भारतीय स्मार्टफोन बाजार में उपभोक्ताओं को बड़ा झटका लगने वाला है। ओप्पो और वनप्लस जैसी प्रमुख कंपनियों ने अपने चुनिंदा मॉडल्स की कीमतों में उछाल की घोषणा कर दी है। 16 मार्च रात 12 बजे से लागू हो रही इस बढ़ोतरी से कई पॉपुलर फोन चार हजार रुपये तक महंगे हो जाएंगे। आज दोपहर के समय फैंस के पास पुराने दामों पर खरीदारी के लिए मुश्किल से पांच दिन बाकी हैं।

बढ़ोतरी की मुख्य वजहें क्या हैं?
यह कदम वैश्विक स्तर पर आ रहे संकट का नतीजा है। तेज गति वाले स्टोरेज चिप्स और अन्य जरूरी पार्ट्स की सप्लाई चेन में भारी खलल पड़ा है। उत्पादन लागत आसमान छू रही है, जिससे कंपनियों को मजबूरन उपभोक्ता मूल्यों को ऊंचा उठाना पड़ रहा है। विशेषज्ञ बताते हैं कि मेमोरी चिप्स के दाम हाल ही में 20 से 30 प्रतिशत तक फिसल चुके हैं। आयात शुल्क और वैश्विक मांग ने आग पर घी डाल दिया है। बाजार के जानकारों का कहना है कि यह समस्या केवल इन दो ब्रांड्स तक सीमित नहीं, बल्कि पूरी इंडस्ट्री को झकझोर रही है।
कौन-कौन से मॉडल्स होंगे महंगे?
मिड-रेंज सेगमेंट पर सबसे ज्यादा असर पड़ेगा। ओप्पो की ए-सीरीज जैसे ए6एक्स 5जी और के-सीरीज जैसे के12एस 5जी वेरिएंट्स प्रमुख निशाने पर हैं। वनप्लस के फ्लैगशिप जैसे 15आर के 12 जीबी रैम प्लस 256 जीबी स्टोरेज वाले वर्जन पर चार हजार रुपये का सीधा बोझ आएगा। नॉर्ड सीरीज के आधे दर्जे के फोन भी दो से तीन हजार महंगे हो सकते हैं। अच्छी बात यह है कि हाई-एंड फाइंड, रेनो सीरीज और टैबलेट्स जैसे प्रोडक्ट्स इससे बचे रहेंगे। सभी बड़े प्लेटफॉर्म्स जैसे ई-कॉमर्स साइट्स और लोकल स्टोर्स पर एकसमान बदलाव दिखेगा।
उपभोक्ताओं पर क्या पड़ेगा असर?
मध्यम वर्ग के खरीदार सबसे ज्यादा परेशान होंगे, खासकर जब 5जी फोन्स की डिमांड चरम पर है। बजट में फोन लेने वालों को अब ज्यादा EMI या अतिरिक्त खर्च का सामना करना पड़ेगा। फाइनेंशियल एक्सपर्ट्स चेताते हैं कि आने वाले महीनों में अन्य ब्रांड्स भी इस ट्रेंड को अपना सकते हैं। सरकार की ओर से अभी कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन सब्सिडी या नियंत्रण की उम्मीद बंधी हुई है।
अभी क्या करें? जल्दी खरीदें या इंतजार?
समय रहते आधिकारिक वेबसाइट्स या स्टोर्स पर पहुंचें। कैशबैक, डिस्काउंट या ईएमआई डील्स का पूरा फायदा उठाएं। अगर जल्दी न हो तो वीवो, मोटोरोला जैसे विकल्पों पर नजर रखें। स्मार्ट चॉइस यही है कि सस्ते दामों का मौका हाथ से न जाने दें। बाजार की यह हलचल उपभोक्ताओं को सतर्क रहने की सीख दे रही है।









