Tags

TDS New Rules: सावधान! अब कंपनियों के साथ आम आदमी को भी काटना होगा TDS, जान लें नियम वरना भरना पड़ेगा भारी जुर्माना

TDS अब सिर्फ कंपनियों की नहीं, आम नागरिकों की जिम्मेदारी है। 50 लाख से अधिक प्रॉपर्टी खरीद, 50,000+ मासिक किराया, प्रोफेशनल फीस या NRI भुगतान पर TDS काटना अनिवार्य। अप्रैल 2026 के बदलावों ने सेक्शन नंबर व फॉर्म बदले। न काटने पर 1-1.5% मासिक ब्याज, 200 रुपये प्रतिदिन फीस व जुर्माना। TRACES से सर्टिफिकेट जेनरेट करें, वरना नोटिस पड़ेगा।

By Pinki Negi

tds new rules for common man penalty list updates

आमतौर पर लोग TDS (टैक्स डिडक्टेड एट सोर्स) को सिर्फ बड़ी कंपनियों या व्यापारियों की जिम्मेदारी मानते हैं, लेकिन सच्चाई इससे कहीं अलग है। इनकम टैक्स विभाग के नए नियमों के तहत अब एक साधारण नौकरीपेशा व्यक्ति, गृहिणी या छोटा व्यापारी भी कुछ खास लेन-देन पर TDS काटने और जमा करने के लिए बाध्य है। अगर आप घर खरीद रहे हैं, मोटा किराया चुका रहे हैं या किसी प्रोफेशनल की मदद ले रहे हैं, तो इन नियमों की अनदेखी महंगी पड़ सकती है।

अप्रैल 2026 से लागू इनकम टैक्स एक्ट के संशोधनों ने इन दायित्वों को और सख्त कर दिया है, जिसमें देरी पर भारी ब्याज, जुर्माना और यहां तक कि कानूनी कार्रवाई तक शामिल है।

TDS का मतलब और महत्व

TDS का मतलब है स्रोत पर ही टैक्स कटौती, जो सरकार को राजस्व सुनिश्चित करने का तरीका है। पहले यह मुख्य रूप से व्यवसायों तक सीमित था, लेकिन अब व्यक्तिगत लेन-देन पर भी नजर है। उदाहरण के लिए, अगर आप 50 लाख रुपये से अधिक मूल्य की संपत्ति खरीदते हैं, तो सेक्शन 194-IA के तहत विक्रेता को भुगतान करते समय 1 प्रतिशत TDS काटना अनिवार्य है। मान लीजिए आप 60 लाख का फ्लैट खरीद रहे हैं, तो आपको 60,000 रुपये TDS काटकर सीधे सरकार के खाते में जमा करने होंगे।

यह राशि विक्रेता को मिलने वाले भुगतान से ही वसूल की जाती है। इसी तरह, अगर आपका मासिक किराया 50,000 रुपये से ज्यादा है, तो सेक्शन 194-IB के अनुसार साल में एक बार कुल किराए का 2 प्रतिशत TDS काटना पड़ता है। शहरों में जहां PG या फ्लैट का किराया आसानी से 60-70 हजार तक पहुंच जाता है, वहां लाखों लोग इस दायरे में आ जाते हैं।

प्रोफेशनल सेवाओं पर TDS नियम

प्रोफेशनल सेवाओं पर भी नजर है। सेक्शन 194M के तहत अगर आप किसी ठेकेदार, वकील, डॉक्टर या कंसल्टेंट को सालाना 50 लाख रुपये से अधिक का भुगतान करते हैं, तो 2 प्रतिशत TDS काटना होगा। छोटे स्तर पर भी सतर्क रहें- जिनका कारोबारी टर्नओवर 1 करोड़ या प्रोफेशनल रसीदें 50 लाख से ऊपर हैं, उन्हें और सख्त नियमों का पालन करना पड़ता है। ब्याज भुगतान पर 10,000 रुपये से अधिक होने पर 10 प्रतिशत TDS, ठेकेदारों को 30,000 रुपये से ज्यादा के बिल पर 1-2 प्रतिशत, और कमीशन पर 20,000 रुपये से ऊपर 2 प्रतिशत कटौती जरूरी है।

प्रोफेशनल फीस पर 30,000 रुपये की सीमा पार होते ही 2 से 10 प्रतिशत तक TDS लगता है। खासकर NRI (नॉन-रेजिडेंट इंडियन) को कोई टैक्स योग्य भुगतान करने पर सेक्शन 195 के तहत बिना किसी न्यूनतम सीमा के TDS काटना पड़ता है, चाहे वह प्रॉपर्टी हो या सर्विस।

अप्रैल 2026 के नए बदलाव

अप्रैल 2026 के नए बदलावों ने इन नियमों को और जटिल बना दिया है। पुराने सेक्शन नंबर बदल गए हैं- जैसे 194C अब 392 और 194J अब 393 हो गया। वेतन TDS सर्टिफिकेट अब फॉर्म 130 से जारी होगा, न कि पुराने फॉर्म 16 से। NRI प्रॉपर्टी डील में खरीदार का PAN ही काफी है, TAN की जरूरत नहीं। TCS दरें भी फ्लैट 2 प्रतिशत पर सेट हो गई हैं।

इन बदलावों का उद्देश्य काले धन पर अंकुश लगाना और डिजिटल अनुपालन बढ़ाना है। लेकिन आम आदमी के लिए यह चुनौती है, क्योंकि TRACES पोर्टल से ही डिजिटल सर्टिफिकेट जेनरेट करने पड़ते हैं- हाथ से बने कागज अमान्य हैं। फॉर्म 26AS या AIS में सभी लेन-देन वेरिफाई करना जरूरी है।

गैर-अनुपालन पर सजा

गैर-अनुपालन की कीमत भारी है। TDS न काटने पर 1 प्रतिशत मासिक ब्याज, जमा न करने पर 1.5 प्रतिशत प्रति माह। रिटर्न में देरी पर धारा 234E से प्रतिदिन 200 रुपये की फीस, जो कुल TDS तक सीमित रहती है। गंभीर मामलों में धारा 271C के तहत टैक्स बराबर जुर्माना और 276B से मुकदमा हो सकता है। टैक्स ऑडिट न कराने पर खर्च की अनुमति भी नहीं मिलती। विशेषज्ञों का कहना है कि PAN लिंकिंग और ऑटोमेटेड चेक से अब छूट मुश्किल है।

जागरूकता ही बचाव

निष्कर्षतः, TDS अब सिर्फ बिजनेस की नहीं, हर नागरिक की जिम्मेदारी है। समय पर कटौती, जमा और रिटर्न फाइलिंग से बचें नुकसान। इनकम टैक्स पोर्टल पर रजिस्टर करें, सीए से सलाह लें। जागरूकता ही बचाव है- वरना सरकारी नोटिस आपकी जेब खाली कर सकता है। 

Author
Pinki Negi
GyanOK में पिंकी नेगी बतौर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं। पत्रकारिता में उन्हें 7 वर्षों से भी ज़्यादा का अनुभव है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत साल 2018 में NVSHQ से की थी, जहाँ उन्होंने शुरुआत में एजुकेशन डेस्क संभाला। इस दौरान पत्रकारिता के क्षेत्र में नए-नए अनुभव लेने के बाद अमर उजाला में अपनी सेवाएं दी। बाद में, वे नेशनल ब्यूरो से जुड़ गईं और संसद से लेकर राजनीति और डिफेंस जैसे कई महत्वपूर्ण विषयों पर रिपोर्टिंग की। पिंकी नेगी ने साल 2024 में GyanOK जॉइन किया और तब से GyanOK टीम का हिस्सा हैं।

अभी-अभी मोदी का ऐलान

हमारे Whatsaap ग्रुप से जुड़ें