
अगर आपकी सालाना CTC 15.85 लाख रुपये है, तो टैक्स चिंता छोड़िए! स्मार्ट प्लानिंग से नई टैक्स व्यवस्था में टैक्सेबल इनकम को 12 लाख से नीचे लाकर पूरा टैक्स जीरो किया जा सकता है। सेक्शन 87A की रिबेट से 12 लाख तक की इनकम पर शून्य टैक्स लगता है, बशर्ते सैलरी स्ट्रक्चर सही हो। पुरानी व्यवस्था के 80C निवेशों पर निर्भरता खत्म, अब कंपनी के बेनिफिट्स और डिडक्शन ही गेम-चेंजर हैं।
नई टैक्स व्यवस्था का नया खेल
नए टैक्स रिजीम (सेक्शन 115BAC) ने टैक्स बचत को री-डिफाइन कर दिया है। पहले सिर्फ ELSS, PPF या LIC में पैसा डालो और छूट पाओ, लेकिन अब सैलरी के घटकों को ऑप्टिमाइज करना जरूरी है। मान लीजिए CTC 15.85 लाख है। सबसे पहले 75,000 रुपये का स्टैंडर्ड डिडक्शन घटता है, जो हर सैलरीड व्यक्ति को मिलता है। फिर कंपनी का NPS में 14% बेसिक सैलरी का योगदान (सेक्शन 80CCD(2)) जोड़ें- अगर बेसिक 50% रखें तो ये करीब 1.11 लाख तक बनता है। टैक्स-फ्री!
मील वाउचर और डिडक्शन का कमाल
अब आता है मील वाउचर का कमाल। नया नियम इसे मान्यता देता है- रोज दो मील (नाश्ता-डिनर) 200 रुपये प्रति मील x 22 वर्किंग डेज x 12 महीने = 1.05 लाख रुपये टैक्स-एक्जेम्प्ट। ये कैटरिंग वाउचर के रूप में आता है, जो TDS से पहले घट जाता है। कुल मिलाकर ये तीनों डिडक्शन CTC को घटाकर टैक्सेबल इनकम को 11.98 लाख तक ला देते हैं। 12 लाख से नीचे आते ही 87A रिबेट सक्रिय- टैक्स लायबिलिटी शून्य!
पांच प्रमुख टैक्स सेविंग तरीके
पांच प्रमुख तरीके इस तरह हैं। पहला, सैलरी स्ट्रक्चर रीवर्क: बेसिक को 50% रखें, HRA कम रखकर NPS/EPF बढ़ाएं। कंपनियां अब ये सुविधा दे रही हैं। दूसरा, मील वाउचर लें – कई फर्म्स Zomato/Swiggy वाउचर के जरिए ये देती हैं। तीसरा, स्टैंडर्ड डिडक्शन का फुल यूज। चौथा, प्रिवेंटिव हेल्थ चेकअप पर 25,000 रुपये तक का खर्च जोड़ें, अगर लागू हो। पांचवां, EPF पर अतिरिक्त एम्प्लॉयर कंट्रीब्यूशन चेक करें। इनसे ग्रॉस इनकम सीधे घटती है।
जरूरी सावधानियां बरतें
लेकिन सावधानियां बरतें। ये तरीका तभी काम करता है जब employer फाइनेंशियल ईयर शुरूआत से स्ट्रक्चर बदले। मिड-ईयर चेंज मुश्किल। ITR फाइलिंग में सभी प्रूफ (वाउचर, NPS स्टेटमेंट) रखें। नई रिजीम में 80C, 80D जैसी डिडक्शन बंद हैं, इसलिए पुरानी सिस्टम चुनने का ऑप्शन न लें। बजट 2026 ने रिबेट लिमिट को 12 लाख बनाए रखा, लेकिन नियम सख्त हो सकते हैं।
विशेषज्ञों की सलाह और भविष्य
विशेषज्ञ कहते हैं, “सैलरीड क्लास के लिए ये गेम-चेंजर है। सालाना 1-2 लाख टैक्स बचत आसान।” CA से सलाह लें, कंपनी HR से बात करें। अगर आप Meerut या UP के हैं, लोकल टैक्स कंसल्टेंट्स ये स्ट्रक्चर तैयार कर देंगे। लाखों रुपये बचाकर परिवार पर फोकस करें – निवेश, छुट्टियां या बच्चों की पढ़ाई पर। टैक्स फ्री लाइफ अब हकीकत है!









