
योगी सरकार इस होली उत्तर प्रदेश के किसानों को खेती की मशीनों पर भारी सब्सिडी (अनुदान) देकर बड़ी राहत देने जा रही है। यूपी कृषि विभाग ने इसके लिए बुकिंग प्रक्रिया शुरू कर दी है, जो 4 मार्च तक जारी रहेगी। जो किसान खेती के आधुनिक यंत्र सस्ते में खरीदना चाहते हैं, वे विभाग की आधिकारिक वेबसाइट www.agridarshan.up.gov.in पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। सरकार की इस पहल का मुख्य उद्देश्य किसानों की लागत कम करना और त्योहार के अवसर पर उन्हें खेती के लिए बेहतर संसाधन उपलब्ध कराकर समृद्ध बनाना है।
इन मशीनों पर पायें भारी सरकारी छूट
उत्तर प्रदेश के किसान भाई अब 4 मार्च तक विभिन्न सरकारी योजनाओं के तहत आधुनिक खेती के उपकरणों के लिए आवेदन कर सकते हैं। ‘सब मिशन ऑन एग्रीकल्चरल मैकेनाइजेशन’ और ‘फसल अवशेष प्रबंधन’ जैसी योजनाओं के जरिए कृषि ड्रोन, फार्म मशीनरी बैंक, और फसल अवशेष प्रबंधन की मशीनों पर भारी सब्सिडी दी जा रही है।
इसके अलावा, ‘त्वरित मक्का विकास कार्यक्रम’ के तहत मेज सेलर और बैच ड्रायर जैसे विशेष उपकरणों के लिए भी बुकिंग खुली है। यह योजना किसानों को तकनीक से जोड़कर उनकी आय बढ़ाने और पराली प्रबंधन जैसी समस्याओं को हल करने का एक बड़ा अवसर प्रदान करती है।
कैसे करें कृषि यंत्रों की ऑनलाइन बुकिंग और सब्सिडी के लिए आवेदन
अगर आप भी सरकारी अनुदान पर खेती की मशीनें खरीदना चाहते हैं, तो इसकी प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन है। किसानों को कृषि विभाग की आधिकारिक वेबसाइट www.agridarshan.up.gov.in पर जाकर ‘किसान कॉर्नर’ में ‘यंत्र बुकिंग प्रारंभ’ विकल्प पर क्लिक करना होगा।
बुकिंग कन्फर्म होने के बाद एक महत्वपूर्ण शर्त यह है कि आपको 10 दिनों के भीतर वह यंत्र खरीदकर उसकी रसीद और फोटो वेबसाइट या upyantratraking.in पोर्टल पर अपलोड करनी होगी। यंत्रों की कीमतों, मिलने वाली छूट और पात्रता से जुड़ी सभी जानकारियां पोर्टल पर उपलब्ध हैं। यह प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी है ताकि पात्र किसानों को सीधा लाभ मिल सके।
2017 से अब तक 3 लाख यंत्रों का वितरण, जानें 2026 के ताजा आंकड़े
उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा किसानों को आधुनिक बनाने के प्रयास धरातल पर दिखने लगे हैं। साल 2017-18 से लेकर 2025 तक प्रदेश में लगभग 3 लाख कृषि यंत्रों का वितरण किया जा चुका है, जिसमें 2.31 लाख व्यक्तिगत यंत्र और 8,405 कस्टम हायरिंग सेंटर शामिल हैं।
तकनीक को बढ़ावा देने के लिए 7,351 फॉर्म मशीनरी बैंक भी स्थापित किए गए हैं। वहीं, चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 की बात करें, तो जनवरी तक ही पोर्टल पर 7,777 नए कृषि यंत्रों, 51 कस्टम हायरिंग सेंटरों और 64 फॉर्म मशीनरी बैंकों के बिल अपलोड किए जा चुके हैं। ये आंकड़े दर्शाते हैं कि यूपी के किसान अब पारंपरिक खेती छोड़ मशीनीकरण की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं।









