
अगर आप विदेश घूमने या काम के सिलसिले में जाने की योजना बना रहे हैं, तो सावधान हो जाइए। भारत सरकार ने 1 अप्रैल 2026 से एक महत्वपूर्ण नया नियम लागू कर दिया है, जो खासतौर पर उन भारतीय यात्रियों पर असर डालेगा जिनके पास PAN कार्ड नहीं है या जिनकी आय टैक्स की करयोग्य सीमा से नीचे है। इस नियम के तहत अब विदेश जाने से पहले फॉर्म 157 भरना अनिवार्य हो गया है। पुराने फॉर्म 156 की जगह लेने वाला यह नया फॉर्म आयकर विभाग के सख्त निगरानी तंत्र का हिस्सा है, जो टैक्स चोरी रोकने और यात्रा डेटा को ट्रैक करने में मदद करेगा।
सरकार का नया कदम
आयकर अधिनियम 2025 और आयकर नियम 2026 के दायरे में लाए गए इस नियम का मुख्य उद्देश्य उन लोगों का डेटा संग्रह करना है जो टैक्स सिस्टम के बाहर रहते हुए भी लग्जरी जैसे विदेश यात्राएं कर रहे हैं। सरकार का मानना है कि विदेश यात्राओं से जुड़े खर्चों और आवृत्ति पर नजर रखने से कालाधन और अनदेखी आय का पता लगाना आसान हो जाएगा।
पहले जहां PAN वाले यात्रियों का ही रिकॉर्ड रखा जाता था, अब बिना PAN वालों को भी सिस्टम में लाने की यह पहल टैक्स संग्रह को और पारदर्शी बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। विशेषज्ञों का कहना है कि इससे न केवल टैक्स चोरी पर अंकुश लगेगा, बल्कि आर्थिक असमानता को कम करने में भी सहायता मिलेगी।
फॉर्म 157 क्या है और क्यों जरूरी?
फॉर्म 157 आयकर विभाग द्वारा जारी एक साधारण सेल्फ-डिक्लेरेशन फॉर्म है, जो एक प्रकार का सर्टिफिकेट कार्य करता है। इसमें यात्री को घोषणा करनी होती है कि भारत में उसकी कोई करयोग्य आय नहीं है। पुराने फॉर्म 156 से अलग, यह नया फॉर्म PAN की अनिवार्यता को हटा देता है, जिससे उन लोगों को राहत मिलती है जो कभी टैक्स फाइलिंग नहीं करते।
हालांकि, यह फॉर्म इवेंट-बेस्ड है, यानी हर विदेश यात्रा के लिए अलग-अलग भरना पड़ेगा। इससे सरकार को यह स्पष्ट जानकारी मिल जाएगी कि कोई व्यक्ति कितनी बार और कब विदेश जा रहा है, जो यात्रा के पीछे के वित्तीय स्रोतों की जांच में सहायक सिद्ध होगा।
आवेदन कैसे करें?
फॉर्म 157 को ऑनलाइन जमा नहीं किया जा सकता, जो इसे थोड़ा जटिल बनाता है। यात्रा से कम से कम 7-10 दिन पहले संबंधित क्षेत्रीय आयकर अधिकारी के कार्यालय में मैन्युअल रूप से जमा करना होगा। प्रक्रिया सरल है लेकिन समयबद्ध: पहले फॉर्म डाउनलोड करें (आयकर विभाग की वेबसाइट से उपलब्ध), आवश्यक विवरण भरें, और मूल दस्तावेजों के साथ जमा करें। अगर कोई त्रुटि हो जाए, तो सुधार के लिए अधिकारी से संपर्क कर सकते हैं।
एयरपोर्ट पर अंतिम समय में यह काम न करें, वरना चेक-इन रुक सकता है और यात्रा प्रभावित हो सकती है। विशेष रूप से व्यस्त एयरपोर्ट्स जैसे दिल्ली का IGI या मुंबई का CSMIA पर यह सत्यापन सख्ती से हो रहा है।
जरूरी दस्तावेज: पूरी लिस्ट
फॉर्म भरते समय निम्नलिखित दस्तावेज साथ रखें:
- वैध पासपोर्ट या इमरजेंसी सर्टिफिकेट।
- व्यक्तिगत जानकारी जैसे पूरा नाम, पता, जन्मतिथि।
- यात्रा का स्पष्ट उद्देश्य (पर्यटन, व्यापार, शिक्षा आदि)।
- विदेश में अनुमानित ठहरने की अवधि और गंतव्य देश।
- वैकल्पिक लेकिन अनुशंसित: मोबाइल नंबर वेरिफिकेशन के लिए (आधार अनिवार्य नहीं)।
टैक्स भुगतान या आय संबंधी कोई प्रमाण-पत्र देने की जरूरत नहीं है, क्योंकि यह केवल घोषणा-आधारित है। फिर भी, सभी जानकारी सटीक होनी चाहिए, क्योंकि गलत डिक्लेरेशन पर जुर्माना या यात्रा प्रतिबंध लग सकता है।
किस पर लागू नहीं होगा यह नियम?
सभी यात्रियों को राहत की खबर: अगर आपके पास PAN कार्ड है और आप नियमित रूप से इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) भरते हैं, तो आपको फॉर्म 157 की चिंता करने की कोई जरूरत नहीं। ऐसे यात्रियों के लिए विदेश जाने की प्रक्रिया वही पुरानी रहेगी- बस पासपोर्ट, वीजा और टिकट ही काफी। यह नियम मुख्य रूप से उन पर केंद्रित है जो टैक्स नेटवर्क से बाहर हैं, जैसे रिटायर्ड व्यक्ति, छात्र, गृहिणियां या कम आय वाले लोग। विदेशी नागरिकों या OCI/PIO कार्डधारकों पर भी यह लागू नहीं होता।
यात्रियों के लिए जरूरी सलाह
इस नए नियम से लाखों भारतीय प्रभावित हो सकते हैं, खासकर मध्यम वर्ग जो कभी-कभी छुट्टियां मनाने विदेश जाते हैं। अगर आपकी PAN नहीं है, तो तुरंत नजदीकी आयकर कार्यालय से संपर्क करें। साथ ही, भविष्य के लिए PAN बनवाने पर विचार करें, क्योंकि यह न केवल यात्रा आसान बनाएगा बल्कि अन्य सरकारी योजनाओं में भी मददगार सिद्ध होगा।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह नियम टैक्स चोरी रोकने का उपकरण है, न कि यात्रा को हतोत्साहित करने का। अधिक जानकारी के लिए आयकर विभाग की आधिकारिक वेबसाइट या हेल्पलाइन 1800-180-1961 पर संपर्क करें। सुरक्षित यात्रा!









