
भारत में सोने और चांदी की मांग कभी कम नहीं होती। त्योहारों, शादियों और निवेश के मौसम में यह मांग आसमान छूने लगती है। इस भारी जरूरत को पूरा करने के लिए देश बड़े पैमाने पर विदेशों से बुलियन आयात करता है। लेकिन अब सरकार ने इस प्रक्रिया में बड़ा बदलाव कर दिया है।
DGFT का महत्वपूर्ण फैसला
विदेश व्यापार महानिदेशालय (DGFT) ने हाल ही में एक नई अधिसूचना जारी करते हुए 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2029 तक केवल 15 चुनिंदा बैंकों को ही सोना और चांदी आयात करने की अनुमति दी है। इस फैसले से बुलियन मार्केट में पारदर्शिता बढ़ेगी, तस्करी पर लगाम लगेगी और विदेशी मुद्रा का बेहतर प्रबंधन संभव होगा।
चालू खाता घाटे पर नियंत्रण
सरकार का यह कदम चालू खाता घाटे (Current Account Deficit) को नियंत्रित करने की दिशा में महत्वपूर्ण है। भारत दुनिया का सबसे बड़ा सोना खरीदार देश है, जहां हर साल 800-1000 टन सोना आयात होता है। पहले दर्जनों एजेंसियां और बैंक इस काम में लगे थे, जिससे आयात प्रक्रिया जटिल और अनियमित हो जाती थी।
RBI गाइडलाइंस का सख्त पालन
अब केवल वे बैंक ही सक्रिय होंगे जो रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) की सख्त गाइडलाइंस का पालन करते हैं। DGFT ने स्पष्ट किया है कि इन बैंकों को निगरानी में आयात करना होगा, ताकि बाजार में शुद्ध और प्रमाणित सोना पहुंचे। विशेषज्ञों का कहना है कि इससे रुपये पर दबाव कम होगा और घरेलू उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा।
15 बैंकों की पूरी सूची
इन 15 बैंकों में देश के सबसे बड़े नाम शामिल हैं। भारतीय स्टेट बैंक (SBI), HDFC बैंक, ICICI बैंक, एक्सिस बैंक, बैंक ऑफ इंडिया, इंडसइंड बैंक, इंडियन ओवरसीज बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक, करूर व्यास बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, RBL बैंक और यस बैंक को सोना व चांदी दोनों आयात की अनुमति मिली है। इसके अलावा यूनियन बैंक ऑफ इंडिया और Sberbank को विशेष रूप से केवल सोना आयात का अधिकार दिया गया है।
ज्वेलर्स की नई जिम्मेदारी
ये बैंक अब ज्वेलर्स, रिफाइनर्स और अन्य अधिकृत संस्थाओं के लिए विदेशों से बार, बिस्कुट या रॉ मटेरियल मंगवाएंगे। अप्रैल 2026 से पहले सीमा शुल्क पर 5 टन सोना और 8 टन चांदी अटकी हुई थी, क्योंकि पुरानी लिस्ट समाप्त हो चुकी थी। नई सूची से ये खेपें क्लियर होंगी।
ज्वेलर्स और बाजार पर असर
ज्वेलर्स और व्यापारियों पर इसका गहरा असर पड़ेगा। पहले विकल्प अधिक थे, अब इन्हीं बैंकों पर निर्भरता बढ़ेगी। इससे सप्लाई चेन मजबूत तो होगी, लेकिन शुरुआत में थोड़ी कमी आ सकती है, जिसका असर कीमतों पर दिख सकता है। अक्षय तृतीया जैसे प्रमुख मौकों पर सोने के दाम स्थिर रह सकते हैं या मामूली बढ़ोतरी हो सकती है।
आम उपभोक्ता के लिए फायदे
आम उपभोक्ता के लिए फायदा यह है कि बाजार में आने वाला सोना अधिक भरोसेमंद होगा। तस्करी पर रोक लगेगी, क्योंकि बैंकिंग चैनल ही एकमात्र रास्ता बचेगा। ज्वेलरी काउंसिल ऑफ इंडिया के एक अधिकारी ने कहा, “यह कदम बुलियन बैंकिंग को मजबूत करेगा और भारत को वैश्विक बाजार में विश्वसनीय बनाएगा।”
व्यक्तिगत आयात के अलग नियम
व्यक्तिगत आयात के नियम अलग हैं। Baggage Rules 2026 के तहत पुरुष यात्री 20 ग्राम और महिलाएं 40 ग्राम सोना ड्यूटी-फ्री ला सकते हैं। इससे अधिक पर सीढ़ीदार शुल्क लागू होता है। कुल मिलाकर, सरकार का यह फैसला लंबे समय में फायदेमंद साबित होगा। बाजार प्रतिभागी अब इन बैंकों से संपर्क शुरू कर चुके हैं। जैसे-जैसे अमल होगा, सोने की कीमतें और उपलब्धता पर नजर रखनी होगी।









