख्त लेकिन यूजर-अनुकूल हैं।
2025 में जारी अपनी सिफारिशों (PR No. 09 of 2025) के अनुसार, कोई भी प्रीपेड या पोस्टपेड मोबाइल/फिक्स्ड-लाइन कनेक्शन नॉन-यूज (कोई कॉल, SMS, डेटा इस्तेमाल न होना) के 90 दिनों तक डीएक्टिवेट नहीं किया जा सकता। इसके बाद टेलीकॉम सर्विस प्रोवाइडर (TSP) को अतिरिक्त 365 दिनों तक इंतजार करना पड़ता है, यानी कुल 455 दिनों तक नंबर पूरी तरह बंद नहीं होता।
पुराने टेलीकॉम कंज्यूमर प्रोटेक्शन रेगुलेशन्स (TCRR) के छठे संशोधन के तहत, अगर अकाउंट में 20 रुपये या इससे ज्यादा बैलेंस है, तो 90 दिनों तक डीएक्टिवेशन रुक जाता है। TRAI ने स्पष्ट किया है कि मीडिया में वायरल ‘नया 90-दिन का नियम’ गलतफहमी है- यह मौजूदा दिशानिर्देशों का ही स्पष्टीकरण है, जो सेकेंडरी SIM यूजर्स को राहत देता है।
प्रक्रिया चरणबद्ध तरीके से शुरू होती है।
रिचार्ज वैलिडिटी खत्म होते ही कंपनियां SMS, कॉल और ऐप नोटिफिकेशन से रिमाइंडर भेजती हैं। सबसे पहले आउटगोइंग कॉल, SMS और डेटा बंद हो जाते हैं- जियो और Vi में तुरंत, जबकि एयरटेल में 15 दिनों के ग्रेस पीरियड के बाद। इस दौरान इनकमिंग कॉल/SMS चलते रहते हैं, जो यूजर को अंतिम मौका देता है। अगर रिचार्ज करा लिया, तो सेवाएं बहाल।
उदाहरणस्वरूप, जियो में 90 दिनों बाद आउटगोइंग रुकती है, लेकिन इनकमिंग 30-60 दिनों तक चालू रह सकती है। BSNL सबसे उदार है- 180 दिनों तक वैलिडिटी, प्लस 20 रुपये बैलेंस पर 30 दिन अतिरिक्त।
अगला चरण ज्यादा खतरनाक है।
आउटगोइंग बंद होने के 60-90 दिनों बाद इनकमिंग भी बंद हो जाती है। अब SIM नेटवर्क पर दिखती है, लेकिन कोई सेवा नहीं मिलती- न OTP, न बैंक अलर्ट। इससे UPI पेमेंट्स, पासबुक अपडेट, सरकारी स्कीम्स रुक जाते हैं। एयरटेल 15 दिन का ग्रेस देती है, Vi में 49 रुपये न्यूनतम रिचार्ज जरूरी। बंद होने के बाद भी 15 दिनों तक 20 रुपये रिचार्ज से रीएक्टिवेशन संभव।
लेकिन अगर 365 दिनों तक कोई एक्टिविटी न हुई, तो TSP नंबर रिक्लेम कर लेती है और पूल में डाल देती है। यानी आपका नंबर किसी और को मिल सकता है, जो पहचान चोरी या फाइनेंशियल फ्रॉड का खतरा पैदा करता है।
कई यूजर्स सेकेंडरी SIM (जैसे पुराना नंबर) रखते हैं
TRAI का 90-दिन नियम इन्हें फायदा पहुंचाता है, लेकिन लापरवाही महंगी पड़ सकती है। विशेषज्ञ सलाह देते हैं- हर 3 माह में 20-49 रुपये का बेसिक प्लान कराएं। बैंक/आधार लिंक्ड नंबर्स को कभी निष्क्रिय न होने दें। 2026 में TRAI ने स्पैम और मल्टी-SIM पर भी नजर रखी है, लेकिन वैलिडिटी नियम वही हैं।





