
नौकरी छोड़ना या बार-बार कंपनी बदलना आजकल युवाओं में आम बात हो गई है। लेकिन इस भागदौड़ भरी जिंदगी में कई बार हम अपना कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) अकाउंट भूल जाते हैं। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के नियमों के मुताबिक, अगर आपके EPF खाते में 36 महीनों (3 साल) तक कोई योगदान नहीं आता, तो वह ‘इनएक्टिव’ या निष्क्रिय घोषित हो जाता है। लाखों कर्मचारियों के करोड़ों रुपये ऐसे ही फंसे पड़े हैं। लेकिन घबराने की कोई बात नहीं।
EPFO ने इनएक्टिव खातों से पैसा निकालने या उन्हें फिर से सक्रिय करने की स्पष्ट प्रक्रिया दी है। हाल ही में 2026 की स्पेशल ड्राइव में ₹1000 तक बैलेंस वाले 6 लाख से ज्यादा खातों को लक्ष्य बनाया गया है।
EPF खाता निष्क्रिय होने के नुकसान
EPF खाता निष्क्रिय होने का मतलब यह नहीं कि आपका पैसा डूब गया। 36 महीने बाद भी खाते पर 8.25% ब्याज तो मिलता रहता है, लेकिन अब वह ब्याज कर योग्य (टैक्सेबल) हो जाता है। अगर 7 साल तक कोई दावा न किया जाए, तो पैसा EPFO के इनऑपरेटिव लेजर में चला जाता है। सबसे बड़ी परेशानी यह है कि ऑनलाइन क्लेम या ट्रांसफर की सुविधा बंद हो जाती है। कंपनी बंद हो चुकी हो या पुराना एम्प्लॉयर संपर्क से बाहर हो, तब भी समाधान है। EPFO की इनऑपरेटिव अकाउंट हेल्पडेस्क इस ‘जादुई ट्रिक’ का आधार है, जो KYC अपडेट और फॉर्म सबमिशन पर टिकी है।
इनएक्टिव EPF से पैसा निकालने की ऑनलाइन हेल्पडेस्क प्रक्रिया
सबसे आसान तरीका ऑनलाइन हेल्पडेस्क है। EPFO की वेबसाइट epfindia.gov.in पर ‘For Employees’ सेक्शन में ‘Inoperative A/c Helpdesk’ (लिंक: 59.180.231.56/INOPHelpDesk/) पर क्लिक करें। यहां PF नंबर, पुरानी कंपनी डिटेल्स, नाम, मोबाइल, जन्मतिथि और KYC (PAN, आधार, बैंक IFSC) भरें। समस्या में निष्क्रियता का कारण बताएं, जैसे ‘कंपनी बंद’ या ‘ट्रांसफर नहीं हुआ’। सबमिट करने पर 20-25 दिनों में प्रोसेसिंग शुरू हो जाती है। UAN (यूनिफाइड अकाउंट नंबर) एक्टिव हो, आधार-पैन लिंक हो और बैंक डिटेल्स अपडेट हों, तो सफलता निश्चित है।
कंपनी बंद होने पर ऑफलाइन क्लेम फॉर्म जमा करने का तरीका
अगर कंपनी बंद है या एम्प्लॉयर उपलब्ध नहीं, तो ऑफलाइन रूट अपनाएं। फॉर्म 19 (PF सेटलमेंट), 10C (पेंशन विदड्रॉल) और 15G (TDS बचाने के लिए, अगर आय ₹2.5 लाख से कम) डाउनलोड करें। PAN, आधार, UAN, कैंसल्ड चेक और पासपोर्ट साइज फोटो संलग्न करें। कंपनी बंद होने पर नजदीकी बैंक मैनेजर से सत्यापन करवाएं और EPFO क्षेत्रीय ऑफिस में जमा करें। 5 साल से कम सर्विस पर TDS कट सकता है, इसलिए 15G जरूरी है। UMANG ऐप से भी स्टेटस चेक करें। हालिया अपडेट में EPFO ने ऐसे क्लेम्स को तेज ट्रैक किया है।
पुराने खाते को नई नौकरी से ट्रांसफर कर दोबारा सक्रिय करना
पैसा निकालने के बजाय ट्रांसफर बेहतर विकल्प है। नई नौकरी में EPF योगदान शुरू करें, तो UAN पोर्टल पर ‘One Member One EPF Account’ ऑप्शन से पुराना बैलेंस नए खाते में मर्ज हो जाएगा। इससे पुराना खाता ऑटोमैटिक एक्टिव हो जाता है और ब्याज टैक्स-फ्री रहता है। UAN एक्टिवेट करने के लिए आधार से OTP वेरिफिकेशन करें। अगर UAN भूल गए, तो EPFO ऐप से रिकवर करें। ट्रांसफर फॉर्म 13 ऑनलाइन भरें; 10-15 दिन में पैसा ट्रांसफर हो जाता है।
2026 के नए नियम, सावधानियां और कर्मचारियों की कहानियां
2026 में EPFO ने छोटे बैलेंस वाले इनएक्टिव खातों के लिए स्पेशल कैंपेन चलाया। यूट्यूब पर EPFO न्यू रूल वीडियोज भी उपलब्ध हैं। लेकिन फर्जी ऐप्स से सावधान रहें। हमेशा आधिकारिक पोर्टल, UMANG या EPFO ऐप यूज करें। EPASSBOOK में पासबुक चेक करें। विशेषज्ञ सलाह देते हैं: जॉब स्विच पर तुरंत ट्रांसफर कराएं, KYC अपडेट रखें।
कई कर्मचारी जैसे दिल्ली के राहुल शर्मा ने बताया, “कंपनी बंद होने से 3 लाख फंसे थे। हेल्पडेस्क से 25 दिन में पैसा बैंक में आ गया।” EPFO के 7 करोड़ सदस्यों में 30% खाते इनएक्टिव हैं। समय रहते ऐक्शन लें, वरना टैक्स और देरी का बोझ बढ़ेगा। EPFO ने 2025-26 में 1.5 करोड़ क्लेम सेटल किए, जो उम्मीद जगाता है।









