
घूमना-फिरना सभी को पसंद है। नए स्थानों पर जाना, सुंदर नजारे देखना और परिवार-दोस्तों के साथ छुट्टियां मनाना हर किसी का सपना होता है। लेकिन ट्रैवल महंगा पड़ता है- फ्लाइट टिकट, होटल बुकिंग, खाना-पीना, शॉपिंग और लोकल ट्रांसपोर्ट का खर्च आसानी से लाखों में पहुंच जाता है। कई बार सेविंग्स की कमी से प्लान टल जाते हैं। ऐसे में ट्रैवल लोन उभरता है आसान समाधान के रूप में। यह एक असुरक्षित पर्सनल लोन है, जो बैंकों या NBFC जैसे बजाज फिनसर्व, टाटा कैपिटल से मिलता है। इससे आप तुरंत फंडिंग पा सकते हैं और EMI में चुकta सकते हैं।
ट्रैवल लोन के फायदे
ट्रैवल लोन का सबसे बड़ा फायदा तत्काल उपलब्धता है। न्यूनतम दस्तावेज- आधार, PAN, सैलरी स्लिप- के साथ अप्रूवल कुछ घंटों में हो जाता है। कोई कोलैटरल नहीं चाहिए। राशि ₹15,000 से ₹55 लाख तक, अवधि 12-96 महीने। उदाहरणस्वरूप, बजाज फिनसर्व 10-16% ब्याज पर ₹55 लाख तक देता है, जबकि HDFC 9.99-12.50% पर ₹40 लाख। इससे इमरजेंसी यात्रा जैसे हनीमून या फैमिली ट्रिप संभव हो जाती है। क्रेडिट कार्ड से बेहतर, क्योंकि ब्याज कम और लिमिट ज्यादा।
ट्रैवल लोन के नुकसान
लेकिन हर सिक्के के दो पहलू होते हैं। उच्च ब्याज दरें (9.99% से 31%) कुल लागत बढ़ा देती हैं। ₹2 लाख लोन पर 12% ब्याज, 24 महीने में EMI ₹9,452 और कुल ब्याज ₹26,848 पड़ता है। ₹5 लाख पर 11%, 36 महीने: EMI ₹16,677, ब्याज ₹50,372। ₹10 लाख पर 16%, 48 महीने: EMI ₹28,988, ब्याज ₹39,024। प्रोसेसिंग फीस 1-2%, प्रीपेमेंट चार्ज और देरी पर पेनल्टी जोड़ती है। EMI बोझ बने तो क्रेडिट स्कोर खराब होता है, आगे लोन मुश्किल। कोई टैक्स लाभ नहीं, सेविंग्स से बेहतर अगर इंतजार हो सके।
पात्रता मानदंड
पात्रता सख्त है: उम्र 21-58/60 वर्ष, मासिक आय ₹15,000-20,000, CIBIL 700+, 6-12 महीने जॉब। सैलरीड, सेल्फ-एम्प्लॉयड सभी लागू कर सकते हैं। दस्तावेज: ID प्रूफ, इनकम प्रूफ, पासपोर्ट (विदेशी ट्रिप के लिए)।
विशेषज्ञ सलाह
विशेषज्ञ सलाह: लोन लें तो ब्याज, फीस, EMI चेक करें। बजट का 40-50% ही लें। वैकल्पिक- ट्रैवल क्रेडिट कार्ड (रिवॉर्ड्स, कैशबैक) या SIP से सेविंग्स। 2026 में डिजिटल प्लेटफॉर्म्स से तुलना आसान। ट्रैवल लोन सुविधा है, बोझ नहीं। सोच-समझकर फैसला लें, वरना यात्रा का मजा किरकिरा हो जाएगा। आखिर, पैसों की टेंशन से छुट्टियां बर्बाद न हों!









