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Silver Price Crash: क्या 2 लाख तक सस्ता होगा सिल्वर? भारी गिरावट के बाद निवेशकों में खलबली; जानें बाजार के दिग्गजों की राय

चांदी की कीमतों में आई ऐतिहासिक गिरावट ने निवेशकों की नींद उड़ा दी है! क्या भाव वाकई ₹2 लाख प्रति किलो तक गिरेंगे? जानें बाजार के दिग्गजों का चौंकाने वाला पूर्वानुमान और निवेश की वो खास रणनीति, जो आपको इस बड़े क्रैश में भारी नुकसान से बचा सकती है।

By Pinki Negi

Silver Price Crash: क्या 2 लाख तक सस्ता होगा सिल्वर? भारी गिरावट के बाद निवेशकों में खलबली; जानें बाजार के दिग्गजों की राय।
Silver Price Crash 2026

कमोडिटी बाजार में लंबे समय से जारी तेजी पर अब ब्रेक लग गया है और कीमती धातुओं में बड़ा करेक्शन देखा जा रहा है। हाल ही में अपने उच्चतम स्तर को छूने वाला सोना अब करीब 12% फिसल चुका है। वहीं, चांदी की कीमतों में गिरावट और भी ज्यादा दर्दनाक रही है; यह अपने ऊपरी स्तरों से लगभग 20% तक टूट गई है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि इतनी तेज रैली के बाद निवेशकों द्वारा की गई मुनाफावसूली (Profit-booking) और बाजार में बढ़ी अस्थिरता के कारण यह गिरावट आई है। अगर आप खरीदारी की योजना बना रहे हैं, तो कीमतों में आई यह कमी आपके लिए एक बड़ा अवसर हो सकती है।

चांदी की कीमतों में बड़ा क्रैश

ग्लोबल मार्केट में डॉलर की मजबूती और निवेशकों द्वारा की गई भारी मुनाफावसूली के कारण शुक्रवार को चांदी की कीमतों में सुनामी जैसी गिरावट देखी गई। पिछले सत्र में ₹4,04,500 के रिकॉर्ड स्तर को छूने वाली चांदी एक ही झटके में करीब 5% यानी ₹20,000 प्रति किलोग्राम तक गिरकर ₹3,84,500 के स्तर पर आ गई है।

बाजार में आई इस अचानक उथल-पुथल को देखते हुए केडिया एडवाइजरी के निदेशक अजय केडिया का मानना है कि निवेशकों को फिलहाल सावधानी बरतनी चाहिए। उन्होंने सिल्वर ETF में निवेश करने वालों के लिए खास रणनीति साझा की है ताकि वे इस अस्थिरता के दौर में अपने पोर्टफोलियो को सुरक्षित रख सकें।

सोना-चांदी ने रचा इतिहास

अजय केडिया के अनुसार, जनवरी 2026 कीमती धातुओं के लिए एक ऐतिहासिक कालखंड बन गया है। इस महीने सोने की कीमतों में 28% की अभूतपूर्व तेजी देखी गई, जो पिछले 100 वर्षों के इतिहास में केवल दूसरी बार हुआ है (इससे पहले ऐसा 1980 में हुआ था)। वहीं, चांदी ने तो सारे रिकॉर्ड तोड़ते हुए 70% की मासिक बढ़त हासिल की है, जिसे अब तक की सबसे बड़ी छलांग माना जा रहा है। हालांकि, इतनी बड़ी तेजी के बाद कीमतों में आया वर्तमान करेक्शन स्वाभाविक है, लेकिन जनवरी के इन आंकड़ों ने कमोडिटी बाजार के भविष्य के प्रति निवेशकों की उत्सुकता को चरम पर पहुँचा दिया है।

चांदी का भाव आज

सोने और चांदी की लाइव कीमतों पर नजर रखने वाली इंडिया बुलियंस के मुताबिक, चांदी की कीमत आपके शहर में कितनी है, जानकारी के लिए नीचे चार्ट देखें-

CitySilver Price (Rs / 1kg)
Delhi291770
Mumbai292280
Kolkata291890
Chennai293130
Bangalore292510
Hyderabad292740
Pune292280

जब-जब आई रिकॉर्ड तेजी, तब-तब हुआ बड़ा क्रैश

अजय केडिया ने ऐतिहासिक आंकड़ों के जरिए आगाह किया है कि कीमती धातुओं में जब भी बड़ी रैली आती है, उसके बाद एक गहरा करेक्शन भी आता है। 1980 के बुल मार्केट में सोना $875 से गिरकर $295 पर आ गया था, जबकि चांदी में 90% की भारी गिरावट देखी गई। यही पैटर्न 2011 में भी दोहराया गया, जब सोना अपने शिखर से 38% और चांदी 60% से ज्यादा टूट गई थी। इन दोनों चक्रों (Cycles) से एक बात बिल्कुल साफ है कि सोने की तुलना में चांदी न केवल तेजी से ऊपर भागती है, बल्कि गिरते समय इसमें होने वाला नुकसान भी कहीं ज्यादा गहरा और दर्दनाक होता है।

चांदी की कीमतों में गिरावट के 5 बड़े कारण

केडिया एडवाइजरी के अजय केडिया के अनुसार, चांदी में आई हालिया गिरावट के पीछे कोई एक वजह नहीं, बल्कि कई वैश्विक और तकनीकी कारकों का मिला-जुला असर है:

  • भारी मुनाफावसूली (Profit-booking): चांदी के अपने रिकॉर्ड हाई पर पहुँचने के बाद बड़े निवेशकों और ट्रेडर्स ने ऊंचे स्तरों पर अपना मुनाफा समेटना (Profit book करना) शुरू कर दिया, जिससे बाजार में अचानक बिकवाली का दबाव बढ़ गया।
  • डॉलर इंडेक्स में रिकवरी: डॉलर इंडेक्स जब भी मजबूत होता है, कीमती धातुओं की कीमतों पर दबाव बढ़ता है। डॉलर के अपने निचले स्तरों से सुधरने के कारण चांदी अंतरराष्ट्रीय बाजार में महंगी हो गई, जिससे मांग में कमी आई।
  • फेडरल रिजर्व का ‘पॉज’ संकेत: अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में कटौती को फिलहाल रोकने (Pause) के संकेतों ने निवेशकों के उत्साह को कम कर दिया है, क्योंकि ऊंची ब्याज दरें गैर-ब्याज वाली धातुओं (जैसे सोना-चांदी) के लिए नकारात्मक होती हैं।
  • मार्जिन में बढ़ोतरी: फिजिकल एक्सचेंजों पर ट्रेडिंग के लिए मार्जिन मनी बढ़ा दी गई है। इसका मतलब है कि अब ट्रेडर्स को सौदा करने के लिए ज्यादा पैसा जमा करना पड़ रहा है, जिसके चलते कई लोगों ने अपनी पुरानी पोजीशन घटा दी।
  • सप्लाई-डिमांड का असंतुलन: सर्राफा बाजार में मांग और आपूर्ति के बीच तालमेल बिगड़ने के संकेत मिले हैं, जिससे कीमतों में अस्थिरता बढ़ गई है।

एक्सपर्ट्स ने दी निवेशकों को ‘आंशिक मुनाफावसूली’ और SIP जारी रखने की सलाह

चांदी में चल रहे भारी उतार-चढ़ाव को देखते हुए विशेषज्ञों का मानना है कि निवेशकों को घबराकर बाजार से पूरी तरह बाहर नहीं निकलना चाहिए, बल्कि एक संतुलित रणनीति अपनानी चाहिए। एक्सपर्ट्स के अनुसार, मौजूदा समय में ‘आंशिक मुनाफावसूली’ (Partial Profit-booking) करना समझदारी है, ताकि आप अपने जोखिम को कम कर सकें और हासिल किए गए लाभ को सुरक्षित रख सकें।

वहीं, जो निवेशक सिल्वर ETF के माध्यम से निवेश कर रहे हैं, उनके लिए अगले दो से चार महीनों तक SIP (Systematic Investment Plan) के जरिए निवेश जारी रखना फायदेमंद हो सकता है। यह रणनीति बाजार की गिरावट में औसतन खरीद मूल्य को कम करने (Averaging) में मदद करेगी, जिससे भविष्य में रिकवरी होने पर बेहतर रिटर्न की संभावना बनी रहेगी।

क्या ₹2 लाख तक गिरेंगे दाम? जानें एक्सपर्ट का 6 महीने का पूर्वानुमान

चांदी की कीमतों में आई भारी गिरावट को देखते हुए विशेषज्ञ इसे एक हेल्दी करेक्शन मान रहे हैं। अजय केडिया के अनुसार, अगले कुछ महीनों तक बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है, जिससे भाव ₹2 लाख प्रति किलो तक भी आ सकते हैं। हालांकि, लंबी अवधि के निवेशकों के लिए घबराने की बात नहीं है, क्योंकि इंडस्ट्रियल डिमांड के कारण चांदी का लॉन्ग-टर्म आउटलुक अब भी काफी मजबूत और आकर्षक है।

Author
Pinki Negi
GyanOK में पिंकी नेगी बतौर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं। पत्रकारिता में उन्हें 7 वर्षों से भी ज़्यादा का अनुभव है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत साल 2018 में NVSHQ से की थी, जहाँ उन्होंने शुरुआत में एजुकेशन डेस्क संभाला। इस दौरान पत्रकारिता के क्षेत्र में नए-नए अनुभव लेने के बाद अमर उजाला में अपनी सेवाएं दी। बाद में, वे नेशनल ब्यूरो से जुड़ गईं और संसद से लेकर राजनीति और डिफेंस जैसे कई महत्वपूर्ण विषयों पर रिपोर्टिंग की। पिंकी नेगी ने साल 2024 में GyanOK जॉइन किया और तब से GyanOK टीम का हिस्सा हैं।

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