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अगर आपके पास पुरानी BS4 गाड़ी है तो हो जाएं सावधान! ये 4 गलतियां पड़ सकती हैं जेब पर भारी।

1 अप्रैल 2025 से सिर्फ E20 पेट्रोल मिलेगा, BS4 मालिक सावधान! बिना जांच E20 भरना इंजन जाम करेगा, रखरखाव नजरअंदाज से चालान-ओवरहीटिंग, गलत ऑयल से पार्ट्स घिसाव, दिल्ली यात्रा पर फाइन। नियमित सर्विस, ऐडिटिव्स और PUC अपडेट रखें वरना लाखों का नुकसान।

By Pinki Negi

not using bs6 vehicle then after 1 april your car bike is in trouble know the reason

भारत के सड़कों पर दौड़ रही करोड़ों BS4 और उससे पुरानी गाड़ियों के मालिकों के लिए केंद्र सरकार की E20 पेट्रोल नीति चेतावनी की घंटी बजा रही है। 1 अप्रैल 2025 से पूरे देश में सिर्फ E20 पेट्रोल (20% इथेनॉल मिश्रित) ही उपलब्ध होगा, जिसके बाद BS6 नॉन-कम्प्लायंट वाहनों में इंजन क्षति, माइलेज ह्रास और भारी मरम्मत खर्च की आशंका बढ़ गई है।

BS6 स्टैंडर्ड लागू होने के बाद दिल्ली-NCR जैसे प्रदूषण संवेदी क्षेत्रों में GRAP-4 के तहत BS4 गाड़ियों पर पहले ही प्रवेश प्रतिबंध लग चुका है। अब E20 फ्यूल ने चुनौतियों को कई गुना कर दिया है। विशेषज्ञ चेताते हैं कि अनजाने में की जाने वाली चार सामान्य गलतियां लाखों रुपये का नुकसान पहुंचा सकती हैं।

ईंधन नीति का नया संकट

भारतीय ऑटो बाजार में BS6 के बाद ईंधन गुणवत्ता में क्रांतिकारी बदलाव आया है। E20 पर्यावरण-अनुकूल है, लेकिन पुरानी BS4 पेट्रोल-डीजल गाड़ियों के इंजन इसके उच्च इथेनॉल कंटेंट से असंगत साबित हो रहे हैं। दिल्ली में BS4 वाहनों को शहर सीमा में घुसने की इजाजत नहीं, और पंपों पर केवल E20 मिलेगा। इससे मालिकों को वैकल्पिक रूट अपनाने पड़ रहे हैं, जो ईंधन और समय बर्बाद कर रहा है। आइए जानें वे चार घातक गलतियां जिनसे बचना जरूरी है।

गलती नंबर 1: बिना जांच E20 पेट्रोल भरना

BS4 इंजन E20 के इथेनॉल से फ्यूल इंजेक्शन सिस्टम में जमावट पैदा करते हैं। इंजेक्टर्स जाम हो जाते हैं, ऑक्सीजन सेंसर्स फेल होते हैं, और ECU गलत डेटा पर इंजन चलाता है। नतीजा: स्टार्टिंग में झटके, पिकअप में 25-30% कमी, माइलेज घटी। डीजल BS4 में BS6/E20 फ्यूल से इंजेक्टर ब्लॉकेज मरम्मत में 50,000-1 लाख खर्च। समाधान: Liqui Moly जैसे ऐडिटिव्स डालें या BS4-कम्पैटिबल फ्यूल खोजें। लगातार उपयोग इंजन को स्थायी क्षति पहुंचा सकता है।

गलती नंबर 2: रखरखाव और PUC की उपेक्षा

Vahan पोर्टल पर RC चेक न करने से GRAP नियम उल्लंघन होता है, PUC अमान्य होने पर 10,000 चालान। E20 कार्बन जमाता है, जो DPF-विहीन पुरानी डीजल गाड़ियों के एग्जॉस्ट को ब्लॉक कर पॉल्यूशन बढ़ाता है। पिकअप कम, ओवरहीटिंग। हर 2000-3000 किमी पर एयर/ऑयल फिल्टर, स्पार्क प्लग न बदलने से इंटरनल पार्ट्स घिसते हैं। समय पर सर्विसिंग न कराना 40% अतिरिक्त खर्च लाता है।

गलती नंबर 3: अनुपयुक्त ऑयल और फिल्टर्स

कम सल्फर E20 से BS4 इंजनों में लुब्रिकेशन कमजोर पड़ता है। गलत ग्रेड ऑयल से पिस्टन-वाल्व घिसाव तेज, एयर फिल्टर्स चोक। इंजन गर्मी से लाइफ छोटी। फ्यूल पंप, कूलिंग सिस्टम अनदेखा करने से छोटी दिक्कत बड़ा संकट। सही SAE ग्रेड ऑयल और नियमित फिल्टर चेंज जरूरी।

गलती नंबर 4: दिल्ली-NCR में बिना प्लानिंग यात्रा

BS4 गाड़ी दिल्ली लाने पर जब्ती/फाइन। पंपों पर संगत फ्यूल न मिलने से परेशानी। लंबी यात्रा में रूट चेंज न करना ईंधन दोहरा खर्च। CNG किट या BS6 अपग्रेड पर विचार करें।

विशेषज्ञ सलाह और समाधान

वाहन विशेषज्ञ सलाह देते हैं: नियमित सर्विस, ऐडिटिव्स, PUC अपडेट। सरकार की सब्सिडी स्कीम्स (सोलर, CNG) ट्रैक करें। ये उपाय जेब बचाएंगे और सुरक्षा सुनिश्चित करेंगे। अन्यथा, E20 युग में पुरानी गाड़ियां बोझ बन जाएंगी।

Author
Pinki Negi
GyanOK में पिंकी नेगी बतौर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं। पत्रकारिता में उन्हें 7 वर्षों से भी ज़्यादा का अनुभव है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत साल 2018 में NVSHQ से की थी, जहाँ उन्होंने शुरुआत में एजुकेशन डेस्क संभाला। इस दौरान पत्रकारिता के क्षेत्र में नए-नए अनुभव लेने के बाद अमर उजाला में अपनी सेवाएं दी। बाद में, वे नेशनल ब्यूरो से जुड़ गईं और संसद से लेकर राजनीति और डिफेंस जैसे कई महत्वपूर्ण विषयों पर रिपोर्टिंग की। पिंकी नेगी ने साल 2024 में GyanOK जॉइन किया और तब से GyanOK टीम का हिस्सा हैं।

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