
उत्तर प्रदेश सरकार ने स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं के लिए ऐतिहासिक राहत पैकेज की घोषणा की है। अब जीरो बैलेंस या नेगेटिव बैलेंस होने पर भी बिजली का कनेक्शन तुरंत नहीं कटेगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सख्त निर्देशों पर ऊर्जा मंत्री अरविंद कुमार शर्मा ने यह फैसला लिया, जो गर्मी के मौसम में लाखों परिवारों को अंधेरे से बचाएगा।
नया ‘नो कट’ नियम की मुख्य विशेषताएं
यह नया ‘नो कट’ नियम छोटे घरेलू उपभोक्ताओं को विशेष रूप से लाभ पहुंचाएगा। 1 किलोवाट तक के लोड वाले कनेक्शन पर नेगेटिव बैलेंस होने पर पूरे 30 दिन तक बिजली सप्लाई बरकरार रहेगी। वहीं, 2 किलोवाट तक के उपभोक्ताओं को 200 रुपये तक माइनस बैलेंस की छूट मिलेगी या अधिकतम 3 दिन तक बिना रुकावट बिजली मिलेगी। रविवार, सरकारी अवकाश या रात्रि में बैलेंस खत्म होने पर भी कोई कटौती नहीं होगी। यह व्यवस्था UPPCL द्वारा पूरे प्रदेश में लागू कर दी गई है, जिससे उन परिवारों को फौरी राहत मिलेगी जो कभी-कभी रिचार्ज में चूक जाते हैं।
5-स्तरीय SMS अलर्ट सिस्टम
सरकार ने उपभोक्ताओं को समय पर सूचित करने के लिए 5-स्तरीय SMS अलर्ट सिस्टम शुरू किया है। पहला मैसेज बैलेंस के 30 प्रतिशत बचने पर आएगा, दूसरा 10 प्रतिशत पर, तीसरा जीरो बैलेंस होने पर, चौथा कनेक्शन कटने से एक दिन पहले और पांचवां कटने के बाद। इससे उपभोक्ता रिचार्ज कर समय पर बिल भर सकेंगे। ऊर्जा मंत्री ने बैठक में साफ कहा कि गर्मी में बिजली आपूर्ति में किसी प्रकार की बाधा बर्दाश्त नहीं की जाएगी और शिकायतों का तत्काल निपटारा सुनिश्चित किया जाएगा।
नए स्मार्ट मीटर पर विशेष छूट
नए स्मार्ट मीटर लगने पर भी विशेष छूट दी गई है। इंस्टॉलेशन के बाद 15 दिन का कन्वर्जन पीरियड प्लस 30 दिन की ग्रेस पीरियड (कुल 45 दिन) तक कनेक्शन सुरक्षित रहेगा। इस दौरान उपभोक्ता नए सिस्टम को समझ सकेंगे। साथ ही, पुराने पोस्टपेड मीटरों को प्रीपेड स्मार्ट मीटर में बदलने की प्रक्रिया पर फिलहाल रोक लगा दी गई है। स्मार्ट मीटर की गुणवत्ता और शिकायतों की जांच के लिए IIT कानपुर के विशेषज्ञों वाली 4-सदस्यीय हाई-लेवल समिति गठित की गई है, जो 10 दिनों में रिपोर्ट सौंपेगी। रिपोर्ट आने तक नए मीटर नहीं लगेंगे।
फैसले के पीछे का कारण और प्रभाव
यह फैसला उपभोक्ता आंदोलनों और शिकायतों के बाद आया है। प्रदेश में 78 लाख से अधिक स्मार्ट मीटर लग चुके हैं, जिनमें अधिकांश प्रीपेड हैं। पहले जीरो बैलेंस पर तत्काल कटौती से लोग परेशान थे, खासकर ग्रामीण इलाकों में। अब यह समस्या खत्म हो जाएगी। UPPCL ने हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए हैं, जहां शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। ऊर्जा मंत्री ने जोर देकर कहा कि यह जनहितकारी कदम है, जो डिजिटल मीटरिंग को पारदर्शी बनाएगा बिना उपभोक्ताओं को परेशान किए।
भविष्य की संभावनाएं
कुल मिलाकर, यह नियम यूपी के करीब 5 करोड़ बिजली उपभोक्ताओं में से स्मार्ट मीटर वालों को सशक्त बनाएगा। गर्मियों में एसी, कूलर चलाने वालों को अब बैलेंस की चिंता नहीं रहेगी। सरकार का यह प्रयास बिजली चोरी रोकने और राजस्व बढ़ाने के साथ-साथ उपभोक्ता संतुष्टि सुनिश्चित करेगा। भविष्य में समिति की रिपोर्ट के आधार पर और सुधार संभव हैं।





