
मंगलवार, 21 अप्रैल को घरेलू फ्यूचर मार्केट में सोना-चांदी दोनों में नरमी देखने को मिली, जबकि कई शहरों में रिटेल रेट अभी भी ऊंचे स्तर पर बने हुए हैं। एमसीएक्स पर शुरुआती कारोबार के दौरान गोल्ड वायदा और सिल्वर वायदा दोनों दबाव में रहे, जिससे साफ है कि हालिया तेजी के बाद बाजार में मुनाफावसूली और अस्थिरता का दौर जारी है.
एमसीएक्स में क्या हुआ
मंगलवार को मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर 5 जून 2026 एक्सपायरी वाला गोल्ड फ्यूचर वायदा करीब 190 रुपये की गिरावट के साथ ट्रेड करता दिखा। यह 1,53,800 रुपये प्रति 10 ग्राम पर खुला था, जबकि पिछले कारोबारी सत्र में यह 1,53,992 रुपये पर बंद हुआ था. सुबह करीब 9:55 बजे गोल्ड वायदा 0.12 प्रतिशत की गिरावट के साथ 1,53,752 रुपये पर ट्रेड कर रहा था। शुरुआती सत्र में यह 1,53,992 रुपये के हाई तक भी गया, लेकिन बाद में बिकवाली के दबाव में नीचे आ गया.
चांदी में गिरावट सोने से भी ज्यादा तेज रही। एमसीएक्स पर 5 मई 2026 एक्सपायरी वाला सिल्वर 0.71 प्रतिशत या 1,793 रुपये टूटकर ट्रेड कर रहा था, जबकि दिन की शुरुआत 2,50,428 रुपये से हुई थी और इंट्रा-डे हाई 2,51,222 रुपये तक गया था.
शहरों में ताजा रेट
रिटेल बाजार में शहर-दर-शहर सोने के दाम अलग-अलग दिखे, लेकिन कुल मिलाकर स्तर ऊंचा बना रहा। दिल्ली और लखनऊ में 24 कैरेट सोना 1,55,440 रुपये प्रति 10 ग्राम, मुंबई और कोलकाता में 1,55,290 रुपये, अहमदाबाद और पटना में 1,55,340 रुपये और चेन्नई में 1,56,000 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया.
22 कैरेट सोने की बात करें तो दिल्ली और लखनऊ में 1,42,500 रुपये, मुंबई और कोलकाता में 1,42,350 रुपये, अहमदाबाद और पटना में 1,42,400 रुपये, जबकि चेन्नई में 1,43,000 रुपये प्रति 10 ग्राम रहा. 18 कैरेट सोना भी शहरों के हिसाब से 1,16,470 रुपये से 1,18,500 रुपये प्रति 10 ग्राम के दायरे में देखा गया. चांदी के दाम भी शहरों में लगभग स्थिर लेकिन ऊंचे स्तर पर रहे। दिल्ली, मुंबई और कोलकाता में 10 ग्राम चांदी 2,650 रुपये और 100 ग्राम चांदी 26,500 रुपये पर बिक रही थी, जबकि चेन्नई में 10 ग्राम चांदी 2,750 रुपये दर्ज की गई.
गिरावट की वजह
बाजार विशेषज्ञ इस तरह की गिरावट को आमतौर पर तेज उछाल के बाद होने वाली प्रॉफिट बुकिंग मानते हैं। जब सोना-चांदी लगातार ऊंचाई छूते हैं, तो व्यापारी और निवेशक कुछ मुनाफा निकाल लेते हैं, जिससे दाम अचानक नीचे आ सकते हैं. इसके साथ ही वैश्विक संकेत, डॉलर की चाल, ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता और भू-राजनीतिक माहौल भी कीमती धातुओं की दिशा तय करते हैं। यही वजह है कि एक ही दिन में सोना-चांदी ऊपर-नीचे दोनों तरफ तेज मूवमेंट दिखा सकती हैं.
खरीदारों और निवेशकों के लिए संदेश
जिन लोगों को शादी-विवाह या घरेलू जरूरत के लिए सोना खरीदना है, उनके लिए यह गिरावट राहत की खबर हो सकती है। लेकिन खरीदारी करते समय सिर्फ स्पॉट रेट नहीं, बल्कि मेकिंग चार्ज, GST और शुद्धता भी देखना जरूरी है. निवेशकों के लिए यह समय सावधानी का है, क्योंकि फ्यूचर मार्केट में उतार-चढ़ाव अभी बना हुआ है। लंबी अवधि के निवेशक धीरे-धीरे खरीदारी कर सकते हैं, जबकि अल्पकालिक ट्रेडर्स को स्टॉप-लॉस और जोखिम प्रबंधन पर खास ध्यान देना चाहिए.
बाजार का आगे का रुख
अभी बाजार का रुख पूरी तरह एकतरफा नहीं दिख रहा है। एक तरफ एमसीएक्स पर दबाव है, वहीं दूसरी तरफ रिटेल रेट अभी भी ऊंचे स्तर पर टिके हुए हैं, जिससे संकेत मिलता है कि बाजार फिलहाल संतुलन खोज रहा है. अगर ग्लोबल संकेत कमजोर रहते हैं, तो आने वाले सत्रों में और नरमी देखी जा सकती है। लेकिन अगर सुरक्षित निवेश की मांग बढ़ी, तो सोना-चांदी फिर से तेजी पकड़ सकती हैं, इसलिए अगले कुछ कारोबारी सत्र निर्णायक रह सकते हैं.
रिपोर्ट का निचोड़
कुल मिलाकर 21 अप्रैल को सोना-चांदी की कीमतों में गिरावट का माहौल रहा, लेकिन यह गिरावट हर जगह एक जैसी नहीं थी। एमसीएक्स पर वायदा कीमतें कमजोर हुईं, जबकि शहरों के रिटेल दाम अभी भी ऊंचे स्तर पर बने हुए हैं, इसलिए खरीदारों को खरीद से पहले ताजा रेट जरूर देखना चाहिए.









