
निवेश करने की जल्दबाजी में न पड़ें! भारतीय शेयर बाजार आज पूरी तरह बंद है। बीएसई और एनएसई के आधिकारिक हॉलिडे कैलेंडर के मुताबिक, डॉ. बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर जयंती के अवसर पर 14 अप्रैल को सभी ट्रेडिंग गतिविधियां ठप हैं। यह राष्ट्रीय अवकाश संविधान निर्माता डॉ. अंबेडकर की जन्मतिथि को समर्पित है, जिसे देशभर में श्रद्धा के साथ मनाया जाता है।
निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे अपनी रणनीति कल के लिए टाल दें, क्योंकि आज न तो इक्विटी में खरीद-फरोख्त संभव है और न ही डेरिवेटिव्स या करेंसी सेगमेंट में। ट्रेडिंग बुधवार, 15 अप्रैल को सुबह 9:15 बजे से दोपहर 3:30 बजे तक सामान्य रूप से फिर शुरू हो जाएगी।
प्रभावित सेगमेंट और समय
सोमवार से शुक्रवार तक चलने वाले शेयर बाजार में यह छुट्टी निवेशकों के लिए एक अनिवार्य विराम है। एनएसई और बीएसई दोनों प्रमुख एक्सचेंजों पर इक्विटी, इक्विटी डेरिवेटिव्स और करेंसी डेरिवेटिव्स के सभी सेगमेंट पूरी तरह बंद रहेंगे। हालांकि, कमोडिटी मार्केट में थोड़ी राहत है। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर सुबह का सेशन सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक बंद रहेगा, लेकिन शाम 5 बजे से रात 11:55 बजे तक दूसरा सेशन चालू रहेगा।
दूसरी ओर, एनसीडीईएक्स दोनों ही सेशनों में बंद रहेगा। यह व्यवस्था निवेशकों को आंशिक ट्रेडिंग का मौका देती है, खासकर सोने-चांदी जैसे कीमती धातुओं में रुचि रखने वालों के लिए। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसी छुट्टियों पर वैश्विक संकेतों का असर पड़ता है, इसलिए अमेरिकी या एशियाई बाजारों पर नजर रखना फायदेमंद हो सकता है।
बाकी साल की छुट्टियां
यह छुट्टी साल की कुल 16 ट्रेडिंग अवकाशों में से एक है, जिनमें से अब तक सात हो चुके हैं। आने वाले महीनों में निवेशकों को कई ब्रेक का सामना करना पड़ेगा। सबसे पहले 1 मई को महाराष्ट्र दिवस के मौके पर बाजार बंद रहेगा, जो श्रमिक वर्ग के लिए महत्वपूर्ण है। इसके ठीक एक महीने बाद, 28 मई को बकरीद (ईद-उल-अधा) पर ट्रेडिंग रुक जाएगी। जून में 26 तारीख को मुहर्रम के कारण भी बाजार निष्क्रिय रहेगा।
जुलाई में कोई छुट्टी नहीं है, लेकिन 15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस शनिवार को पड़ने से कोई अतिरिक्त बंदी नहीं होगी। सितंबर में 14 तारीख को गणेश चतुर्थी पर छुट्टी घोषित है, जो महाराष्ट्र और अन्य राज्यों में बड़े उत्साह से मनाई जाती है।
त्योहारों का महीना अक्टूबर-दिसंबर
अक्टूबर त्योहारों का महीना साबित होगा। 2 अक्टूबर को गांधी जयंती और 20 अक्टूबर को दशहरा (विजयादशमी) पर शेयर बाजार की पटरी थम जाएगी। नवंबर में 10 तारीख को दिवाली बलिप्रतिपदा (भाई दूज से पहले का दिन) पर विशेष छुट्टी रहेगी, जो डेरिवेटिव्स एक्सपायरी को प्रभावित कर सकती है। उसी महीने 24 नवंबर को प्रकाश गुरुपर्व या गुरुनानक जयंती पर भी ट्रेडिंग बंद होगी। साल का अंत दिसंबर में 25 तारीख को क्रिसमस के साथ होगा, जो ईसाई समुदाय का प्रमुख पर्व है। इन छुट्टियों के कारण निवेशक अक्सर वोलेटिलिटी का शिकार होते हैं, क्योंकि बाजार बंद होने पर ग्लोबल घटनाएं कीमतों को प्रभावित करती हैं।
निवेशकों के लिए सलाह
विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि निवेशक इन तारीखों को कैलेंडर में चिह्नित कर लें और पोर्टफोलियो को पहले से बैलेंस करें। छुट्टियों से पहले ट्रेडिंग वॉल्यूम बढ़ जाता है, जिससे शॉर्ट-टर्म उतार-चढ़ाव आम है। साथ ही, कमोडिटी ट्रेडर्स शाम के सेशन का लाभ उठा सकते हैं। कुल मिलाकर, अनुशासित अप्रोच ही लंबे समय में फायदेमंद साबित होती है। बाजार की दुनिया में धैर्य ही सबसे बड़ा हथियार है।









