
भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) के करीब 22 लाख शेयरधारकों के लिए एक ऐसी खुशखबरी आई है, जो निवेश जगत में हलचल मचा रही है। कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने 13 अप्रैल 2026 को हुई महत्वपूर्ण बैठक में 1:1 के अनुपात में बोनस शेयर जारी करने का प्रस्ताव पास कर दिया। इसका सीधा मतलब है कि अगर आपके पास रिकॉर्ड डेट तक LIC का एक शेयर है, तो आपको कंपनी की ओर से एक अतिरिक्त फुली-पेड इक्विटी शेयर मुफ्त में मिलेगा। लिस्टिंग (मई 2022) के बाद ये कंपनी का पहला बोनस इश्यू है, जो निवेशकों को ‘लॉटरी’ जैसा तोहफा दे रहा है।
बोनस शेयरों की विस्तृत जानकारी
LIC ने बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) को फाइलिंग के जरिए बताया कि ये बोनस शेयर फेस वैल्यू 10 रुपये के होंगे। इन्हें कंपनी अपने रिजर्व और सरप्लस फंड से जारी करेगी, जो 31 दिसंबर 2025 तक जमा हैं। अनुमान है कि इस इश्यू से करीब 6,300-6,350 करोड़ रुपये के नए शेयर बाजार में आएंगे, जिससे कुल शेयर कैपिटल दोगुना हो जाएगा।
हालांकि, ये प्रस्ताव शेयरधारकों की आम सभा में औपचारिक मंजूरी के बाद ही लागू होगा। रिकॉर्ड डेट की घोषणा बाकी है, इसलिए निवेशकों को सतर्क रहना होगा-सिर्फ वही शेयरहोल्डर बोनस के हकदार होंगे, जिनके डीमैट अकाउंट में उस तारीख तक शेयर मौजूद होंगे।
शेयर मूल्य पर प्रभाव
बोनस शेयरों का तकनीकी असर सीधा है। मान लीजिए, आपके पास 100 शेयर हैं, तो बोनस के बाद ये 200 हो जाएंगे। लेकिन कुल पोर्टफोलियो वैल्यू में कोई जादुई बढ़ोतरी नहीं होगी, क्योंकि शेयर प्राइस थ्योरिटिकली आधी हो जाएगी। उदाहरण के तौर पर, अगर आज प्राइस 900 रुपये है, तो एडजस्टमेंट के बाद ये 450 रुपये के आसपास आ सकती है। ये बदलाव लिक्विडिटी बढ़ाने का बड़ा हथियार है।
बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि कम प्राइस से रिटेल निवेशक ज्यादा आकर्षित होंगे, ट्रेडिंग वॉल्यूम बढ़ेगा और शेयर की प्राइस डिस्कवरी बेहतर होगी। LIC का स्टॉक पहले ही इस खबर पर 8 प्रतिशत तक उछला है, जो कंपनी के मजबूत फंडामेंटल्स का संकेत देता है।
सरकारी हिस्सेदारी और OFS का रास्ता
खास बात ये कि LIC में केंद्र सरकार की हिस्सेदारी अभी 96.5 प्रतिशत है। बोनस इश्यू से फ्री फ्लोट बढ़ेगा, जिससे सरकार को भविष्य में ऑफर फॉर सेल (OFS) के जरिए स्टेक बेचना आसान हो जाएगा। SEBI के न्यूनतम पब्लिक शेयरहोल्डिंग नियमों (25 प्रतिशत) को पूरा करने के लिए ये कदम रणनीतिक है। बाजार में LIC के कम फ्री शेयर उपलब्ध होने से अस्थिरता रहती है, लेकिन बोनस से ये समस्या हल हो सकती है। कंपनी ने लिस्टिंग के बाद 5 अंतरिम डिविडेंड दिए हैं, और अब बोनस के साथ निवेशकों का भरोसा और मजबूत हो गया है।
निवेशकों के लिए सावधानियां
हालांकि, निवेशक सावधान रहें। ‘LIC बोनस अलर्ट’ के नाम पर फ्रॉड कॉल और मैसेज बढ़ रहे हैं, जहां OTP या KYC मांगा जा रहा है। LIC कभी ऐसी जानकारी नहीं मांगती। आधिकारिक अपडेट सिर्फ licindia.in या एक्सचेंज फाइलिंग से ही लें। कुल मिलाकर, ये बोनस LIC के कॉन्फिडेंस का प्रतीक है, जो लॉन्ग-टर्म निवेशकों के लिए सुनहरा अवसर है। क्या आप LIC में निवेश करेंगे? बाजार की नजर रिकॉर्ड डेट पर टिकी है।









