
रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर की दिग्गज कंपनी सुजलॉन एनर्जी का शेयर एक बार फिर सुर्खियों में है। पिछले कुछ महीनों से उतार-चढ़ाव का शिकार यह मल्टीबैगर स्टॉक अब रॉकेट बनने की तैयारी में नजर आ रहा है। बड़े ब्रोकरेज हाउसों ने ₹70 तक के आकर्षक टारगेट दिए हैं, जिससे रिटेल निवेशक उत्साहित हो चुके हैं। लेकिन सवाल वही पुराना है- क्या अब खरीदना सही समय है, या बाजार की चालबाजी में फंसने का खतरा है?
मार्केट एक्सपर्ट्स सुजलॉन के टेक्निकल चार्ट को बेहद मजबूत बता रहे हैं। अगर शेयर ₹52-53 के प्रमुख रेजिस्टेंस लेवल को पार कर जाता है, तो यह तेजी से ₹68-₹70 के स्तर छू सकता है। JM फाइनेंशियल और बजाज ब्रोकिंग जैसे ब्रोकरेज ने ‘बाय’ रेटिंग के साथ ₹64-₹70 के टारगेट सुझाए हैं, जो मौजूदा ₹49.40 के भाव से 30-40% की संभावित बढ़त का इशारा देते हैं। हालांकि, जोखिम से बचने के लिए ₹38 का स्टॉपलॉस जरूरी बताया जा रहा है, क्योंकि हाल ही में शेयर 52-सप्ताह निचले स्तर ₹38 तक लुढ़क चुका था। ICICI सिक्योरिटीज और मोतीलाल ओसवाल ने भी 54% तक उछाल की उम्मीद जताई है, लेकिन शॉर्ट-टर्म अस्थिरता पर चेतावनी दी है।
गर्मी ने क्यों बढ़ाया सुजलॉन का दमखम?
भारत में बढ़ती गर्मी के साथ बिजली की मांग रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है। JM फाइनेंशियल की रिपोर्ट के मुताबिक, रात के समय सोलर पावर की अनुपलब्धता में विंड एनर्जी ग्रिड को स्थिर रखने का मुख्य सहारा बन रही है। गैस और हाइड्रो पावर की कमी के बीच सुजलॉन जैसी कंपनियां शाम की पीक डिमांड का फायदा उठा रही हैं। कंपनी की मजबूत ऑर्डर बुक और समय पर प्रोजेक्ट डिलीवरी ने फंडामेंटल्स को और मजबूत किया है। ROE 40-42% और PE रेशियो 16-17 जैसे आंकड़े लॉन्ग-टर्म निवेशकों को आकर्षित कर रहे हैं।
वैश्विक तनाव से अनपेक्षित लाभ
ईरान-अमेरिका तनाव के कारण ग्लोबल ऊर्जा बाजार में उथल-पुथल मची है। कच्चे तेल की कीमतें आसमान छू रही हैं, जिससे भारत का फोकस ग्रीन एनर्जी पर और तेज हो गया है। एक्सपर्ट्स सुजलॉन को इस ‘अनपेक्षित लाभार्थी’ का दर्जा दे रहे हैं। सरकारी नीतियां और रिन्यूएबल टारगेट्स कंपनी को लंबी रेस का घोड़ा बना रहे हैं।
GAIL डील ने दी नई उड़ान
सुजलॉन की ग्रोथ का बड़ा आधार सरकारी ऑर्डर हैं। हाल ही में GAIL के साथ 100 मेगावाट विंड प्रोजेक्ट का समझौता हुआ, जो वित्त वर्ष का चौथा बड़ा सरकारी ऑर्डर है। S120 विंड टर्बाइन तकनीक से लैस यह प्रोजेक्ट कंपनी की तकनीकी श्रेष्ठता को प्रमाणित करता है। Q3 FY26 में शुद्ध मुनाफा 45% और रेवेन्यू 42% उछला। FIIs ने हिस्सेदारी 23.9% तक बढ़ाई, जबकि म्यूचुअल फंड्स ने भी दांव लगाया। कर्ज घटकर 1,438 करोड़ रह गया, जो बैलेंस शीट को मजबूत बनाता है।
ब्रोकरेज की बुलिश राय बरकरार
JM फाइनेंशियल ने ₹64 का टारगेट दोहराया, जबकि गौरव शर्मा जैसे एक्सपर्ट 3-4 महीने में ₹70 की भविष्यवाणी कर रहे हैं। FY26 में 2.5GW डिलीवरी का लक्ष्य 66% ग्रोथ दिखाता है। लेकिन YTD 20% गिरावट और उच्च P/B रेशियो सतर्कता बरतने की याद दिलाते हैं। निवेशक उत्साहित हैं, लेकिन एक्सपर्ट्स लॉन्ग-टर्म होल्ड की सलाह दे रहे हैं। सुजलॉन का सफर मल्टीबैगर रहा है- 5 साल में 2800% रिटर्न, लेकिन शॉर्ट-टर्म में उतार-चढ़ाव तय है।









