
क्या आपका फोन अचानक सुस्त पड़ गया है? सॉफ्टवेयर अपडेट के बाद बैटरी तेजी से डिस्चार्ज हो रही है या ग्रीन लाइन जैसी समस्या उभर आई है? ये संयोग नहीं, बल्कि एक सुनियोजित रणनीति का हिस्सा हो सकता है, जिसे ‘प्लांड ऑब्सोलेसेंस’ कहा जाता है। भारत में तेजी से फैल रहे ‘DNA Tech Scam‘ के तहत स्कैमर और कंपनियां मिलकर यूजर्स को फर्जी अपडेट अलर्ट भेजकर ठग रही हैं, जबकि असलियत में स्मार्टफोन ब्रांड्स पुराने मॉडल्स को जानबूझकर धीमा कर नया फोन बिक्री बढ़ा रहे हैं। हालिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, नया फोन खरीदते ही आने वाली संदिग्ध कॉल्स से करोड़ों का नुकसान हो चुका है।
स्कैम का खुलासा और प्लांड ऑब्सोलेसेंस की सच्चाई
यह खेल कैसे चलता है? स्कैमर फर्जी पॉप-अप दिखाते हैं- “तुरंत अपडेट करें वरना फोन ब्लॉक!” क्लिक करने पर मैलवेयर इंस्टॉल हो जाता है। नया फोन लेते ही कॉल आती है, जहां खुद को Xiaomi, Realme या Samsung का अधिकारी बताते हुए OTP या ऐप डाउनलोड करने को कहते हैं। असल में ये डेटा चोरी या फोन लॉकिंग का जरिया है। पुराने फोन्स पर अपडेट बंद होने से परफॉर्मेंस गिरती है, प्रोसेसर बोझ तले दबता है और हैंगिंग शुरू हो जाती है।
मोटोरोला जैसे ब्रांड्स पर भारत-विशेष बग्स के आरोप लगे हैं, जहां सॉफ्टवेयर अपडेट जानबूझकर खराबी पैदा करता है। बैटरी डिग्रेडेशन सबसे बड़ा हथकंडा है। भारी अपडेट बैटरी पर अतिरिक्त लोड डालते हैं, जिससे 1-2 साल में क्षमता 80% से नीचे चली जाती है। फोन गोंद-पेंच से सील हैं, बैटरी बदलना नामुमकिन। सर्विस सेंटर कहता है- पूरा फोन बदलो, क्योंकि मरम्मत का खर्च 50-70% आ जाता है। ये ग्राहक के साथ धोखा है, कंपनियां फोन को ‘धीमा जहर’ देकर मार रही हैं।
भारत में समस्या का चरम और हालिया रिपोर्ट्स
भारत में ये समस्या चरम पर है। अमर उजाला की 22 अप्रैल 2026 रिपोर्ट के अनुसार, साइबर अपराधी फर्जी अपडेट संदेशों से यूजर्स को लूट रहे हैं। ABP Live ने खुलासा किया कि नया फोन खरीदते ही ठगी के शिकार हो रहे लोग। यूरोप से सबक लेते हुए EU ने 2025-27 में कड़े नियम लागू किए। अब अपडेट से परफॉर्मेंस या बैटरी लाइफ नहीं गिरेगी। फोन हार्डवेयर 5-7 साल टिकेगा, बैटरी यूजर खुद बदल सकेगा (2027 से), स्पेयर पार्ट्स 10 साल उपलब्ध रहेंगे। इंडिपेंडेंट रिपेयर की अनुमति होगी।
भारत में ‘राइट टू रिपेयर’ कानून की शुरुआत हो चुकी है, जो कंपनियों को पार्ट्स उपलब्ध कराने बाध्य करेगा। OnePlus जैसी कंपनियां 3 साल बैटरी प्रोटेक्शन दे रही हैं, लेकिन ज्यादातर ब्रांड्स टालमटोल करते हैं।
विशेषज्ञ सलाह और भविष्य की राह
विशेषज्ञ चेताते हैं- अपडेट सिर्फ सेटिंग्स से करें, पॉप-अप इग्नोर। अनजान कॉल पर OTP न दें। एंटीवायरस अपडेट रखें। सरकार को तुरंत सख्त कानून लाने चाहिए, वरना ग्राहक बंधक बने रहेंगे। ये महज स्कैम नहीं, कॉर्पोरेट लूट का सिस्टम है। जागें, वरना जेब खाली होती रहेगी।





