
दिल्ली सरकार के खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने राशन कार्ड धारकों की जांच के लिए एक विशेष अभियान चलाया है। इस जांच के बाद उन लोगों को SMS के जरिए नोटिस भेजे जा रहे हैं, जिनके पास अपनी जमीन, घर या निजी गाड़ी मौजूद है। विभाग का कहना है कि ऐसे लोग राशन के हकदार नहीं हैं और उन्हें नोटिस का जवाब देना होगा। यदि तय समय में संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया, तो उनका राशन कार्ड तुरंत रद्द कर दिया जाएगा। हालाँकि, दिल्ली सरकारी राशन डीलर्स संघ ने इस प्रक्रिया पर आपत्ति जताई है और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को पत्र लिखकर इस तरह अचानक नोटिस भेजने पर सवाल उठाए हैं।
राशन कार्ड बचाने के लिए अब आय प्रमाण पत्र देना होगा अनिवार्य
दिल्ली सरकार ने साफ कर दिया है कि राशन कार्ड की सुविधा केवल उन्हीं को मिलेगी जिनकी सालाना आय 1 लाख रुपये से कम है। विभाग द्वारा भेजे जा रहे नोटिस में लोगों से उनके घर, गाड़ी और कमाई का पूरा ब्योरा मांगा गया है। अब सभी कार्ड धारकों के लिए राजस्व विभाग से बना आय प्रमाण पत्र जमा करना अनिवार्य हो गया है।
हाल ही में हुई जांच में करीब 8 लाख लोग अपात्र पाए गए हैं, जो नियमों के खिलाफ जाकर राशन ले रहे थे। अगर नोटिस मिलने के बाद जरूरी दस्तावेज जमा नहीं किए गए, तो अगले महीने से राशन कार्ड हमेशा के लिए बंद कर दिया जाएगा।
राशन डीलर संघ की मांग
दिल्ली सरकारी राशन डीलर संघ ने सरकार के जांच अभियान पर सवाल उठाते हुए कहा है कि नोटिस देने का आधार व्यावहारिक होना चाहिए। संघ का कहना है कि दिल्ली में रहने वाले कई लोग दूसरे राज्यों से आए हैं और उनकी गांव में मौजूद थोड़ी-बहुत जमीन को आधार बनाकर उन्हें नोटिस देना गलत है; यह नियम केवल दिल्ली की संपत्ति पर लागू होना चाहिए। साथ ही, उन्होंने सिर्फ आय प्रमाण पत्र को पात्रता का पैमाना मानने पर भी आपत्ति जताई है। उनका दावा है कि मिलीभगत से फर्जी आय प्रमाण पत्र बनवाकर गैर-जरूरतमंद लोग भी राशन ले सकते हैं, इसलिए पात्रता की जांच के लिए और भी ठोस तरीके अपनाए जाने चाहिए।









