
पहले टोल टैक्स देने के लिए लंबी कतारों में खड़ा होना पड़ता था, लेकिन अब फास्टैग ने इस सफर को बहुत आसान बना दिया है। हालांकि, समस्या तब आती है जब टोल प्लाजा पर अचानक पता चलता है कि आपका फास्टैग ‘ब्लैकलिस्ट’ हो गया है। ऐसा अक्सर खाते में बैलेंस कम होने या केवाईसी (KYC) अपडेट न होने की वजह से होता है।
ऐसे समय में घबराने के बजाय, सबसे पहले अपने फास्टैग वॉलेट को तुरंत रिचार्ज करें या कस्टमर केयर से बात करें। याद रखें, ब्लैकलिस्टेड फास्टैग के साथ टोल पार करने पर आपको दोगुना जुर्माना देना पड़ सकता है, इसलिए सफर शुरू करने से पहले हमेशा ऐप पर अपने फास्टैग का स्टेटस चेक कर लें।
सावधान! इन 4 वजहों से ब्लैकलिस्ट हो सकता है आपका फास्टैग
फास्टैग के अचानक बंद होने के पीछे सबसे बड़ी वजह कम बैलेंस (Low Balance) होना है; अगर आपके वॉलेट में न्यूनतम राशि नहीं है, तो सिस्टम उसे ब्लॉक कर देता है। दूसरी मुख्य वजह अधूरा केवाईसी (KYC) है, जिसके बिना बैंक टैग को सस्पेंड कर देते हैं। इसके अलावा, यदि आपका टैग किसी ऐसे बैंक खाते से जुड़ा है जो अब बंद हो चुका है, या फिर वाहन की जानकारी (जैसे नंबर प्लेट) और टैग के डेटा में कोई अंतर है, तो भी आपका फास्टैग ब्लैकलिस्ट किया जा सकता है। टोल नियमों का उल्लंघन करना भी इस समस्या का एक बड़ा कारण बनता है।
फास्टैग ब्लैकलिस्ट होने पर दोगुना जुर्माना देने से ऐसे बचें
अगर टोल प्लाजा पर आपका फास्टैग स्कैन नहीं होता, तो आपको ‘मैन्युअल लेन’ में भेज दिया जाता है। नियम के अनुसार, ब्लैकलिस्टेड टैग होने पर नकद (Cash) भुगतान करने पर आपको दोगुना टोल देना पड़ता है। लेकिन एक समझदारी भरा तरीका यह है कि आप कैश के बजाय UPI या कार्ड से भुगतान करें। डिजिटल पेमेंट करने पर आपको दोगुना जुर्माना नहीं देना पड़ता, बल्कि सामान्य टोल से थोड़ा ही ज्यादा (जैसे ₹100 के बदले करीब ₹125) चुकाना होता है। इससे आप अपनी जेब पर पड़ने वाले भारी बोझ को काफी हद तक कम कर सकते हैं।
मिनटों में ऐसे चालू करें अपना ब्लैकलिस्टेड फास्टैग
ब्लैकलिस्टेड फास्टैग को अनब्लॉक करना बेहद सरल है। सबसे पहले अपने वॉलेट का बैलेंस चेक करें और उसे तुरंत रिचार्ज करें, क्योंकि ज्यादातर मामलों में सिर्फ रिचार्ज करने से ही टैग फिर से एक्टिव हो जाता है। अगर फिर भी बात न बने, तो अपने बैंक ऐप में जाकर KYC स्टेटस चेक करें और जरूरी दस्तावेज (जैसे आधार या गाड़ी की RC) अपडेट करें। यदि इन सब के बाद भी टैग काम नहीं कर रहा, तो संबंधित बैंक के कस्टमर केयर पर कॉल करके ‘री-एक्टिवेशन’ की रिक्वेस्ट दर्ज कराएं।









