
उत्तराखंड की पावन धरती पर आस्था का सैलाब उमड़ने को तैयार है। अक्षय तृतीया के पुण्य पर्व पर 19 अप्रैल से चारधाम यात्रा का शुभारंभ हो रहा है, जब यमुनोत्री और गंगोत्री धाम के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खुल जाएंगे। इसके ठीक तीन दिन बाद 22 अप्रैल को केदारनाथ धाम के द्वार खुलेंगे, जबकि 23 अप्रैल को बद्रीनाथ धाम के कपाट ब्रह्म मुहूर्त में भक्तों के स्वागत को तैयार होंगे।
बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति और उत्तराखंड सरकार के अधिकारियों ने इन तिथियों की आधिकारिक घोषणा की है, जो पिछले वर्षों की तुलना में 11 दिन पहले हैं। इस बदलाव से श्रद्धालुओं को लंबे समय तक दर्शन का अवसर मिलेगा, जिसकी उम्मीद में देशभर से भक्त हरिद्वार-ऋषिकेश पहुंच रहे हैं।
तैयारियों में जुटी सरकार, रिकॉर्ड रजिस्ट्रेशन
पिछले चार महीनों से चली आ रही तैयारियों में सरकार ने कोई कसर नहीं छोड़ी है। अब तक 18 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से रजिस्ट्रेशन करा लिया है, जो यात्रा की लोकप्रियता का प्रमाण है। 2025 में रिकॉर्ड 50 लाख भक्तों ने चारों धामों के दर्शन किए थे, जबकि 2024 में यह संख्या 45 लाख 45 हजार रही। इस बार और अधिक संख्या की संभावना को देखते हुए व्यवस्थाएं और मजबूत की गई हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने खुद यात्रा मार्ग का हालिया निरीक्षण किया और कहा कि यह यात्रा राज्य की आर्थिकी का प्रमुख स्रोत है, इसलिए सुविधा और सुरक्षा सुनिश्चित करना पहली प्राथमिकता है। 20 से अधिक उच्च स्तरीय बैठकें हो चुकी हैं, जिनमें स्वास्थ्य, यातायात, बिजली और स्वच्छता जैसे हर पहलू पर विचार-विमर्श हुआ।
हाई-टेक सुरक्षा और सुविधा का दावा
आईजी गढ़वाल रेंज राजीव स्वरूप ने बताया कि यात्रा मार्ग को 16 सुपर जोन, 43 जोन और 149 सेक्टरों में विभाजित किया गया है। हरिद्वार से बद्रीनाथ तक थर्मल स्कैनिंग, 1600 से अधिक सीसीटीवी कैमरे और 70 पुलिस चौकियां सक्रिय रहेंगी। लगभग 7000 पुलिसकर्मी, होमगार्ड और केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की 15 कंपनियां मोर्चा संभालेंगी। मानसून में क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत पूरी हो चुकी है, जबकि लैंडस्लाइड जोन पर एसडीआरएफ, पीडब्ल्यूडी, बीआरओ की टीमें और जेसीबी मशीनें तैनात हैं।
यात्रा मार्ग पर आधुनिक साइनेज, क्यूआर कोड और व्हाट्सएप अलर्ट सिस्टम से जाम या आपदा की सूचना तुरंत मिलेगी। यात्रियों के लिए 100 से अधिक पार्किंग स्थल, ठहराव बिंदु (थांभला) और मेडिकल पोस्ट तैयार हैं। मुख्य सचिव आनंद बर्धन ने निर्देश दिए हैं कि बिजली आपूर्ति निर्बाध रहे और साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दिया जाए।
नए स्वास्थ्य प्रोटोकॉल और मौसम अलर्ट
50 वर्ष से अधिक आयु वालों, हृदय रोगियों, अस्थमा या श्वास प्रभावित व्यक्तियों के लिए हेल्थ चेकअप अनिवार्य है। हाई एल्टीट्यूड सिकनेस से बचाव के लिए ऑक्सीजन सिलेंडर, प्राथमिक उपचार केंद्र और ऊंचाई-आधारित दिशानिर्देश लागू होंगे। मौसम विभाग ने 21 अप्रैल तक बारिश-बर्फबारी का अलर्ट जारी किया है, जिसके चलते आपदा प्रबंधन विभाग ने सभी जिलों को हाई अलर्ट पर रखा है। केदारनाथ पैदल मार्ग पर घोड़े-खच्चरों के लिए इंश्योरेंस और फिटनेस सर्टिफिकेट जरूरी हैं, जो पशु क्रूरता रोकने और यात्री सुरक्षा सुनिश्चित करेगा।
जरूरी टिप्स और अपील
रजिस्ट्रेशन के लिए आधार कार्ड, पहचान पत्र और मोबाइल नंबर अनिवार्य हैं। अप्रैल-मई में पहाड़ों पर ठंडा मौसम रहने से गर्म कपड़े, वाटरप्रूफ जूते, रेनकोट, ट्रेकिंग स्टिक, सनस्क्रीन और दवाएं साथ रखें। यात्रा हरिद्वार/ऋषिकेश से प्रारंभ होकर यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ तक जाती है। सीएम धामी ने अपील की कि भक्त सुखद यात्रा का आनंद लें, क्योंकि सरकार हर कदम पर उनके साथ है। यह यात्रा न केवल आस्था का प्रतीक है, बल्कि देवभूमि की सांस्कृतिक धरोहर को मजबूत करने वाली भी है।









