Tags

Rising Bharat 2026: Jio का बड़ा धमाका! लॉन्च हुआ AI वाला नया ‘JioFinance’ ऐप, ग्राहकों को मिलेंगे फ्री पॉइंट्स

राइजिंग भारत समिट 2026 में जियोफाइनेंस ने AI-पावर्ड ऐप लॉन्च किया, जो बैंकिंग, UPI, निवेश और जियोपॉइंट्स रिवॉर्ड्स देता है। चैट-बेस्ड AI से पर्सनलाइज्ड सलाह मिलेगी। 'बिल्ड विद भारत' प्रोग्राम 30 मार्च तक खुला। यह फिनटेक क्रांति लाएगा, ग्रामीण भारत तक वित्तीय समावेशन बढ़ाएगा।

By Pinki Negi

jiofinance app rising bharat summit 2026 ai finance jiopoints digital payments personal finance business news

राइजिंग भारत समिट 2026 में जियोफाइनेंस ने अपना क्रांतिकारी AI-पावर्ड ‘जियोफाइनेंस’ ऐप लॉन्च कर दिया। यह ऐप वित्तीय प्रबंधन को आम आदमी के लिए सरल और सुलभ बनाने का वादा करता है। रिलायंस जियो की इस पहल से भारत के 1.5 करोड़ से अधिक ग्राहक अब एक ही प्लेटफॉर्म पर बैंकिंग, भुगतान, बचत, निवेश और बीमा जैसी सभी सेवाएं पा सकेंगे। समिट के दौरान अनावरणित यह ऐप चैट-बेस्ड एजेंटिक AI पर आधारित है, जो न्यूरल नेटवर्क्स से हाइपर-पर्सनलाइज्ड अनुभव देगा।

लॉन्च का उद्देश्य और विशेषताएं

समिट में जियो फाइनेंशियल सर्विसेज के अधिकारियों ने बताया कि ऐप का उद्देश्य वित्तीय समावेशन को नई ऊंचाई देना है। उपयोगकर्ता अब नेचुरल लैंग्वेज इंटरफेस से चैट की तरह बात कर ट्रांजेक्शन कर सकेंगे। उदाहरणस्वरूप, “मुझे 5000 रुपये मित्र को भेजें” कहते ही UPI पेमेंट हो जाएगा। AI यूजर के व्यवहार का विश्लेषण कर टेलर्ड सिफारिशें देगा, जैसे उच्च रिटर्न वाली FD या म्यूचुअल फंड। जीरो-बैलेंस सेविंग अकाउंट पर 6.5% ब्याज और ऑटो-इन्वेस्ट फीचर से बचत आसान होगी। डिजिटल गोल्ड, लोन, बिल पेमेंट और रिचार्ज जैसी सेवाएं भी उपलब्ध हैं।

जियोपॉइंट्स: नया रिवॉर्ड सिस्टम

खास आकर्षण है ‘जियोपॉइंट्स’ रिवॉर्ड सिस्टम। ऐप पर हर इंटरैक्शन- चाहे ट्रांजेक्शन हो या सलाह लेना-से फ्री पॉइंट्स मिलेंगे। इन्हें शॉपिंग, खाने-पीने या यात्रा पर भुनाया जा सकेगा। यह इकोसिस्टम जियो के व्यापक नेटवर्क से जुड़ेगा, जहां पॉइंट्स जियोमार्ट, जियोसिनेमा या पार्टनर मर्चेंट्स पर इस्तेमाल होंगे। कंपनी का कहना है कि इससे यूजर्स ऐप से लगातार जुड़े रहेंगे और वित्तीय आदतें बेहतर बनेंगी।

अर्ली एक्सेस और बाजार प्रभाव

‘बिल्ड विद भारत’ अर्ली एक्सेस प्रोग्राम 30 मार्च तक खुला है। चयनित यूजर्स फीडबैक देकर ऐप को परिष्कृत करने में योगदान दे सकेंगे। गूगल प्ले स्टोर पर उपलब्ध यह ऐप पहले ही लाखों डाउनलोड्स बटोर चुका है। विशेषज्ञों का मानना है कि जियो का यह कदम फिनटेक क्षेत्र में गेम-चेंजर साबित होगा। पेटीएम, गूगल पे और फोनपे जैसे प्रतिस्पर्धियों के बीच AI-ड्रिवन पर्सनलाइजेशन जियो को बढ़त देगा।

डिजिटल अर्थव्यवस्था पर असर

भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था में यह लॉन्च मील का पत्थर है। पीएम मोदी के डिजिटल इंडिया विजन के अनुरूप, जियोफाइनेंस ग्रामीण क्षेत्रों तक वित्तीय सेवाएं पहुंचाएगा। ऐप में इंटरनेशनल ट्रांसफर, NEFT/IMPS और 8.15% तक FD रेट जैसी सुविधाएं इसे स्टैंडआउट बनाती हैं। हालांकि, डेटा प्राइवेसी और साइबर सिक्योरिटी पर सवाल उठ रहे हैं, जिनका कंपनी ने मजबूत एन्क्रिप्शन से जवाब दिया है।

वित्तीय क्रांति की शुरुआत

कुल मिलाकर, जियोफाइनेंस ऐप वित्तीय साक्षरता को बढ़ावा देगा। यह न केवल रोजमर्रा के फैसले आसान बनाएगा, बल्कि यूजर्स को आत्मविश्वासपूर्ण निवेशक बनेगा। राइजिंग भारत समिट ने एक बार फिर साबित किया कि भारत टेक इनोवेशन का हब बन रहा है। जल्द ही यह ऐप हर स्मार्टफोन का साथी बनेगा। 

Author
Pinki Negi
GyanOK में पिंकी नेगी बतौर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं। पत्रकारिता में उन्हें 7 वर्षों से भी ज़्यादा का अनुभव है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत साल 2018 में NVSHQ से की थी, जहाँ उन्होंने शुरुआत में एजुकेशन डेस्क संभाला। इस दौरान पत्रकारिता के क्षेत्र में नए-नए अनुभव लेने के बाद अमर उजाला में अपनी सेवाएं दी। बाद में, वे नेशनल ब्यूरो से जुड़ गईं और संसद से लेकर राजनीति और डिफेंस जैसे कई महत्वपूर्ण विषयों पर रिपोर्टिंग की। पिंकी नेगी ने साल 2024 में GyanOK जॉइन किया और तब से GyanOK टीम का हिस्सा हैं।

अभी-अभी मोदी का ऐलान

हमारे Whatsaap ग्रुप से जुड़ें