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नौकरीपेशा वालों के लिए ‘अलादीन का चिराग’ है VPF! जानें कैसे ये स्कीम आपको बनाएगी मालामाल

नौकरीपेशा लोगों के लिए VPF 'अलादीन का चिराग' है! EPF का स्वैच्छिक विस्तार, जहाँ बेसिक सैलरी का 100% अतिरिक्त जमा कर 8.25% ब्याज पाएँ। टैक्स छूट (80C), जीरो रिस्क, आसान ट्रांसफर। HR से फॉर्म भरें, रिटायरमेंट कोष करोड़ों में बदलें। EPF से आगे, VPF से मालामाल बनें!

By Pinki Negi

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रिटायरमेंट के बाद की चिंता हर नौकरीपेशा व्यक्ति को सताती है, लेकिन जब बात सुरक्षित और लाभकारी निवेश की हो तो वॉलंटरी प्रोविडेंट फंड (VPF) एक जादुई विकल्प साबित हो रहा है। यह एम्प्लॉयी प्रोविडेंट फंड (EPF) का एक्सटेंशन है, जो नौकरी वालों को अतिरिक्त बचत का मौका देता है। कई लोग EPF और VPF को एक ही समझते हैं, लेकिन इनमें गहरा अंतर है जो आपकी वित्तीय आजादी तय कर सकता है।

EPF और VPF में क्या अंतर?

EPF में कर्मचारी और नियोक्ता दोनों की बेसिक सैलरी + डियरनेस अलाउंस (DA) का 12% अनिवार्य रूप से जमा होता है, जबकि VPF पूरी तरह स्वैच्छिक है। VPF में आप अपनी बेसिक सैलरी + DA का 100% तक अतिरिक्त योगदान कर सकते हैं, बिना नियोक्ता के योगदान के। EPF रिटायरमेंट का बेसिक कवर देता है, लेकिन VPF इसे सुपरचार्ज कर देता है, खासकर उन लोगों के लिए जो FD या म्यूचुअल फंड से ज्यादा स्थिर रिटर्न चाहते हैं।

VPF के जबरदस्त फायदे

VPF पर EPF जैसी ही ब्याज दर मिलती है – वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 8.25%, जो बैंक FD से बेहतर है और कंपाउंडिंग से धन तेजी से बढ़ता है। टैक्स में ट्रिपल लाभ (EEE मॉडल) – जमा राशि पर सेक्शन 80C के तहत ₹1.5 लाख तक छूट, ब्याज टैक्स-फ्री और 5 साल बाद मैच्योरिटी पूरी तरह मुक्त। सरकारी गारंटी के कारण जीरो रिस्क, जॉब चेंज पर आसान ट्रांसफर और इमरजेंसी लोन की सुविधा इसे ‘अलादीन का चिराग’ बनाती है।

निवेश कैसे शुरू करें?

किसी भी EPFO कवर वाली निजी कंपनी के कर्मचारी VPF चुन सकते हैं। HR या पेरोल टीम से संपर्क करें, फॉर्म भरें और मासिक अतिरिक्त राशि तय करें – यह सैलरी से ऑटो-डेबिट हो जाएगी। UAN पोर्टल पर पासबुक से ट्रैक करें, कोई अलग खाता नहीं चाहिए। ज्यादातर कंपनियां साल में 1-2 बार राशि बदलने की अनुमति देती हैं, इसलिए सोच-समझकर शुरू करें।

वास्तविक उदाहरण: धन वृद्धि की ताकत

मान लीजिए 30 साल की उम्र में ₹20,000 मासिक VPF में डालें 8.25% ब्याज पर 30 साल तक। कंपाउंडिंग से कोष ₹2.5 करोड़ से ज्यादा हो सकता है, जिसमें टैक्स बचत अलग से ₹50 लाख+। एक सैलरीड व्यक्ति ने 10 साल में ₹10 लाख अतिरिक्त डाले, तो मैच्योरिटी पर ₹20 लाख+ मिले – बिना बाजार जोखिम के।

सीमाएं और सावधानियां

VPF लंबे समय के लिए लॉक होता है- 5 साल पहले निकासी पर टैक्स लग सकता है। अधिकतम योगदान सैलरी पर निर्भर, और प्राइवेट सेक्टर ही योग्य। रिटायरमेंट प्लानिंग में VPF को EPF के साथ मिलाकर इस्तेमाल करें, लेकिन बजट के अनुरूप राशि चुनें। नौकरीपेशा लोगों के लिए VPF रिटायरमेंट को मालामाल बनाने का सुनहरा जरिया है। आज ही HR से बात करें और अपने फ्यूचर को सिक्योर करें।

Author
Pinki Negi
GyanOK में पिंकी नेगी बतौर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं। पत्रकारिता में उन्हें 7 वर्षों से भी ज़्यादा का अनुभव है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत साल 2018 में NVSHQ से की थी, जहाँ उन्होंने शुरुआत में एजुकेशन डेस्क संभाला। इस दौरान पत्रकारिता के क्षेत्र में नए-नए अनुभव लेने के बाद अमर उजाला में अपनी सेवाएं दी। बाद में, वे नेशनल ब्यूरो से जुड़ गईं और संसद से लेकर राजनीति और डिफेंस जैसे कई महत्वपूर्ण विषयों पर रिपोर्टिंग की। पिंकी नेगी ने साल 2024 में GyanOK जॉइन किया और तब से GyanOK टीम का हिस्सा हैं।

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