Tags

JEE 2026 Rank Analysis: IIT और NIT में B.Tech CSE सीट के लिए कितनी रैंक है जरूरी? जानें टॉप कॉलेजों का ‘सेफ जोन’ कटऑफ

क्या आपका सपना IIT या NIT से कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग करना है? जानें 2026 के कड़े मुकाबले में आपके लिए 'सेफ ज़ोन' स्कोर क्या होगा। टॉप कॉलेजों की ओपनिंग-क्लोजिंग रैंक और कैटेगरी-वाइज कटऑफ का पूरा विश्लेषण यहाँ देखें, ताकि आपकी एक गलती से पक्की सीट न छूट जाए।

By Pinki Negi

JEE 2026 Rank Analysis: IIT और NIT में B.Tech CSE सीट के लिए कितनी रैंक है जरूरी? जानें टॉप कॉलेजों का 'सेफ जोन' कटऑफ।
JEE 2026 Rank Analysis

जेईई (JEE) परीक्षा पास करने वाले ज्यादातर छात्रों का सपना बीटेक कंप्यूटर साइंस (CSE) में एडमिशन लेना होता है। इस ब्रांच की लोकप्रियता की सबसे बड़ी वजह यहाँ मिलने वाले नौकरियों के बेहतरीन अवसर और करोड़ों के सैलरी पैकेज हैं।

जेईई एडवांस्ड के टॉपर्स की पहली कोशिश IIT बॉम्बे या अन्य प्रतिष्ठित IIT में सीएसई सीट पाने की होती है। यदि IIT में दाखिला नहीं मिल पाता, तो छात्र NIT का रुख करते हैं, जहाँ जेईई मेन के स्कोर पर एडमिशन मिलता है। NIT के छात्रों का प्लेसमेंट भी बेहद शानदार रहता है और कई बार उनका पैकेज एक करोड़ रुपये से भी ऊपर निकल जाता है। यही कारण है कि कंप्यूटर साइंस आज के समय की सबसे डिमांडिंग इंजीनियरिंग ब्रांच बन गई है।

JEE Main पर्सेंटाइल और रैंक का गणित

जेईई मेन की परीक्षा के बाद छात्रों के मन में सबसे बड़ा सवाल पर्सेंटाइल और रैंक को लेकर होता है। आपके पर्सेंटाइल के आधार पर आपकी संभावित रैंक क्या होगी, इसे समझना एडमिशन प्रोसेस के लिए बहुत जरूरी है। अगर आपका पर्सेंटाइल 99.9 से ऊपर है, तो आप देश के टॉप 100 छात्रों में शामिल हो सकते हैं।

वहीं, 99.0 से 99.5 पर्सेंटाइल के बीच आपकी रैंक 500 से 2,000 के दायरे में रहने की संभावना है। जैसे-जैसे पर्सेंटाइल घटता है, रैंक का दायरा बढ़ता जाता है; उदाहरण के तौर पर 93.0 से 95.0 पर्सेंटाइल के बीच रैंक 25,000 से 45,000 तक जा सकती है। यह अनुमानित डेटा छात्रों को यह समझने में मदद करता है कि उन्हें किस एनआईटी (NIT) या कॉलेज में मनचाही ब्रांच मिल सकती है।

JEE एडवांस्ड और टॉप IITs

जेईई एडवांस्ड क्रैक करने के बाद JoSAA काउंसलिंग के माध्यम से टॉप टियर कॉलेजों में दाखिला मिलता है। डेटा ट्रेंड्स के अनुसार, 99.9+ पर्सेंटाइल (टॉप 100 रैंक) वाले छात्रों की पहली पसंद IIT बॉम्बे, दिल्ली और मद्रास जैसे संस्थान होते हैं। वहीं, 99.5+ पर्सेंटाइल (टॉप 500 रैंक) हासिल करने वाले छात्र IIT कानपुर, खड़गपुर और रुड़की जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में जगह बना सकते हैं। यदि आपकी रैंक 2,000 के अंदर है (99.0+ पर्सेंटाइल), तो IIT हैदराबाद में कंप्यूटर साइंस (CSE) या अन्य टॉप IITs में कोर ब्रांचेज मिलने की प्रबल संभावना रहती है। यह रैंकिंग एलीट संस्थानों में प्रवेश के लिए एक बेंचमार्क की तरह काम करती है।

टॉप एनआईटी और ट्रिपल आईटी में प्रवेश

जेईई मेन में शानदार प्रदर्शन करने वाले छात्रों के लिए देश के हाई-रैंकिंग एनआईटी और ट्रिपल आईटी बेहतरीन विकल्प होते हैं। अगर आपका स्कोर 98-99 पर्सेंटाइल (2k–5k रैंक) के बीच है, तो आप एनआईटी त्रिची, सूरतकल या वारंगल जैसे टॉप कॉलेजों में कंप्यूटर साइंस (CSE) या आईटी ब्रांच पा सकते हैं।

97-98 पर्सेंटाइल (5k–10k रैंक) वालों के लिए एनआईटी राउरकेला, कालीकट और इलाहाबाद जैसे संस्थान प्रमुख विकल्प हैं। वहीं, 96-97 पर्सेंटाइल लाने वाले छात्र IIIT बैंगलोर, पुणे या ग्वालियर में एडमिशन की उम्मीद कर सकते हैं। ध्यान रहे कि IIIT बैंगलोर की अपनी अलग एडमिशन प्रक्रिया है, लेकिन वहां भी चयन का मुख्य आधार जेईई मेन स्कोर ही होता है।

मिड-टियर NIT और IIIT में एडमिशन

अगर आपका जेईई मेन स्कोर टॉप टियर रैंक में नहीं आ पाया है, तो भी मिड-टियर एनआईटी और ट्रिपल आईटी बेहतरीन करियर विकल्प प्रदान करते हैं। 95–96 पर्सेंटाइल (15k–25k रैंक) हासिल करने वाले छात्रों के लिए एनआईटी जालंधर, दुर्गापुर और सिलचर जैसे संस्थानों में अच्छी ब्रांचेज मिलने की पूरी संभावना रहती है।

93–95 पर्सेंटाइल (25k–45k रैंक) वाले छात्र IIIT ऊना, कोटा और कल्याणी जैसे तेजी से उभरते संस्थानों को चुन सकते हैं। वहीं, 90–93 पर्सेंटाइल (45k–75k रैंक) के दायरे में आने वाले छात्रों के लिए जीएफटीआई (GFTI) और अपने गृह राज्य के एनआईटी (State Quota NITs) में सीटें सुरक्षित करना एक समझदारी भरा फैसला होता है।

कैटेगरी के अनुसार JEE मेन का लाभ

जेईई मेन में मिलने वाले रिजर्वेशन के कारण अलग-अलग श्रेणियों के छात्रों के लिए कंप्यूटर साइंस (CSE) पाने के रास्ते अलग-अलग होते हैं। जनरल कैटेगरी के छात्रों को टॉप एनआईटी में सीएसई के लिए आमतौर पर 97 पर्सेंटाइल से ऊपर स्कोर करना पड़ता है।

वहीं, OBC-NCL और EWS श्रेणी के छात्र 94 से 97 पर्सेंटाइल के बीच इस ब्रांच की उम्मीद कर सकते हैं। आरक्षित श्रेणियों के लिए अवसर और भी सुलभ हैं; जहाँ SC श्रेणी के छात्र 60-63 पर्सेंटाइल के आसपास मिड-लेवल एनआईटी में सीएसई पा सकते हैं, वहीं ST श्रेणी के छात्र 47-50 पर्सेंटाइल पर भी चुनिंदा एनआईटी में सीट सुरक्षित कर सकते हैं। यह तुलनात्मक डेटा छात्रों को अपनी कैटेगरी के अनुसार सही लक्ष्य तय करने में मदद करता है।

JEE Main काउंसलिंग के नियम

जेईई मेन की परीक्षा में केवल क्वालिफाई कर लेने का मतलब यह नहीं है कि आपका एडमिशन पक्का हो गया है। कट-ऑफ क्लियर करने से आप केवल काउंसलिंग के लिए पात्र (Eligible) होते हैं, जबकि कंप्यूटर साइंस (CSE) जैसी डिमांडिंग ब्रांच का मिलना आपकी रैंक और उपलब्ध सीटों पर निर्भर करता है।

अक्सर टॉप एनआईटी में सीएसई की सीटें क्वालिफाइंग रैंक से काफी पहले ही भर जाती हैं, इसलिए छात्रों को हमेशा न्यूनतम कट-ऑफ से 2-3 पर्सेंटाइल ज्यादा का लक्ष्य रखना चाहिए। इसके अलावा, यह याद रखना जरूरी है कि IIT में दाखिले के लिए जेईई एडवांस्ड अनिवार्य है; जेईई मेन की रैंक सीधे आईआईटी में प्रवेश नहीं दिलाती।

Author
Pinki Negi
GyanOK में पिंकी नेगी बतौर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं। पत्रकारिता में उन्हें 7 वर्षों से भी ज़्यादा का अनुभव है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत साल 2018 में NVSHQ से की थी, जहाँ उन्होंने शुरुआत में एजुकेशन डेस्क संभाला। इस दौरान पत्रकारिता के क्षेत्र में नए-नए अनुभव लेने के बाद अमर उजाला में अपनी सेवाएं दी। बाद में, वे नेशनल ब्यूरो से जुड़ गईं और संसद से लेकर राजनीति और डिफेंस जैसे कई महत्वपूर्ण विषयों पर रिपोर्टिंग की। पिंकी नेगी ने साल 2024 में GyanOK जॉइन किया और तब से GyanOK टीम का हिस्सा हैं।

अभी-अभी मोदी का ऐलान

हमारे Whatsaap ग्रुप से जुड़ें