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Income Tax का नोटिस भूलकर भी नहीं आएगा! सेविंग अकाउंट के लिए फौरन अपना लें ये नया नियम

AI से लैस इनकम टैक्स विभाग सेविंग अकाउंट के 10 लाख+ जमा या हाई ट्रांजेक्शन पर नजर रख रहा है। RBI 2026 नियमों से KYC सख्त, ब्याज ट्रैकिंग पारदर्शी। CA कमलेश कुमार की सलाह: बड़े लेन-देन पर स्रोत प्रूफ रखें, डिजिटल पेमेंट चुनें, ITR-AIS मैच करें। लगातार कैश चक्र से बचें, वरना नोटिस तय। स्मार्ट प्लानिंग से रहें सुरक्षित!

By Pinki Negi

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इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की नोटिस मिलना किसी बुरे सपने से कम नहीं। खासकर तब जब आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (AI) के दम पर विभाग हर बैंक ट्रांजेक्शन पर नजर रख रहा हो। 2026 में RBI के नए नियमों और SFT (Specified Financial Transactions) के तहत सेविंग अकाउंट में 10 लाख रुपये से ज्यादा जमा या असामान्य लेन-देन पर तुरंत अलर्ट चला जाता है।

अगर आपका ITR इनकम से मेल नहीं खाता, तो नोटिस आना तय। Ravi Rajan & Co LLP, दिल्ली के टैक्सेशन पार्टनर CA सी. कमलेश कुमार कहते हैं, “बड़े ट्रांजेक्शन स्रोत स्पष्ट रखें, वरना AI मिसमैच पकड़ लेगा।” बजट 2026 में संशोधित ITR की राहत मिली है, लेकिन बचाव का सबसे अच्छा तरीका सतर्कता है।​

बैंक खाते ऑपरेट करने के नए नियम

सेविंग अकाउंट में जितना चाहें पैसा जमा करें, लेकिन तरीका सही हो। एक फाइनेंशियल ईयर में 10 लाख या इससे ज्यादा कैश डिपॉजिट पर बैंक इनकम टैक्स को रिपोर्ट करता है। लगातार NEFT/RTGS या UPI से हाई-वॉल्यूम ट्रांजेक्शन, FD में अचानक निवेश या कैश जमा-निकासी का चक्र चलने पर शक होता है। CA कमलेश कुमार सलाह देते हैं, “ट्रांजेक्शन declared इनकम से मैच करें, AIS/26AS चेक करते रहें।” 2026 के RBI नियमों से KYC सख्त और इंटरेस्ट कैलकुलेशन पारदर्शी हुआ, जिससे ब्याज मिसमैच पर नोटिस का खतरा बढ़ा।

AI की नजर में ये 10 ट्रांजेक्शन सबसे खतरनाक

विभाग AI से PAN आधारित डेटा एनालिसिस करता है। मुख्य ट्रिगर: 1. 10 लाख+ कैश डिपॉजिट, 2. बार-बार कैश विदड्रॉल, 3. हाई-वैल्यू UPI/IMPS, 4. FD ब्रेक-रीबुकिंग, 5. प्रॉपर्टी/गोल्ड पेमेंट, 6. राउंड-ट्रिपिंग (जमा-निकासी चक्र), 7. मल्टी-अकाउंट हाई मूवमेंट, 8. ब्याज ITR में न दिखाना, 9. बिजनेस जैसा कैश हैंडलिंग बिना टर्नओवर, 10. KYC अधूरा। अगर स्रोत साफ न हो, तो नोटिस के साथ 200% पेनल्टी लग सकती है।

अपनाएं ये 5 जरूरी नियम

CA कमलेश कुमार के अनुसार, पहला नियम- 10 लाख+ ट्रांजेक्शन पर स्रोत प्रूफ (सैलरी स्लिप, गिफ्ट डीड) रखें। दूसरा- लगातार बड़े लेन-देन से बचें, डिजिटल पेमेंट को प्राथमिकता दें। तीसरा- हर ट्रांजेक्शन का हिसाब PAN-KYC से लिंक रखें, रिश्तेदार गिफ्ट पर लिखित डीड लें। चौथा- समय पर ITR फाइल करें, AIS/26AS मैच करें और संशोधित रिटर्न का फायदा लें (1 मार्च 2026 से नई छूट)। पांचवां- बैंक नोटिस पर तुरंत जवाब दें, घबराएं नहीं। BSBD अकाउंट चुनें तो फीस कम, रिपोर्टिंग कम।

2026 में बदलाव: राहत और सावधानियां

बजट 2026 से संशोधित ITR पर फीस घटकर 1-5 हजार रुपये और जुर्माने से 100% टैक्स देकर छूट मिलेगी। लेकिन RBI के 7 नए नियम सेविंग इंटरेस्ट को डेली बैलेंस पर सख्ती से ट्रैक करेंगे। नोटिस नजरअंदाज करने पर पेनल्टी, इसलिए 30 दिनों में ई-वेरिफाई करें। विशेषज्ञ कहते हैं, “डिजिटल ट्रेल बनाएं, कैश कम रखें।”

Author
Pinki Negi
GyanOK में पिंकी नेगी बतौर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं। पत्रकारिता में उन्हें 7 वर्षों से भी ज़्यादा का अनुभव है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत साल 2018 में NVSHQ से की थी, जहाँ उन्होंने शुरुआत में एजुकेशन डेस्क संभाला। इस दौरान पत्रकारिता के क्षेत्र में नए-नए अनुभव लेने के बाद अमर उजाला में अपनी सेवाएं दी। बाद में, वे नेशनल ब्यूरो से जुड़ गईं और संसद से लेकर राजनीति और डिफेंस जैसे कई महत्वपूर्ण विषयों पर रिपोर्टिंग की। पिंकी नेगी ने साल 2024 में GyanOK जॉइन किया और तब से GyanOK टीम का हिस्सा हैं।

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