
होली के रंग-बिरंगे उत्साह के बीच मौसम ने करवट ले ली है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आज से उत्तर भारत के कई राज्यों में हल्की से मध्यम बारिश, ओलावृष्टि और तेज हवाओं का रेड अलर्ट जारी किया है। वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के प्रभाव से पश्चिमी उत्तर प्रदेश के 45 जिलों समेत दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा, पंजाब और राजस्थान के कुछ हिस्सों में मौसम खराब होने का खतरा मंडरा रहा है। किसानों के लिए यह चेतावनी बेहद गंभीर है, क्योंकि रबी फसलों पर ओलों का कहर टूट सकता है।
होली का त्योहार कल से शुरू हो रहा है, लेकिन मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक 2-4 मार्च तक तूफानी हवाएं (30-50 किमी/घंटा) और छिटपुट बारिश रंगोत्सव पर पानी फेर सकती है। दिल्ली में अधिकतम तापमान 31 डिग्री तक गिर सकता है, जबकि यूपी के नोएडा, गाजियाबाद, मेरठ जैसे जिलों में ऑरेंज अलर्ट है। राजस्थान में अभी हीटवेव जैसी गर्मी (35-36°C) का दौर चल रहा है, लेकिन होली तक राहत मिलने की उम्मीद है। पहाड़ी राज्यों जैसे जम्मू-कश्मीर, हिमाचल और उत्तराखंड में बर्फबारी संभव है।
किसानों के लिए खतरे की घंटी
रबी सीजन में गेहूं, सरसों, चना और आलू जैसी फसलें ओलावृष्टि से सबसे ज्यादा प्रभावित होंगी। विशेषज्ञों के अनुसार, ओले फसल की फलियों को चूर-चूर कर सकते हैं, जिससे किसानों को लाखों का नुकसान हो सकता है। उत्तर प्रदेश और हरियाणा के मैदानी इलाकों में अतिरिक्त नमी से फफूंद का खतरा भी बढ़ेगा। IMD ने किसानों को सलाह दी है: फसलों को प्लास्टिक शीट से ढकें, खेतों की निगरानी करें और कृषि हेल्पलाइन 1800-180-1551 पर संपर्क करें। पिछले साल इसी तरह की घटनाओं से उत्तर भारत में 500 करोड़ का नुकसान हुआ था।
मौसम वैज्ञानिक डॉ. अतुल कुमार सिंह ने बताया, “पश्चिमी विक्षोभ 2 मार्च से सक्रिय हो रहा है। इसका असर मैदानी इलाकों तक पहुंचेगा, लेकिन तीव्रता कम रहेगी।” बिहार में साफ मौसम रहेगा, तापमान 31°C तक चढ़ेगा, जबकि दक्षिण भारत सामान्य रहेगा।
होली पर असर और सावधानियां
होलिका दहन आज रात (2 मार्च) है, लेकिन तेज हवाओं से आग का खतरा बढ़ सकता है। धुलंडी (4 मार्च) पर रंग खेलते समय बारिश से फिसलन का डर है। दिल्ली में धूल भरी हवाएं चलेंगी, जिससे प्रदूषण स्तर प्रभावित होगा। पर्यटक स्थलों जैसे मसूरी-नैनीताल में ठंड बढ़ेगी।
लोगों से अपील है: बाहर निकलते समय छाता रखें, ड्राइविंग सतर्क रहें और मौसम ऐप चेक करें। सरकार ने किसानों के लिए बीमा क्लेम प्रक्रिया तेज करने के निर्देश दिए हैं। कुल मिलाकर, होली का जश्न सतर्कता के साथ मनाएं। यह मौसम परिवर्तन जलवायु परिवर्तन का संकेत भी है।









