
LPG सिलेंडर की लगातार किल्लत और सप्लाई में अनिश्चितता ने भारत के लाखों घरों को परेशान कर दिया है। सब्सिडी वाले सिलेंडर की बुकिंग में देरी, डिलीवरी में अनियमितता और ऊंची कीमतों ने लोगों को इंडक्शन कुकटॉप की ओर धकेल दिया है। बाजार में इंडक्शन की डिमांड में पिछले एक साल में 40 प्रतिशत से ज्यादा का उछाल आया है। लेकिन इसी के साथ एक नया डर भी फैल रहा है- क्या इंडक्शन चूल्हे के पास मोबाइल फोन रखने से फोन खराब हो सकता है? ज्यादातर लोग इस मिथक से घबराते हैं, लेकिन एक्सपर्ट्स साफ कहते हैं कि रेगुलर इस्तेमाल में ऐसा कोई खतरा नहीं है।
LPG संकट और इंडक्शन का उदय
दरअसल, LPG संकट ने इंडक्शन को घर-घर की जरूरत बना दिया है। उत्तर प्रदेश, बिहार और दिल्ली जैसे राज्यों में जहां गैस सिलेंडर की कमी सबसे ज्यादा महसूस हो रही है, वहां इंडक्शन कुकटॉप की बिक्री दोगुनी हो चुकी है। ये डिवाइस बिजली से चलते हैं, इंस्टेंट हीट देते हैं और गैस की तरह लीकेज या ब्लास्ट का डर नहीं होता। लेकिन किचन में इस्तेमाल के दौरान लोग अक्सर अपना स्मार्टफोन इंडक्शन के पास ही रख देते हैं- कॉल चेक करने, रेसिपी देखने या टाइमर सेट करने के लिए।
सोशल मीडिया पर वायरल हो रही अफवाहें दावा करती हैं कि इंडक्शन की इलेक्ट्रोमैग्नेटिक फील्ड (EMF) से फोन का सर्किट जल सकता है या बैटरी फट सकती है। क्या ये सच है? गहन जांच से साफ है कि ये ज्यादातर मिथक हैं, लेकिन कुछ सावधानियां अपनाना जरूरी है।
इंडक्शन कैसे काम करता है, समझें वैज्ञानिक आधार
इंडक्शन कुकटॉप कॉइल के जरिए हाई-फ्रीक्वेंसी अल्टरनेटिंग करंट पास करता है, जो चुंबकीय क्षेत्र पैदा करता है। ये क्षेत्र सिर्फ फेरस मेटल (लोहे के बर्तन) में एडी करंट्स उत्पन्न करता है, जिससे बर्तन खुद गर्म हो जाता है। ये फील्ड बहुत लोकलाइज्ड होती है- सिर्फ 2-5 सेंटीमीटर की रेंज में प्रभावी। स्मार्टफोन में मौजूद चिप्स, बैटरी या स्क्रीन गैर-चुंबकीय मटेरियल से बने होते हैं, इसलिए ये फील्ड उन पर सीधा असर नहीं डालती। टाइम्स नाउ हिंदी और अमर उजाला की रिपोर्ट्स के मुताबिक, सामान्य दूरी पर फोन सुरक्षित रहता है। जगरण की ताजा स्टोरी में भी यही पुष्टि हुई है कि फोन खराब होने की आशंका न के बराबर है।
खतरे की स्थितियां और सावधानियां
फिर भी, खतरा कब हो सकता है? अगर फोन को चालू इंडक्शन की गर्म सतह पर सीधे रख दिया जाए, तो हीट ट्रांसफर से ओवरहीटिंग हो सकती है। इससे बैटरी स्वेल हो सकती है या परफॉर्मेंस गिर सकती है। दूसरा, लंबे समय (30 मिनट से ज्यादा) तक फोन को 10 सेंटीमीटर के अंदर रखने से कंपास सेंसर या NFC चिप पर हल्का इंटरफेरेंस हो सकता है।
गीले हाथों से फोन छूने पर इलेक्ट्रिक शॉक का जोखिम भी रहता है। स्टेला जैसी इंडक्शन कंपनियां अपनी सेफ्टी गाइडलाइंस में सलाह देती हैं कि कुकिंग के दौरान फोन को काउंटर पर न रखें। पतrika और एसकाला की रिपोर्ट्स में भी ये चेतावनी दी गई है कि गैजेट्स को दूर रखें।
एक्सपर्ट्स की राय और रियल-लाइफ टेस्ट
इलेक्ट्रिकल इंजीनियर्स और कंज्यूमर प्रोटेक्शन एक्सपर्ट्स का कहना है कि इंडक्शन की EMF लेवल सेफ है- ये MRI मशीन या माइक्रोवेव से कहीं कम है। यूट्यूब पर डॉ. मयंक पोरवाल जैसे एक्सपर्ट्स ने टेस्ट करके दिखाया कि 10-15 मिनट तक फोन पास रखने से कोई डैमेज नहीं होता। भारत में 10 करोड़ से ज्यादा इंडक्शन यूजर्स हैं, लेकिन फोन डैमेज की कोई बड़ी शिकायत दर्ज नहीं हुई। फिर भी, सावधानी बरतें: फोन को 30-50 सेंटीमीटर दूर रखें, कुकिंग के समय पॉकेट से निकालकर टेबल पर न रखें और हाई-एंड मॉडल्स (जैसे iPhone या Samsung) में मैग्नेटिक प्रोटेक्शन चेक करें।









