
पीपीएफ (पब्लिक प्रोविडेंट फंड) आज भी भारत के निवेशकों के लिए एक पसंदीदा और रिस्क‑फ्री लॉन्ग‑टर्म सेविंग ऑप्शन है। खासकर बच्चों के फ्यूचर की योजना बनाते समय माता‑पिता हर जगह सुनते हैं कि “बच्चे के नाम पर PPF, सुरक्षित रिटर्न और टैक्स छूट – बेहतरीन ऑप्शन है”. लेकिन यहां एक बड़ी गलतफहमी है: कई माता‑पिता यह सोचते हैं कि जॉइंट तरीके से पति‑पत्नी मिलकर ₹1.5 लाख + ₹1.5 लाख = कुल ₹3 लाख जमा कर सकते हैं, जबकि वास्तविकता इससे काफी अलग है।
₹1.5 लाख से ज्यादा जमा करने पर क्या दिक्कत होगी
जानकारों के अनुसार, PPF स्कीम के तहत किसी भी व्यक्ति के लिए सालाना अधिकतम जमा सीमा ₹1.5 लाख ही होती है, चाहे वह खाता खुद के नाम पर हो या नाबालिग बच्चे के नाम पर। यह सीमा व्यक्ति‑वार लगती है, न कि खाता‑वार। इसका मतलब है कि गार्जियन (माता या पिता) का अपना PPF अकाउंट + बच्चे के नाम का PPF अकाउंट मिलाकर कुल जमा ₹1.5 लाख से ज्यादा नहीं हो सकता।
अगर माता‑पिता दोनों मिलकर बच्चे के नाम पर ₹3 लाख जमा करते हैं, तो सिर्फ पहले ₹1.5 लाख पर ब्याज और टैक्स‑छूट मिलेगी, बाकी रकम पर न तो ब्याज लगेगा और न ही उस पर सेक्शन 80C की टैक्स‑डिडक्शन का फायदा मिलेगा।
नाबालिग के PPF में कौन और कैसे जमा कर सकता है
नाबालिग बच्चे के लिए PPF खोलने के नियम भी बहुत साफ हैं। खाता केवल माता या पिता (या कानूनी गार्जियन) के जरिए खुल सकता है और संचालित भी केवल एक गार्जियन ही कर सकता है। PPF स्कीम 2019 के पैराग्राफ 3(2) और 4 के मुताबिक, नाबालिग खाते को सिर्फ एक गार्जियन ऑपरेट कर सकता है, दोनों माता‑पिता अलग‑अलग गार्जियन नहीं बन सकते। यही कारण है कि सरकार ने जमा सीमा को गार्जियन के साथ जोड़ दिया – यानी जिस व्यक्ति के नाम पर बच्चे का अकाउंट खुला है, उसके लिए कुल जमा (अपना + बच्चे का) ₹1.5 लाख तक ही माना जाएगा।
टैक्स छूट और ब्याज पर अहम बातें
टैक्स से जुड़े मामलों में भी माता‑पिता को सावधानी बरतनी जरूरी है। बच्चे के PPF अकाउंट में माता‑पिता की तरफ से जमा की गई रकम उपहार (gift) की श्रेणी में आती है, और ब्याज खुद भी बच्चे के नाम पर जमा होता है। हालांकि, PPF का ब्याज पूरी तरह टैक्स‑फ्री होता है, इसलिए किसी भी तरह की अतिरिक्त टैक्स बोझ नहीं पड़ता। साथ ही, सेक्शन 80C के तहत टैक्स डिडक्शन उसी माता‑पिता को मिलता है, जो वास्तव में पैसा जमा कर रहा है, न कि बच्चे को।
ज्यादा बचत के लिए अलग‑अलग स्कीम्स का उपयोग
विशेषज्ञों की सलाह है कि अगर आप ज्यादा बचत करना चाहते हैं, तो सिर्फ PPF पर निर्भर न रहें। आप सुकन्या समृद्धि योजना, NSC, बैंक FD, म्यूचुअल फंड्स जैसी अलग‑अलग जगहों पर बचत को बांट सकते हैं, ताकि रिस्क और रिटर्न दोनों के हिसाब‑किताब बरकरार रहें। लेकिन इससे पहले एक बात जरूर याद रखें: बच्चे का PPF एक शानदार सुरक्षित विकल्प है, लेकिन नियमों की अनदेखी करने से आपका निवेश फंस सकता है और टैक्स फायदा खो सकता है।
इसलिए जानकारों का सुझाव है कि बच्चे के भविष्य की प्लानिंग से पहले एक सर्टिफाइड फाइनेंशियल एडवाइजर से सलाह लें, ताकि आप सही स्कीम चुन सकें और टैक्स‑छूट भी बिल्कुल सही तरीके से मिल सके।









