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Painkiller Alert: क्या दर्द की दवाएं चुपचाप गला रही हैं आपके अंग? जानें पेन किलर लेने का सही तरीका और सुरक्षित मात्रा

सिरदर्द या जोड़ों के दर्द में पेनकिलर तुरंत राहत देते हैं, लेकिन लंबे इस्तेमाल से किडनी, लीवर और पेट को गंभीर नुकसान हो सकता है। NSAIDs ब्लड फ्लो रोककर किडनी डैमेज करते हैं, जबकि पैरासिटामोल लीवर फेलियर का खतरा बढ़ाता है। सुरक्षित डोज का पालन करें, डॉक्टर से सलाह लें। भारत में करोड़ों क्रॉनिक किडनी रोगी इसी भूल का शिकार।

By Pinki Negi

Painkiller Alert: क्या दर्द की दवाएं चुपचाप गला रही हैं आपके अंग? जानें पेन किलर लेने का सही तरीका और सुरक्षित मात्रा

सिरदर्द हो या जोड़ों में दर्द, जेब में रखी पेनकिलर टैबलेट तुरंत राहत का भरोसा देती है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि ये ‘जीवन रक्षक’ दवाएं चुपचाप आपके किडनी, लीवर और पेट को गला रही हैं? नेशनल किडनी फाउंडेशन की रिपोर्ट्स और हालिया अध्ययनों के मुताबिक, बिना सोचे-समझे लंबे समय तक पेनकिलर्स का सेवन किडनी की कार्यक्षमता को हमेशा के लिए बर्बाद कर सकता है। भारत जैसे देश में जहां दर्द निवारक दवाएं हर मेडिकल स्टोर पर आसानी से मिल जाती हैं, लाखों लोग बिना डॉक्टर की सलाह के इन्हें महीनों खाते रहते हैं, जो जानलेवा साबित हो रहा है।

पेनकिलर्स के प्रकार और उनका खतरा

दर्द निवारक दवाओं को दो मुख्य श्रेणियों में बांटा जाता है- पैरासिटामोल (PCM) जैसी साधारण दर्द-बुखार कम करने वाली और NSAIDs (नॉन-स्टेरॉयडल एंटी-इंफ्लेमेटरी ड्रग्स) जैसे इबुप्रोफेन, डाइक्लोफेनाक या नेप्रोक्सन। ये दवाएं सूजन, दर्द और बुखार को दबाती हैं, लेकिन किडनी पर उनका असर घातक होता है।

विशेषज्ञों के अनुसार, NSAIDs किडनी के ब्लड वेसल्स को संकुचित कर देती हैं, जिससे किडनी तक खून का प्रवाह कम हो जाता है। नतीजा? धीरे-धीरे किडनी टिश्यू डैमेज हो जाता है, इंटरस्टिशियल नेफ्राइटिस या पेपिलरी नेक्रोसिस जैसी जटिलताएं पैदा होती हैं। पैरासिटामोल लीवर को निशाना बनाता है- अगर शराब के साथ लिया जाए तो 4 ग्राम से ज्यादा डेली डोज लीवर फेलियर का कारण बन सकती है।

किडनी पर सबसे ज्यादा असर क्यों?

किडनी पर असर सबसे ज्यादा खतरनाक क्यों? किडनी शरीर से टॉक्सिन्स फिल्टर करती है और दवाओं को बाहर निकालती है। लंबे इस्तेमाल से ये फिल्टर सिस्टम ओवरलोड हो जाता है। जिन्हें पहले से डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर या किडनी की समस्या है, उनके लिए खतरा दोगुना है। बुजुर्गों में उम्र के साथ किडनी की क्षमता घटने से यह जोखिम और बढ़ जाता है।

भारत में 2023 के आंकड़ों के अनुसार, 13.8 करोड़ लोग क्रॉनिक किडनी डिजीज से जूझ रहे हैं, जिसमें पेनकिलर्स का बड़ा हाथ है। पेट पर असर भी भयानक- अल्सर, ब्लीडिंग, सीने में जलन और कब्ज जैसी समस्याएं आम हैं। हृदय रोगियों के लिए NSAIDs हार्ट अटैक का खतरा बढ़ाते हैं।

सुरक्षित मात्रा और सही तरीका

सुरक्षित मात्रा का पालन करें। वयस्कों के लिए पैरासिटामोल 500 mg टैबलेट दिन में 4 बार (कुल 4 ग्राम), हर 4-6 घंटे के अंतराल पर। इबुप्रोफेन 200-400 mg हर 6 घंटे, अधिकतम 3200 mg प्रतिदिन। नेप्रोक्सन 220 mg शुरू में, फिर 8-12 घंटे बाद। लेकिन याद रखें, ये सीमाएं स्वस्थ वयस्कों के लिए हैं। गर्भवती महिलाओं को सिर्फ पैरासिटामोल ही लें, वो भी डॉक्टर की सलाह पर।

सही तरीका अपनाएं- खाने के बाद लें, खाली पेट न लें। खूब पानी पिएं ताकि किडनी पर दबाव न पड़े। दर्द सहन करने लायक हो तो दवा टालें; गर्म सेंक, योग या फिजियोथेरेपी आजमाएं। एक साथ कई दवाएं न लें, खासकर कॉम्बिनेशन वाली। लेबल पढ़ें और एक्सपायरी चेक करें। अगर पेट दर्द, थकान, पेशाब में बदलाव, सूजन या स्किन रैश हो तो तुरंत बंद करें।

डॉक्टर की सलाह कब लें?

डॉक्टर कब? लंबे दर्द (10 दिनों से ज्यादा) पर। ब्लड टेस्ट (क्रिएटिनिन, GFR) और यूरिन जांच से किडनी की स्थिति पता चलती है। विशेषज्ञ चेतावनी देते हैं- आत्मचिकित्सा बंद करें। पार्क अस्पताल की नेफ्रोलॉजिस्ट डॉ. शीनम शर्मा कहती हैं, “अत्यधिक पेनकिलर किडनी को स्थायी नुकसान पहुंचाते हैं। समय रहते सलाह लें।”

संक्षेप में, पेनकिलर्स जरूरी हैं लेकिन दुश्मन नहीं। सावधानी से इस्तेमाल करें, वरना दर्द से राहत लेने की कोशिश जानलेवा साबित हो सकती है। स्वस्थ रहें, डॉक्टर से जुड़े रहें। 

Author
Pinki Negi
GyanOK में पिंकी नेगी बतौर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं। पत्रकारिता में उन्हें 7 वर्षों से भी ज़्यादा का अनुभव है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत साल 2018 में NVSHQ से की थी, जहाँ उन्होंने शुरुआत में एजुकेशन डेस्क संभाला। इस दौरान पत्रकारिता के क्षेत्र में नए-नए अनुभव लेने के बाद अमर उजाला में अपनी सेवाएं दी। बाद में, वे नेशनल ब्यूरो से जुड़ गईं और संसद से लेकर राजनीति और डिफेंस जैसे कई महत्वपूर्ण विषयों पर रिपोर्टिंग की। पिंकी नेगी ने साल 2024 में GyanOK जॉइन किया और तब से GyanOK टीम का हिस्सा हैं।