
देश में यात्री और व्यापारी फिर एक बार ईंधन बिल की चिंता में हैं। अमेरिका और ईरान के बीच जारी राजनयिक और सैन्य तनाव ने वैश्विक तेल बाजार को हिला दिया है, जिसका असर सीधे भारत के पेट्रोल–डीजल की खुदरा कीमतों पर दिख रहा है। सरकारी तेल कंपनियों के अनुसार, बुधवार को देशभर में तेल की खुदरा कीमतों में उछाल देखने को मिला, जिसके बाद आज नोएडा से पटना तक पेट्रोल–डीजल के रेट बदले हुए दिख रहे हैं।
अमेरिका–ईरान संकट का प्रभाव
हजारों किलोमीटर दूर ना सिर्फ अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष की चिंता है, बल्कि इसके चलते सरकारी तेल कंपनियों को भयंकर नुकसान का सामना करना पड़ रहा है। ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल की कीमत अभी भी 90 डॉलर प्रति बैरल के आसपास चल रही है, लेकिन यह तनाव इसे अस्थिर बना रहा है और दिन‑भर उतार‑चढ़ाव देखे जा रहे हैं। इसी बदलाव के चलते भारत में खुदरा स्तर पर पेट्रोल और डीजल की कीमतें हर सुबह 6 बजे नए‑नए रेंज में दिखने लगी हैं।
नोएडा‑गाजियाबाद में बढ़ोतरी
उत्तर प्रदेश से लेकर बिहार तक रेट बदलाव अब आम बात हो गई है। सरकारी तेल कंपनियों के अनुसार, गाजियाबाद में पेट्रोल 39 पैसे महंगा होकर 94.89 रुपये प्रति लीटर पर पहुंच गया है, जबकि डीजल 45 पैसे चढ़कर 88.03 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है। नोएडा में भी पेट्रोल 13 पैसे बढ़कर 94.90 रुपये प्रति लीटर और डीजल 12 पैसे की तेजी के साथ 88.01 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गया है। ऐसे में स्कूटर–बाइक और कार चलाने वाले यूजर्स के लिए महीने का ईंधन बिल लगातार ऊपर जाता दिख रहा है।
पटना में थोड़ी राहत
बिहार की राजधानी पटना में स्थिति थोड़ी अलग है। यहां पेट्रोल 37 पैसे सस्ता होकर 105.23 रुपये प्रति लीटर और डीजल 35 पैसे गिरकर 91.49 रुपये प्रति लीटर पर दर्ज हुआ है। यह लोकल टैक्स, डिस्ट्रिब्यूशन कॉस्ट और राज्य सरकार की नीतियों के चलते हल्का संतुलन बन सकता है, लेकिन सामान्य रूप से बिहार के शहरों में पेट्रोल 100 रुपये के आसपास और डीजल 90–92 रुपये के रेंज में ही चल रहा है, जो उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों से ज्यादा महंगा लगता है।
क्रूड ऑयल में उतार‑चढ़ाव
कच्चे तेल की बात करें तो बीते 24 घंटे में भी बाजार में उतार‑चढ़ाव दर्ज हुए हैं। ब्रेंट क्रूड ऑयल का भाव बड़ी गिरावट के साथ 94.44 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया है, जबकि WTI क्रूड भी थोड़ा नीचे आकर लगभग 90.39 डॉलर प्रति बैरल पर टिका है। इस गिरावट के पीछे ईरान और अमेरिका के बीच शांति पर बातचीत की संभावना से जुड़ी खबरें और तेल आपूर्ति बाधा टलने की उम्मीदें मानी जा रही हैं। फिर भी, यह शांति–संभावना इतनी नाजुक है कि क्रूड की कीमतें अगले हफ्ते फिर से बढ़ सकती हैं, जिसका असर दोबारा भारतीय ईंधन बाजार पर दिखेगा।
महानगरों में रेट का अंतर
चारों प्रमुख महानगरों में भी रेट अलग‑अलग हैं। दिल्ली में पेट्रोल 94.72 रुपये और डीजल 87.62 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है, जबकि मुंबई में पेट्रोल 103.44 रुपये और डीजल 89.97 रुपये प्रति लीटर के भाव पर चल रहा है। चेन्नई में पेट्रोल 100.76 रुपये और डीजल 92.35 रुपये प्रति लीटर दर्ज है, तो कोलकाता में पेट्रोल 104.95 रुपये और डीजल 91.76 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गया है। यह अंतर मुख्य रूप से राज्य‑स्तरीय टैक्स, लोकल शुल्क, और ढाल–बीच की लागत के कारण होता है।
हर सुबह होता है बदलाव
हर दिन सुबह 6 बजे सरकारी तेल कंपनियाँ नए रेट जारी करती हैं, जो तुरंत तेल पंपों पर लागू हो जाते हैं। पेट्रोल और डीजल के दाम में सिर्फ कच्चे तेल की कीमत नहीं, बल्कि एक्साइज ड्यूटी, डीलर कमीशन, वैट और अन्य लोकल शुल्क जोड़ दिए जाते हैं, जिससे खुदरा दाम असली क्रूड भाव से लगभग दोगुना या उससे भी ज्यादा हो जाता है। यही कारण है कि जब भी वैश्विक तेल मार्केट में छोटा सा उतार‑चढ़ाव आता है, तो भारत में पंप वाला रेट यूजर के लिए “महंगा लगने” जितना झटका देता है।
आम आदमी के लिए सलाह
एक्सपर्ट बताते हैं कि अगर अमेरिका और ईरान के बीच तनाव थोड़ा भी बढ़ता है, तो क्रूड की कीमत फिर से 100 डॉलर प्रति बैरल के उपर जा सकती है, जिससे पेट्रोल–डीजल की कीमतें भी एक बार फिर ऊपर की तरफ दौड़ सकती हैं। ऐसे में आम आदमी के लिए सबसे सुरक्षित तरीका यही है कि घर से निकलने से पहले अपने शहर के लिए ताज़ा रेट ऑनलाइन चेक कर ले, ताकि अचानक ईंधन बिल पर भारी झटका न लगे।









