
उत्तर प्रदेश के करोड़ों वाहन मालिकों और चालकों के लिए राहत भरी खबर है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सरकार ने परिवहन विभाग में क्रांतिकारी बदलाव करते हुए मोटरयान नियमावली, 1989 में महत्वपूर्ण संशोधन लागू कर दिया है। अब ड्राइविंग लाइसेंस (DL) में जन्मतिथि सुधार, पुराने वाहन का फैंसी नंबर नए वाहन में ट्रांसफर करने और परमिट के अस्थायी उपयोग बंद करने जैसी तीन प्रमुख सेवाएं पूरी तरह ऑनलाइन उपलब्ध हो गई हैं। RTO के चक्कर लगाने की मजबूरी खत्म होने से लाखों लोग समय और पैसे दोनों बचा सकेंगे।
नई व्यवस्था का आधार: सारथी और वाहन पोर्टल
यह नई व्यवस्था सारथी (Sarathi) और वाहन (VAHAN) पोर्टल के जरिए लागू हो रही है, जो पहले से ही टैक्स भुगतान, RC डाउनलोड और मोबाइल नंबर अपडेट जैसी सेवाएं प्रदान कर रहे थे। परिवहन विभाग के संशोधित नियमों के तहत DL में जन्मतिथि गलत होने पर आवेदक को अब कहीं जाने की जरूरत नहीं। वह sarathi.parivahan.gov.in पर लॉगिन कर आवेदन भर सकता है। इसके लिए हाईस्कूल प्रमाणपत्र, जन्म प्रमाणपत्र या जिला मुख्य चिकित्सा अधिकारी द्वारा जारी प्रमाणपत्र अपलोड करना होगा। आवेदन सत्यापन के बाद सुधार स्वतः DL में जुड़ जाएगा, जिससे वर्षों पुरानी समस्या का समाधान हो गया है।
फैंसी नंबर पोर्टिंग की सुविधा
दूसरी बड़ी सुविधा है फैंसी नंबर पोर्टिंग। अगर आपका पुराना वाहन बिक गया या स्क्रैप हो गया, तो उसका आकर्षक नंबर नए वाहन पर ट्रांसफर करा सकते हैं। वाहन पोर्टल (vahan.parivahan.gov.in) पर आवेदन करने मात्र से प्रमाणपत्र जारी हो जाएगा। महत्वपूर्ण बात यह है कि ट्रांसफर नए वाहन की खरीद के एक वर्ष के भीतर ही करना अनिवार्य है। यदि समयसीमा बीत गई, तो पुराना नंबर निरस्त मान लिया जाएगा। इससे वाहन प्रेमी अपने पसंदीदा नंबर को संजो सकेंगे, बिना किसी परेशानी के।
परमिट गैर-उपयोग और अन्य लाभ
तीसरी सुविधा परमिट के अस्थायी गैर-उपयोग की है। वाहन मालिक जो परमिट को अस्थायी रूप से निष्क्रिय रखना चाहते हैं, वे ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। यह खासतौर पर वे जो वाहन लंबे समय के लिए इस्तेमाल न करें, उनके लिए उपयोगी है। ये सभी प्रक्रियाएं फेसलेस, पेपरलेस और कैशलेस हैं, जो आधार-आधारित सत्यापन से तेजी से पूरी होंगी। पहले ये काम RTO विजिट, लंबी कतारें और ब्रोकरों के चक्कर में उलझ जाते थे, लेकिन अब पारदर्शिता बढ़ गई है।
कार्यान्वयन और जागरूकता
परिवहन विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि यह संशोधन सरकारी राजपत्र में प्रकाशित होते ही प्रभावी हो गया है। UP के 75 जिलों में फैले 1.5 करोड़ से अधिक वाहनों के मालिकों को इससे सीधी लाभ मिलेगा। मेरठ, कानपुर, लखनऊ जैसे शहरों में जहां ट्रैफिक और भीड़ रहती है, वहां यह सुविधा वरदान साबित होगी। विभाग ने हेल्पलाइन 1070 भी शुरू की है, जहां 24×7 सहायता उपलब्ध है। हालांकि, उपयोगकर्ताओं को सलाह दी जाती है कि वे केवल आधिकारिक पोर्टल्स का ही इस्तेमाल करें, ताकि धोखाधड़ी से बच सकें।
डिजिटल इंडिया की दिशा में बड़ा कदम
यह कदम डिजिटल इंडिया की दिशा में UP सरकार का बड़ा प्रयास है। पहले 9 सेवाएं ऑनलाइन होने के बाद अब ये तीन अतिरिक्त सुविधाएं जोड़ी गई हैं, जिससे राज्य परिवहन सेवा देश में सबसे अग्रणी बन गई है। वाहन मालिकों में खुशी की लहर है, क्योंकि अब घर के सोफे पर बैठे ये बड़े काम हो जाएंगे।









