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Tata Group के ‘तुरुप के इक्के’ हुए फेल? कंपनी को ₹29,000 करोड़ के भारी नुकसान का अनुमान, निवेशकों में खलबली

टाटा ग्रुप के नए 'तुरुप के इक्के' कारोबार FY26 में ₹29,000 करोड़ का भारी घाटा दे रहे हैं। एयर इंडिया (₹20,000 करोड़) और टाटा डिजिटल (₹5,000 करोड़) मुख्य कारण। पहले 9 महीनों में ही ₹21,700 करोड़ नुकसान, प्रबंधन चुनौतियां और चंद्रशेखरन की नियुक्ति टली। निवेशक चिंतित, जून में टर्नअराउंड प्लान की उम्मीद।

By Pinki Negi

Tata Group के 'तुरुप के इक्के' हुए फेल? कंपनी को ₹29,000 करोड़ के भारी नुकसान का अनुमान, निवेशकों में खलबली

भारत के सबसे प्रतिष्ठित औद्योगिक घरानों में शुमार टाटा ग्रुप वित्त वर्ष 2025-26 में अभूतपूर्व संकट से जूझ रहा है। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, टाटा संस के तहत शुरू किए गए नए ‘तुरुप के इक्के’ कारोबारों को पूरे वित्त वर्ष में करीब ₹29,000 करोड़ का भारी नुकसान होने का अनुमान है, जो शुरुआती ₹5,700 करोड़ के अनुमान से पांच गुना अधिक है।

FY26 के पहले नौ महीनों में ही घाटा ₹21,700 करोड़ तक पहुंच चुका है, जो पूरे FY25 के ₹16,550 करोड़ के आंकड़े को भी पीछे छोड़ दिया। यह अस्थिर लेकिन तेजी से बढ़ता रुझान FY23-24 में नुकसान कम होने के बाद फिर उलट गया, जिससे ग्रुप की रणनीति पर सवाल खड़े हो गए।

प्रबंधन चुनौतियां और नेतृत्व पर संकट

प्रबंधन संबंधी गंभीर चुनौतियां इस संकट को और गहरा रही हैं। फरवरी की बोर्ड मीटिंग में चेयरमैन नटराजन चंद्रशेखरन के तीसरे कार्यकाल की नियुक्ति टाल दी गई, क्योंकि अनुमानों और वास्तविक प्रदर्शन के बीच चौकाने वाला अंतर सामने आया। नोएल टाटा ने भी इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया। उम्मीद है कि जून तक चंद्रशेखरन एक व्यापक टर्नअराउंड प्लान पेश करेंगे, जिसमें नए बिजनेस की दिशा सुधारने पर फोकस होगा। एयर इंडिया, टाटा डिजिटल, टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स और तेजस नेटवर्क्स जैसे इन ‘इक्कों’ ने ग्रुप को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाया है।

टाटा डिजिटल: निवेश की भारी कीमत

टाटा डिजिटल इसकी सबसे बड़ी चिंता बन चुका है। 2019 में लॉन्च हुए इस प्लेटफॉर्म में बिगबास्केट, टाटा 1mg, क्रोमा, टाटा क्लिक और टाटा न्यू जैसे ब्रांड शामिल हैं, जहां ग्रुप ने ₹24,000 करोड़ से ज्यादा निवेश झोंक दिया। फिर भी, FY26 में नुकसान ₹5,000 करोड़ को पार करने का अनुमान है, जिसमें पहले नौ महीनों का आंकड़ा ही ₹3,750 करोड़ से अधिक है।

आर्थर एंड लिटिल के मैनेजिंग पार्टनर थॉमस कुरुविला का कहना है कि नेतृत्व में बार-बार बदलाव, प्रोडक्ट सुधार की धीमी रफ्तार और लॉयल्टी प्रोग्राम को एकमात्र विकास का आधार मानना बड़ी भूल साबित हुई। प्रतिस्पर्धियों ने बिगबास्केट को ‘डार्क स्टोर’ नेटवर्क और तेज डिलीवरी में पीछे छोड़ दिया, जहां FY25 में अकेले इसका नुकसान ₹4,610 करोड़ रहा। क्रोमा, 1mg और क्लिक ने भी योगदान दिया, और FY26 में यही ट्रेंड जारी रहने की आशंका है।

एयर इंडिया: सबसे बड़ा घाटा स्रोत

एयर इंडिया पर तो संकट और गहरा है। इस एयरलाइन को FY26 में ₹20,000 करोड़ तक का घाटा होने का अनुमान है, जो शुरुआती ₹2,000 करोड़ के अनुमान से दस गुना ज्यादा है। पहले नौ महीनों में ही ₹15,000-16,000 करोड़ का नुकसान दर्ज हो चुका, जबकि FY25 में यह ₹11,000 करोड़ था। पाकिस्तान एयरस्पेस बंदी, अहमदाबाद विमान दुर्घटना, फ्यूल खर्च में उछाल और नॉर्थ अमेरिका रूट्स पर रुकावटें मुख्य वजहें हैं।

क्रिसिल रेटिंग्स ने भी ऑपरेटिंग परफॉर्मेंस में गिरावट की चेतावनी दी है। टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स भी ₹3,000 करोड़ के नुकसान की ओर अग्रसर है, जहां सेमीकंडक्टर जैसे हाई-इन्वेस्टमेंट सेक्टर में रिटर्न उम्मीद के मुताबिक नहीं आया।

निवेशकों की चिंता और भविष्य की राह

निवेशकों में खलबली मच गई है। शेयर बाजार में टाटा ग्रुप के स्टॉक्स 9% तक लुढ़क चुके, और ट्रंप टैरिफ जैसे वैश्विक दबाव ने मार्केट कैप ₹1.5 लाख करोड़ घटा दिया। हालांकि, ग्रुप के पारंपरिक बिजनेस मजबूत हैं, लेकिन नए क्षेत्रों में सुधार जरूरी है। विशेषज्ञों का मानना है कि मजबूत लीडरशिप और फोकस्ड रणनीति से टाटा यह संकट अवश्य पार कर लेगा।

Author
Pinki Negi
GyanOK में पिंकी नेगी बतौर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं। पत्रकारिता में उन्हें 7 वर्षों से भी ज़्यादा का अनुभव है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत साल 2018 में NVSHQ से की थी, जहाँ उन्होंने शुरुआत में एजुकेशन डेस्क संभाला। इस दौरान पत्रकारिता के क्षेत्र में नए-नए अनुभव लेने के बाद अमर उजाला में अपनी सेवाएं दी। बाद में, वे नेशनल ब्यूरो से जुड़ गईं और संसद से लेकर राजनीति और डिफेंस जैसे कई महत्वपूर्ण विषयों पर रिपोर्टिंग की। पिंकी नेगी ने साल 2024 में GyanOK जॉइन किया और तब से GyanOK टीम का हिस्सा हैं।

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