
एलपीजी सिलेंडर बुकिंग पर लगे 25 दिन के ब्रेक और OTP अनिवार्यता के बावजूद शहर की गैस एजेंसियों के बाहर लोगों की लंबी-लंबी कतारें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। सर्वर दुरुस्त होने के बाद भी सुबह सात बजे से एजेंसियां खुलते ही भीड़ जमा हो जाती है, जिसके कारण कई जगह रात 11 बजे तक काम चला रहा है। विशेष रूप से मुस्लिम बहुल इलाकों जैसे नौचंदी मैदान, घंटाघर, प्रहलाद नगर में सुबह पांच बजे से ही लोग सिलेंडर लेने के लिए खड़े हो जाते हैं।
नए LPG बुकिंग नियम
हाल ही में लागू LPG बुकिंग के नए नियमों के तहत सिंगल कनेक्शन वाले ग्राहकों को पिछले सिलेंडर की डिलीवरी के 25 दिन बाद ही दूसरा सिलेंडर बुक करने की अनुमति है, जबकि डबल कनेक्शन पर 30 दिनों का गैप जरूरी है। पहले यह अंतराल मात्र 21 दिन था, जो ईरान संकट और जमाखोरी रोकने के उद्देश्य से बढ़ाया गया। डिलीवरी के समय रजिस्टर्ड मोबाइल पर आने वाले OTP को डिलीवरी बॉय को बताना अनिवार्य है। बिना OTP सत्यापन के सिलेंडर वापस चले जाते हैं। जिलाधिकारी कार्यालय ने सभी एजेंसियों को इसकी सख्ती से पालना का निर्देश जारी किया है।
डीलर एसोसिएशन अध्यक्ष का बयान
मेरठ गैस एजेंसी के संचालक और मेरठ एलपीजी डीलर एसोसिएशन के अध्यक्ष नमो जैन ने बताया, “ग्राहकों की भीड़ कम नहीं हो रही। सर्वर चालू होने के बावजूद लोग बुकिंग के लिए एजेंसी पर ही पहुंच रहे हैं। सुबह सात से रात 11 बजे तक एजेंसियां खुली रह रही हैं।” उन्होंने कहा कि औद्योगिक और व्यावसायिक कार्यों के लिए कमर्शियल सिलेंडर की भारी किल्लत है।
ग्राहक 25 दिन के नियम को नजरअंदाज कर अपनी जरूरत के हिसाब से अतिरिक्त सिलेंडर मांग रहे हैं। कई लोग डिलीवरी का इंतजार न करने के चक्कर में सिलेंडर खुद ले जाने पर उतारू हैं, लेकिन OTP व्यवस्था के कारण यह संभव नहीं।
नियमों का उद्देश्य और सुझाव
eKYC और ब्लैक मार्केटिंग रोकने के लिए मार्च 2026 से ये नियम सख्ती से लागू हैं। डिलीवरी औसतन 2-3 दिनों में हो रही है, स्टॉक पर्याप्त होने के बावजूद पैनिक बुकिंग से समस्या बढ़ रही। विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान युद्ध जैसे वैश्विक संकट ने LPG सप्लाई चेन प्रभावित की है। ग्राहक ऐप, IVRS या व्हाट्सएप से बुकिंग करें, मोबाइल नंबर अपडेट रखें। नमो जैन ने अपील की, “ग्राहक नियमों का पालन करें ताकि सभी को समय पर सिलेंडर मिले।”
ग्राहकों में बढ़ता असंतोष
शहरवासियों में असंतोष व्याप्त है। एक ग्राहिका ने कहा, “रोजाना कतार में खड़े होना पड़ता है, लेकिन सिलेंडर नहीं मिलता।” प्रशासन ने एजेंसियों को स्टॉक मॉनिटरिंग और OTP सत्यापन में कोई ढिलाई न बरतने को कहा है। फिलहाल संकट कम होने के आसार कम हैं।









