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उत्तराखंड में आज से पानी हुआ महंगा! जल संस्थान ने बिलों में किया 4% का इजाफा, जानें अब कितना आएगा खर्च

जल संस्थान ने बिलों में 4% बढ़ोतरी कर दी। ग्रामीण क्षेत्रों में 117 से 121 रुपये, शहरी में 360 से 373 रुपये मासिक। हाउस टैक्स और वॉल्यूमेट्रिक आधार पर निर्धारण। सीएमडी डीके सिंह ने बताया, पहले 9-11% वृद्धि थी, अब घटकर 4%। ujsbill.uk.gov.in पर चेक करें। उपभोक्ता नाराज, रखरखाव खर्च का हवाला।

By Pinki Negi

उत्तराखंड में आज से पानी हुआ महंगा! जल संस्थान ने बिलों में किया 4% का इजाफा, जानें अब कितना आएगा खर्च

उत्तराखंड के लाखों घरों में बुधवार से पानी का दाम बढ़ गया है। जल संस्थान ने घरेलू बिलों में चार फीसदी की बढ़ोतरी कर दी, जिससे पेयजल उपभोक्ताओं को अब अधिक खर्च करना पड़ेगा। अगर आपके घर में जल संस्थान की पाइपलाइन से पानी आता है, तो अगले बिल में अतिरिक्त बोझ महसूस होगा। यह वृद्धि 2013 के बेस टैरिफ पर आधारित सालाना टैरिफ संरचना के तहत लागू की गई है, जो राज्य सरकार की मंजूरी से तय होती है।

बढ़ोतरी के पीछे दो मुख्य आधार

जल संस्थान के मुख्य महाप्रबंधक डी.के. सिंह ने बताया कि बिल निर्धारण दो मुख्य आधारों पर होता है। पहला, हाउस टैक्स असेसमेंट के अनुसार उपभोक्ताओं को विभिन्न स्लैब में वर्गीकृत किया जाता है। दूसरा, वॉल्यूमेट्रिक टैरिफ यानी पानी की लीटर आधारित खपत पर चार्ज लगाया जाता है। प्रदेशभर में करीब 50 हजार वॉल्यूमेट्रिक मीटर वाले उपभोक्ता इस श्रेणी में आते हैं। पहले लोअर स्लैब में नौ प्रतिशत और हाई स्लैब में 11 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि प्रचलित थी, लेकिन अब इसे घटाकर चार प्रतिशत कर दिया गया है। यह बदलाव उपभोक्ताओं को कुछ राहत देता है, फिर भी महंगाई के दौर में यह बोझ बढ़ाने वाला है।

नई दरों का असर: ग्रामीण-शहरी दोनों क्षेत्र प्रभावित

ग्रामीण क्षेत्रों में पहले मासिक बिल औसतन 117 रुपये था, जो अब बढ़कर 121 रुपये हो गया। शहरी इलाकों जैसे देहरादून, हरिद्वार और नैनीताल में यह 360 रुपये से उछलकर 373 रुपये प्रति माह पहुंच गया। व्यावसायिक उपभोक्ताओं पर भी यही दर लागू होगी, जिससे होटल, रेस्तरां और छोटे कारोबार प्रभावित होंगे।

विशेषज्ञों का कहना है कि यह बढ़ोतरी जल जीवन मिशन के तहत विस्तारित पाइपलाइन नेटवर्क के रखरखाव खर्च को पूरा करने के लिए जरूरी थी। राज्य में पेयजल कनेक्शन अब 30 लाख से अधिक परिवारों तक पहुंच चुके हैं, लेकिन पुरानी पाइपलाइनों की मरम्मत और नई परियोजनाओं पर करोड़ों का बोझ संस्थान पर है।

उपभोक्ताओं की चिंता और विभाग का स्पष्टीकरण

उपभोक्ता संगठनों ने इस बढ़ोतरी पर सवाल उठाए हैं। देहरादून के एक निवासी ने कहा, “पानी की गुणवत्ता पहले ही संदिग्ध है, ऊपर से बिल बढ़ाना अन्याय है।” जल संस्थान ने स्पष्ट किया कि बिल ujsbill.uk.gov.in पोर्टल पर चेक किए जा सकते हैं और ऑनलाइन भुगतान की सुविधा उपलब्ध है। डिफॉल्ट बिल पर 1.5 प्रतिशत ब्याज लगेगा, जबकि समय पर भुगतान पर छूट भी मिलेगी। आने वाले महीनों में अगर FPPCA जैसे अतिरिक्त चार्ज लगे, तो बोझ और बढ़ सकता है।

सरकारी नीति का व्यापक प्रभाव

यह बढ़ोतरी उत्तराखंड सरकार की वित्तीय नीति का हिस्सा है, जो बिजली बिलों पर भी लागू हुई है। पिछले साल भी इसी तरह 15 प्रतिशत तक की वृद्धि हुई थी, जिससे उपभोक्ता आक्रोशित हुए थे। जल संस्थान ने आश्वासन दिया है कि पानी की आपूर्ति बाधित नहीं होगी और शिकायत निवारण के लिए हेल्पलाइन सक्रिय है।

राज्य के पहाड़ी इलाकों में जहां पानी की कमी आम है, वहां यह खबर चिंता बढ़ा रही है। सरकार को अब उपभोक्ता सब्सिडी या कमजोर वर्ग के लिए राहत पैकेज पर विचार करना चाहिए, ताकि दैनिक जीवन प्रभावित न हो। कुल मिलाकर, चार फीसदी की यह मामूली लगने वाली बढ़ोतरी लाखों परिवारों के बजट को हिला देगी।

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Pinki Negi
GyanOK में पिंकी नेगी बतौर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं। पत्रकारिता में उन्हें 7 वर्षों से भी ज़्यादा का अनुभव है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत साल 2018 में NVSHQ से की थी, जहाँ उन्होंने शुरुआत में एजुकेशन डेस्क संभाला। इस दौरान पत्रकारिता के क्षेत्र में नए-नए अनुभव लेने के बाद अमर उजाला में अपनी सेवाएं दी। बाद में, वे नेशनल ब्यूरो से जुड़ गईं और संसद से लेकर राजनीति और डिफेंस जैसे कई महत्वपूर्ण विषयों पर रिपोर्टिंग की। पिंकी नेगी ने साल 2024 में GyanOK जॉइन किया और तब से GyanOK टीम का हिस्सा हैं।

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