
उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने पिछड़ा वर्ग (OBC) के छात्रों को बड़ी राहत देते हुए कक्षा 9 और 10 की स्कॉलरशिप राशि में बढ़ोतरी कर दी है। अब इन छात्रों को सालाना 2250 रुपये के बजाय 3000 रुपये की छात्रवृत्ति मिलेगी। राज्यमंत्री नरेंद्र कश्यप ने इस फैसले का श्रेय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को देते हुए बताया कि इस योजना से प्रदेश के लगभग 38 लाख छात्रों को सीधा फायदा होगा। सरकार के इस कदम का मुख्य उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों की पढ़ाई में मदद करना है, ताकि वे बिना किसी वित्तीय बाधा के अपनी शिक्षा जारी रख सकें।
UP स्कॉलरशिप में बना नया रिकॉर्ड
राज्यमंत्री नरेंद्र कश्यप ने जानकारी दी है कि उत्तर प्रदेश के इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ है कि पिछड़ा वर्ग का एक भी पात्र छात्र स्कॉलरशिप से वंचित नहीं रहा है। योगी सरकार ने पुरानी व्यवस्था को बदलते हुए अब स्कॉलरशिप के लिए 31 मार्च (वित्तीय वर्ष के अंत) का इंतजार करना खत्म कर दिया है।
साल 2025 में स्कॉलरशिप का वितरण 25 सितंबर से ही शुरू कर दिया गया था, जिसके तहत अब तक लगभग 20 लाख छात्र-छात्राओं के खातों में समय से पहले पैसे भेजे जा चुके हैं। इस बदलाव का उद्देश्य छात्रों को पढ़ाई के शुरुआती सत्र में ही आर्थिक मदद पहुँचाना है।
अब ₹2.5 लाख आय वाले परिवारों के बच्चों को भी मिलेगी मदद
योगी सरकार ने छात्रवृत्ति योजना का दायरा बढ़ाते हुए अभिभावकों की वार्षिक आय सीमा को 2 लाख रुपये से बढ़ाकर 2.5 लाख रुपये कर दिया है। इस बड़े बदलाव से अब उन लाखों अतिरिक्त छात्रों को लाभ मिल सकेगा जो पहले आय सीमा की वजह से आवेदन नहीं कर पाते थे। इसके साथ ही, कक्षा 9 और 10 (पूर्वदशम) के छात्रों की छात्रवृत्ति राशि भी 2250 रुपये से बढ़ाकर 3000 रुपये कर दी गई है। सरकार का अनुमान है कि वर्ष 2026-27 के सत्र तक प्रदेश के लगभग 38 लाख विद्यार्थी इस बढ़ी हुई राशि और नई आय सीमा का लाभ उठा सकेंगे।
पेंशन राशि बढ़कर हुई ₹1500, बजट में भी भारी बढ़ोतरी
उत्तर प्रदेश के दिव्यांगजन सशक्तिकरण मंत्री नरेंद्र कश्यप ने विभाग की उपलब्धियों को साझा करते हुए बताया कि अब दिव्यांग पेंशन की राशि 1000 रुपये से बढ़ाकर 1500 रुपये प्रतिमाह होने जा रही है। उन्होंने गौर करने वाली बात यह बताई कि साल 2017 से पहले यह पेंशन केवल 300 रुपये थी, जिसे योगी सरकार ने लगातार बढ़ाते हुए अब पाँच गुना कर दिया है। सरकार ने इस योजना के लिए 1400 करोड़ रुपये से अधिक का भारी-भरकम बजट आवंटित किया है, ताकि प्रदेश के लाखों दिव्यांगजनों को समय पर आर्थिक मदद मिल सके और वे आत्मनिर्भर जीवन जी सकें।
दिव्यांग छात्राओं को मिलेगी फ्री ई-ट्राईसाइकिल
योगी सरकार ने दिव्यांग छात्राओं की राह आसान करने के लिए 60 करोड़ रुपये की एक नई योजना शुरू की है, जिसके तहत उन्हें मुफ्त ई-ट्राईसाइकिल (E-Tricycle) दी जाएगी। इसके अलावा, मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल और कृत्रिम अंग वितरण जैसी पुरानी योजनाएं भी जारी रहेंगी। एक और ऐतिहासिक फैसले में, चित्रकूट स्थित दिव्यांग विश्वविद्यालय (लागत लगभग 500 करोड़ रुपये) को अब राज्य सरकार ने अपने नियंत्रण में ले लिया है। इस कदम से प्रदेश के दिव्यांग युवाओं को उच्च शिक्षा के बेहतर अवसर मिलेंगे और उनके बौद्धिक विकास को एक नई पहचान मिलेगी।









