
ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच बढ़ते तनाव ने वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को हिला दिया है। होर्मुज स्ट्रेट के शिपिंग रूट प्रभावित होने से भारत जैसे आयात-निर्भर देशों में एलपीजी संकट की आशंका मंडरा रही है। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय (MoPNG) ने इमरजेंसी प्रोटोकॉल के तहत प्राथमिकता सूची जारी की है, जिसमें घरेलू उपभोक्ताओं और आवश्यक सेवाओं को टॉप प्रायोरिटी मिलेगी। हालिया गल्फ संकट में घरेलू स्टॉक 40 दिनों का बचा है, लेकिन व्यावसायिक क्षेत्र प्रभावित हो सकता है। आइए जानें, संकट में किसे सबसे पहले सिलेंडर मिलेगा।
अस्पताल और स्वास्थ्य सेवाओं को प्राथमिकता
प्राथमिकता सूची में नंबर वन पर अस्पताल और स्वास्थ्य संस्थान हैं। सरकारी व निजी अस्पताल मरीजों के भोजन, स्टेरलाइजेशन और जरूरी उपकरणों के लिए एलपीजी पर निर्भर हैं। MoPNG ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि चिकित्सा क्षेत्र को 100% बिना रुकावट आपूर्ति मिलेगी। वर्तमान संकट में भी रिफाइनरियों से प्रोडक्शन बढ़ाकर इसकी गारंटी दी गई है। किसी भी कमी में जीवनरक्षक सेवाओं को प्राथमिकता न देना घातक साबित हो सकता है।
रक्षा और सुरक्षा बलों की अहम भूमिका
दूसरे नंबर पर आते हैं रक्षा एवं सुरक्षा प्रतिष्ठान। सेना, नौसेना, वायुसेना की रसद, कैंटीन और मेस को प्राथमिकता सुनिश्चित है। यह ऑपरेशनल रेडीनेस के लिए जरूरी है। PIB के बयान के मुताबिक, सैन्य जरूरतों को कभी प्रभावित नहीं किया जाएगा। उज्ज्वला लाभार्थियों के साथ इन्हें उच्च प्राथमिकता मिलती है, क्योंकि राष्ट्रीय सुरक्षा सर्वोपरि है।
उज्ज्वला योजना लाभार्थी व घरेलू उपभोक्ता
प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (PMUY) के 10 करोड़ से अधिक लाभार्थी उच्च प्राथमिकता में हैं। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को सस्ते सिलेंडर सुनिश्चित करने वाली यह योजना संकट में भी सुरक्षित रहेगी। उसके बाद आम घरेलू उपभोक्ता आते हैं, जिनका रोजमर्रा का खाना पकाना प्रभावित न हो। सरकार ने बुकिंग अंतराल 25 दिनों तक बढ़ाया है, ताकि स्टॉक मैनेज हो सके। OMCs (IOCL, BPCL, HPCL) केवल घरेलू बिक्री पर फोकस कर रही हैं।
व्यावसायिक क्षेत्र सबसे अंत में
होटल, रेस्टोरेंट, फैक्ट्रियां और अन्य व्यावसायिक यूनिट्स को अंतिम प्राथमिकता मिलेगी। गंभीर कमी में इनकी सप्लाई कट सकती है या देरी हो सकती है। MoPNG ने सलाह दी है कि इंडक्शन, बिजली या वैकल्पिक ईंधन अपनाएं। उर्वरक इकाइयों को 70%, रिफाइनरियों को 65% आवंटन मिलेगा, लेकिन इंडस्ट्री प्रभावित हो रही है। कुछ होटल बंद होने की कगार पर हैं।
सरकार ने इमरजेंसी प्रावधानों के तहत रिफाइनरी आउटपुट 28% बढ़ाया, अमेरिका-ऑस्ट्रेलिया से अतिरिक्त आयात किया। जमाखोरी रोकने के लिए ग्रिवांस पोर्टल सक्रिय है। नागरिकों से अपील है- घबराएं नहीं, बिना जरूरत बुकिंग न करें। यह प्राथमिकता प्रणाली सुनिश्चित करती है कि गरीब, स्वास्थ्य व सुरक्षा प्रभावित न हों। (









